म्यूचुअल फंड्स में निवेश कैसे करें? अक्सर यह प्रश्न पूछा जाता है कि निवेश कब किया जाए और किस म्यूचुअल फंड में किया जाए। हमनें म्यूचुअल फंड में निवेश करने वाले उन निवेशकों के प्रश्नों का उत्तर देने की कोशिश की गई है जो म्यूचुअल फंड्स में पहली बार निवेश कर रहे हैं। संक्षेप में यह प्रारंभिक निवशकों के लिए एक गाइड की तरह है जो उन्हें बताएगा कि म्यूचुअल फंड में निवेश किस तरह किया जाए। आइये देखें:
म्यूचुअल फंड क्या है?
म्यूचुअल फंड निवेशकों से पैसा एकत्रित करता है और उस पैसे का निवेश वहां करता है जहाँ निवेशक चाहता है। अत: यदि एसबीआई म्यूचुअल फंड प्रारंभिक तौर पर निरंतर स्वरुप की इक्विटी स्कीम के साथ आता है तो इस स्कीम के लिए यह अपने निवेशकों से जो पैसा एकत्रित करता है वह स्वत: ही इक्विटी शेयरों में निवेश हो जाता है। अत: वह यूनिट जो 10 रूपये में जारी की गयी थी उसके मूल्य में बढ़त होगी यदि शेयर्स के मूल्य में उछाल आता है।
म्यूचुअल फंड को ऐसे समझें
जब ऐसा होता है तो इन यूनिट्स का कुल मूल्य जो 10 रूपये से शुरू हुआ था, बढ़ने लगता है। अत: यह 10 रूपये से बढ़कर 11 रूपये हो जाता है। वह निवेशक जिसने 10 रूपये में यूनिट खरीदी थी वह इसे म्यूचुअल फंड को 11 रूपये में बेच सकता है। क्योंकि यह निरंतर स्वरुप की योजना है अत: म्यूचुअल फंड कुल परिसंपत्ति मूल्य पर इकाईयों को लगातार बेच सकता है। अत: नया निवेशक जिसने वास्तविक रूप से 10 रूपये में इसे नहीं खरीदा था अब इसे 11 रूपये में खरीद सकता है।
निवेश करने से पहले किस चीज़ की आवश्यकता होती है?
निवेश प्रारंभ करने के लिए सबसे पहले आपको "केवायसी अनुरूप" होना चाहिए। इसमें आपको एड्रेस प्रूफ (घर के पते का प्रमाण), फोटो, जन्मतिथि का प्रमाण और निश्चित रूप से आपका पैन कार्ड जमा करना होता है। म्यूचुअल फंड्स में निवेश करने के लिए आप सीधे ब्रोकर से संपर्क कर सकते हैं या सीधे म्यूचुअल फंड हाउस से भी संपर्क कर सकते हैं। यहाँ हमें आपको म्यूचुअल फंड्स की सूची दी है जिसमें से आप चुनाव कर सकते हैं। जैसा कि पहले बताया गया है आप इक्विटी म्यूचुअल फंड चुन सकते हैं या डेट म्यूचुअल फंड चुन सकते हैं। हम आपको बताएँगे कि आपको किस तरह के म्यूचुअल फंड्स में निवेश करना चाहिए।
आपको किस तरह के म्यूचुअल फंड्स में निवेश करना चाहिए?
यदि आप युवा निवेशक हैं तो आप कई म्यूचुअल फंड स्कीम में निवेश कर सकते हैं। यदि आपने अभी अपना कैरियर प्रारंभ किया है तो आप इक्विटी फंड्स में निवेश कर सकते हैं जिसमें लोगों के 80 प्रतिशत पैसे का निवेश शेयर्स में किया जाता है। इसमें खतरा होता है। इसमें आपको न केवल अच्छे रिटर्न मिलते हैं बल्कि आपका पैसा भी डूब सकता है। हालाँकि दीर्घकालीन निवेश के हिसाब से बैंकों की तुलना में ये अच्छे रिटर्न देते हैं। युवा निवेशक इन स्कीम्स में निवेश कर सकते हैं क्योंकि वे जोखिम उठाने में सक्षम होते हैं। ऐसे निवेशक जिनकी उम्र 50, 60 वर्ष या उससे अधिक है उन्हें निश्चित रूप से डेट म्यूचुअल फंड्स में निवेश करना चाहिए। डेट म्यूचुअल फंड्स अपने पैसे का निवेश सुरक्षित स्थानों जैसे सरकारी सिक्यूरिटीज़ में करते हैं। माध्यम जोखिम निवेशक संतुलित फंड्स को चुन सकते हैं जिसमें कुछ पैसे का इक्विटीज़ में और कुछ पैसे का डेट में निवेश किया जाता है।
म्यूचुअल फंड से मिलने वाले रिटर्न पर टैक्स किस प्रकार लगाया जाता है?
जो लोग म्यूचुअल फंड में पहली बार निवेश कर रहे हैं उन्हें यह जानना चाहिए कि टैक्स किस तरह बचाया जा सकता है। जैस अकी इस लेख में बताया गया है आप या तो विकास या लाभांश वितरण विकल्प चुन सकते हैं। लाभांश वितरण योजना के अंतर्गत निवेशक द्वारा अर्जित लाभांश निवेशक के हाथ में कर मुक्त होता है। वास्तव में यह इक्विटी शेयर्स के समान ही होता है जहाँ 10 लाख रूपये तक का लाभांश कर मुक्त होता है। दूसरी ओर यदि आप ग्रोथ प्लान चुनते हैं तो यहाँ एक पूंजीलाभ होता है जो उन इकाइयों पर लागू होता है जिन्हें लाभ पर बेचा गया है। अत: आपको सलाह दी जाती है कि आप हमेशा लाभांश वितरण वाला विकल्प ही चुनें।
भारत में म्यूचुअल फंड्स की सूची
म्यूचुअल में पहली बार निवेश करने वालों को भारत के बड़े म्यूचुअल फंड्स के बारे में जानकारी होनी चाहिए। जब बाज़ार ऊपर उठता है तब इक्विटी म्यूचुअल फंड्स से अच्छे रिटर्न्स मिलते हैं। भारत में कई म्यूचुअल फंड्स हैं। कुछ प्रमुख म्यूचुअल फंड्स में एसबीआई म्यूचुअल फंड, रिलायंस म्यूचुअल फंड, एचडीएफसी म्यूचुअल फंड, आईसीआईसीआई प्रुडेन्शियल, बिरला सनलाइफ, क्वांटम म्यूचुअल फंड, डीएसपी ब्लैक रॉक म्यूचुअल फंड, फ्रैंकलिन इंडिया आदि शामिल हैं। प्रत्येक फंड बहुत सी श्रेणियों की म्यूचुअल फंड स्कीम चलाता है जिनमें से निवेशक इन्हें चुन सकते हैं। स्कीम का प्रकार आपकी उम्र और आपकी जोखिम उठाने की क्षमता पर निर्भर करता है।
म्यूचुअल फंड में ध्यान रखने योग्य शब्द
एक निवेशक होने के नाते आपको म्यूचुअल फंड से जुड़े लोकप्रिय शब्दों का ज्ञान होना चाहिए। इनमें से कुछ शब्द हैं जैसे व्यय अनुपात एनएवी और एग्जिट लोड।
- व्यय अनुपात- यह अनुपात वह खर्च है जिसके द्वारा म्यूचुअल फंड हाउस विज्ञापनों और बिक्री, प्रशासनिक लागत आदि के फंड के लिए प्रबंधन करता है। इसे निवेशकों के रिटर्न्स में से काटा जाता है।
- एग्जिट लोड (निर्गमन भार): यह वह राशि होती है जो तब लागू होती है जब आप नियत समय से पहले फंड की इकाईयों को बेचते हैं। सामान्यत: यह एनएवी का 1% होती है यदि आप छह महीने से पहले बेचते हैं।
- एनएवी- कुल परिसंपत्ति मूल्य वह दर है जिस पर एक निवेशक म्यूचुअल फंड्स की इकाईयों को खरीदता या बेचता है।
More From GoodReturns

Silver Price Today: 2 अप्रैल को चांदी की कीमतों में भारी गिरावट! जानिए प्रति किलो चांदी का रेट

Silver Price Today: 31 मार्च को चांदी की कीमतों में आई गिरावट! जानिए प्रति किलो चांदी का रेट क्या है?

Gold Rate Today: 2 अप्रैल को भी सोने की कीमतों में उतार-चढ़ाव जारी! जानिए 24k, 22k,18k गोल्ड रेट क्या है?

Silver Price Today: 30 मार्च को चांदी का भाव सस्ता हुआ या महंगा? जानें प्रति किलो चांदी का रेट

Silver Price Today: 1 अप्रैल को चांदी की कीमतों में उतार-चढ़ाव जारी! जानिए प्रति किलो चांदी का भाव

Gold Rate Today: महीने के आखिरी दिन 31 मार्च को सोने की कीमतों में बड़ा बदलाव! जानिए 24k, 22k गोल्ड रेट

एमपी-यूपी सहयोग सम्मेलन: साझा विरासत के साथ आगे बढ़ रहे मध्यप्रदेश-उत्तर प्रदेश, निवेश और विकास पर बनी सहमति

LPG Cylinder Price Hike: युद्ध के बीच बड़ा झटका! आज से एलपीजी सिलेंडर के दाम ₹218 तक बढ़े

Bank holiday Today: महावीर जयंती पर आज बैंक खुला रहेगा या बंद? जाने से पहले चेक करें RBI हॉलिडे लिस्ट

Gujarat News: सताधार धाम बना आत्मनिर्भरता का प्रतीक, रोजाना 10 हजार श्रद्धालुओं का भोजन बायोगैस पर तैयार

कानूनी प्रक्रिया से ही तय हुआ JAL का भविष्य: Adani की जीत पर मुहर, CoC की ‘कमर्शियल विजडम’ सर्वोपरि



Click it and Unblock the Notifications