RBI ने ग्राहकों को मुश्किलों से निजात दिलाने के लिए एक बैंकिंग कोड गठित किया है जिसे बैंकिंग कोड एंड स्टैंडर्ड बोर्ड ऑफ इंडिया (BCSBI) का नाम दिया गया है।
आप हर रोज बैंकिंग के काम-काज से दो चार होते हैं लेकिन बैंकिंग की ऐसी तमाम बातें है जो आप नहीं जानते हैं। बैंक में मिलने वाले आपके अधिकारों के बारे में आप भी ठीक से नहीं जानते होंगे। कई छोट-छोट काम है जैसे बैंक खाता खुलवाना, लोन लेना या फिर चेक जमा करना, ऐसे तमाम काम हैं जो जिन्हें लेकर आप परेशान रहते हैं। अब RBI ने ग्राहकों को मुश्किलों से निजात दिलाने के लिए एक बैंकिंग कोड गठित किया है जिसे बैंकिंग कोड एंड स्टैंडर्ड बोर्ड ऑफ इंडिया (BCSBI) का नाम दिया गया है। इसके जरिए ग्राहकों को तमाम अधिकार दिए गए हैं, जिनके बारे में हम आपको आगे विस्तार से बता रहे हैं।
अकाउंट खोलने का अधिकार
कोई भी बैंक आपका खाता खोलने से मना नहीं कर सकता है। आम तौर पर बैंक स्थाई पते का बहाना करके ग्राहकों को वापस भेज देते हैं लेकिन अब ऐसा नहीं है, देश के किसी भी इलाके में रहने वाला व्यक्ति बैंक में खाता खुलवा सकता है और बैंक इसके लिए मना नहीं कर सकता है।
पैसे भेजने का अधिकार
आप किसी भी बैंक से NEFT के जरिए किसी भी अन्य खाते में 50 हजार रुपए तक ट्रांसफर कर सकते हैं। इसके लिए जरूरी नहीं कि आपका उसी बैंक में खाता हो।
सूचना का अधिकार
यदि बैंक किसी भी तरह के नियम या करार में बदलाव करता है तो उसे 30 दिन पहले नोटिस भेजकर आपको सूचित करना होगा। यह अनिवार्य है।
खाते से हेरा-फेरी, अनाधिकृति निकासी
यदि आपके खाते से हेरा-फेरी या अनाधिकृति निकासी होती है तो इसके लिए ग्राहक दोषी नहीं है बल्कि इसकी पूरी जिम्मेदारी बैंक पर होती है और ना ही बैंक इसके लिए ग्राहक को दोषी ठहरा सकता है साथ ही इसे साबित करने की जिम्मेदारी बैंक की होगी ग्राहक की नहीं।
चेक कलेक्शन में देरी
यदि बैंक निर्धारित समय में चेक क्लियर नहीं करता है तो ग्राहक को मुआवजा पाने का अधिकार मिलता है। ग्राहक को मुआवजे की रकम साधारण ब्याज की दर के हिसाब से चुकाई जाती है।


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