क्या आपके पास भी कभी रिजर्व बैंक के पासे से बैंक खाता खुलवाने का ऑफर आया है या फिर आपको किसी बैंक की तरफ से रिजर्व बैंक क्रेडिट कार्ड ऑफर किया गया है?
क्या आपके पास भी कभी रिजर्व बैंक के पासे से बैंक खाता खुलवाने का ऑफर आया है या फिर आपको किसी बैंक की तरफ से रिजर्व बैंक क्रेडिट कार्ड ऑफर किया गया है, अगर आपके साथ ऐसा हुआ है तो आपको सावधान रहने की जरूरत है क्योंकि रिजर्व बैंक में न तो आम आदमी का खाता खोला जाता है और ना ही रिजर्व बैंक के नाम पर किसी तरह क्रेडिट कार्ड जारी किया जाता है। इस बारे में रिजर्व बैंक की तरफ से समय-समय चेतावनी भी जारी की जाती है।
रिजर्व बैंक की चेतावनी
RBI ने तमाम रिजर्व बैंक के नाम से चलने वाली फर्जी वेबसाइट्स को लेकर लोगों को आगाह किया है। भारतीय रिज़र्व बैंक के संज्ञान में आया है कि कुछ अज्ञात व्यक्तियों द्वारा http://www.rbi-inonline.org/savings.html पर फर्जी वेबसाइट बनाई गई है जो विभिन्न बैंकिंग सुविधाओं का प्रस्ताव करती है और आम जनता से "आरबीआई बचत खाता" खोलने के लिए ऑनलाइन आवेदन करने के लिए कहती है।
RBI का स्पष्टीकरण
रिज़र्व बैंक स्पष्ट करता है कि भारत के केंद्रीय बैंक के रूप में भारतीय रिज़र्व बैंक वाणिज्यिक बैंकों द्वारा उपलब्ध कराई जाने वाली सेवाओं जैसे बचत बैंक खाता, चालू बैंक खाता या क्रेडिट कार्डों का प्रस्ताव नहीं करता है। अतः रिज़र्व बैंक द्वारा फर्जी वेबसाइट पर दर्शाई गई ऑनलाइन बैंकिंग सेवा प्रदान करने का प्रश्न ही नहीं उठता है। रिज़र्व बैंक ने आम जनता को सावधान किया है कि वे फर्जी वेबसाइट पर झूठे प्रस्तावों का शिकार न बनें। रिज़र्व बैंक ने आम जनता को इस बात के लिए भी सावधान किया है कि उस वेबसाइट पर ऑनलाइन आवेदन करने का परिणाम अपनी महत्वपूर्ण व्यक्तिगत सूचना से समझौता करना हो सकता है जिसका उन्हें वित्तीय और अन्य हानि पहुंचाने के लिए दुरुपयोग किया जा सकता है।
RBI क्रेडिट कार्ड
भारतीय रिज़र्व बैंक ने आज अपने नाम पर धोखाधड़ी के नए रूप-रिज़र्व बैंक के नाम पर धोखेबाज व्यक्तियों द्वारा जारी क्रेडिट कार्ड के बारे में आमजनता को एक बार और सावधान किया। कार्यप्रणाली के बारे में बताते हुए रिज़र्व बैंक ने कहा कि भोली-भाली जनता को एक क्रेडिट कार्ड भेजा जाता है जिससे एक निश्चित सीमा तक, यद्यपि एक छोटी राशि बैंक खाते से निकाली जा सकती है। इस प्रकार पीड़ित व्यक्ति का विश्वास जीतने के बाद धोखेबाज व्यक्ति उसे उसी बैंक खाते में बड़ी राशि जमा करने के लिए कहते हैं। एकबार पैसा जमा कराने के बाद कार्ड काम करना बंद कर देता है और ऐसा अंतिम बार होता है जब कार्ड धारक (पीड़ित) को धोखेबाज व्यक्ति से फोन आता है।
फिशिंग ई-मेल से बचें
ऐसे प्रयासों के विरूद्ध चेतावनी देते हुए रिज़र्व बैंक ने बार-बार कहा है कि रिज़र्व बैंक भारत के केंद्रीय बैंक के रूप में बचत बैंक, चालू बैंक खाता, क्रेडिट कार्ड, डेबिट कार्ड, ऑनलाइन बैंकिंग सेवाओं या विदेशी मुद्रा में निधियां प्राप्त कर और धारण कर या बैंकिंग सेवाओं के किसी अन्य रूप में किसी व्यक्ति के साथ कोई कारोबार नहीं करता है। रिज़र्व बैंक ने व्याप्त अन्य प्रकार की धोखाधड़ियों की सूची बनाई हैं, जो निम्न हैं
- भारतीय रिज़र्व बैंक के अधिकारी के रूप में ई-मेल या फोन के माध्यम से बड़ी राशि के प्रस्ताव/लॉटरी जीतने की जानकारी।
- ऑनलाइन लेनदेन के लिए रिज़र्व बैंक की फर्जी वेबसाइट।
- ऐसी धोखाधड़ियों के विरूद्ध अपने बैंक खातों को सुरक्षित करने के नाम पर आमजनता को लुभाना, इसके लिए वे उन्हें इ-मेल के माध्यम से या इ-मेल में दिए गए लिंक पर क्लिक कर यूजर आईडी/पासवर्ड सहित बैंक खाते के ब्यौरे साझे करने के लिए कहते हैं।
फ्रॉड से बचें
रिज़र्व बैंक ने एक बार फिर से आम जनता को सावधान किया है कि ऐसे प्रस्तावों में फंसने के परिणामस्वरूप व्यक्ति अपनी महत्वपूर्ण व्यक्तिगत सूचना के साथ समझौता करता है जिस सूचना का उसे सीधे वित्तीय और अन्य प्रकार की हानि पहुंचाने के लिए दुरुपयोग किया जा सकता है। उन्हें अपने स्वयं के हित में किसी भी तरीके में ऐसे प्रस्तावों का जवाब देने से बचना चाहिए। इसके साथ ही उन्हें तत्काल पुलिस की साइबर अपराध शाखा में शिकायत दर्ज करानी चाहिए जिसका संपर्क ब्यौरा रिज़र्व बैंक की पहले जारी प्रेस प्रकाशनी (विदेश से पैसे के फर्जी प्रस्तावों के विरूद्ध स्थानीय पुलिस/साइबर अपराध प्राधिकारियों को शिकायत) में उपलब्ध है।


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