होम लोन का चुनाव करने से पहले आपको कुछ बातों का अच्छी तरह से अध्ययन करना चाहिए जैसे कि यह अच्छा सौदा है कि नहीं, अन्य बैंको द्वारा दिए जाने वाले लोन से तुलना करनी चाहिए, बैंक से समझौते और स्पष्टीकरण की मांग आदि करना चाहिए। ऐसा करके आप अपने हजारों रूपये बचा सकते हैं।

1) ब्याज दर: बैंक से उसकी वर्तमान में होम लोन पर लगने वाली ब्याज दर के बारे में पूछें तथा साथ ही साथ यह भी पूछें कि ब्याज की दर फिक्स्ड (स्थिर) है या फ्लोटिंग (चलायमान)। याद रखें कि जब अर्थव्यवस्था में ब्याज दर ऊपर जाती है तब फ्लोटिंग दर भी बढ़ती है जिसके कारण आपकी मासिक किश्त भी बढ़ती है।
यदि बैंक फ्लोटिंग रेट (ब्याज दर) की पेशकश कर रहा है तो इस बात का पता लगायें कि आपकी ब्याज दर तथा ऋण का भुगतान किस प्रकार बदलेंगे। इसके अलावा इस बात को भी जान लें कि जब ब्याज की दर कुछ प्रतिशत कम होगी तो आपके ऋण के भुगतान में कितनी कमी आयेगी।
बैंक से यह भी पूछे कि आपका फ्लोटिंग होम लोन तथा सूचकांक के के अद्यतन की अवधि किस तरह संदर्भित या जुड़ी हुई है। इसके अलावा बैंक से पूछें कि सूचकांक आंतरिक है या बाह्य है तथा यह भी देखें कि यह कब और कहाँ प्रकाशित हुआ। लोन की वार्षिक प्रतिशत दर (एपीआर) के बारे में भी पूछें।
2) रिसेट (पुन: प्रारंभ करना) करने की शर्ते
रिसेट की शर्तों की जांच करें। विशेष रूप से तब जब ऋण फिक्स्ड ब्याज दर पर लिया गया हो क्योंकि ऋण की पूरी अवधि के दौरान ब्याज दर फिक्स्ड नहीं रहती।
3) क्रय विक्रय दरों का अंतर/ अधिकतम मूल्य निर्धारित करना
इस बात की भी जांच करें कि फ्लोटिंग दर के मामले में मार्जिन (अतिरिक्त राशि) निश्चित राशि या परिवर्ती राशि। आपको ब्याज की दर के अनुसार भुगतान करना होगा।
4) शुल्क: होम लोन के साथ कई प्रकार के शुल्क भी देने होते हैं जैसे ऋण व्युत्पत्ति या प्रोसेसिंग शुल्क, प्रशासनिक शुल्क, दस्तावेज़ तैयार करने हेतु शुल्क, देर से भुगतान होने पर शुल्क आदि।
5) प्रत्येक ऋणदाता को अपने शुल्क का अनुमान देना चाहिए। इनमें से कई शुल्कों पर मोल भाव किया जा सकता है तथा बहुत से शुल्क माफ़ किये जा सकते हैं। पूछें कि प्रत्येक शुल्क में क्या शामिल है। कई बार अनेक घटक एक ही शुल्क में एकत्र कर दिए जाते हैं। यदि आप किसी शुल्क के बारे में समझ नहीं पा रहे हैं तो स्पष्टीकरण मांगें।
इस बात का भी ध्यान रखें कि इनमें से अधिकाँश शुल्कों पर समझौते किये जा सकते है! किसी भी शुल्क पर सहमति प्रदान करने से पहले बैंक के साथ मोल भाव करें। अन्य बैंकों द्वारा दी जाने वाली समावेशी दरों के साथ तुलना करें। जब आप अपना बजट निर्धारित करें तो स्टैम्प ड्यूटी तथा रजिस्ट्रेशन की राशि को शामिल करना न भूलें।
निष्कर्ष: ऋणदाता से डाउन पेमेंट की आवश्यकताओं के बारे में पूछे तथा उससे डाउन पेमेंट की राशि कम करने के लिए बातचीत करें। एक बार जब आप विभिन्न बैंकों की ब्याज दरों, शुल्क और डाउन पेमेंट आदि के बारे में जान जायेंगे तब आप सबसे उत्तम सौदे पर मोल भाव कर सकते हैं।
ऋणदाता को ऋण के साथ जुडी हुई सभी लागत लिखने के लिए कहें। उसके बाद बैंक से पूछे कि क्या बैंक अपने किसी शुल्क को माफ़ कर सकता है या ब्याज दर कम कर सकता है। आपने जो समझौते किये हैं यदि आप उनसे संतुष्ट हैं तो ऋण दाता से प्रस्ताव को लिखित रूप में ले लें तथा इसकी एक प्रति अपने पास रखें। साइन (हस्ताक्षर) करने से पहले प्रस्ताव पत्र को ध्यानपूर्वक पढ़ें।
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