मोदी सरकार ने किसानों को एक बड़ा तोहफा दिया है। अब किसान क्रेडिट कार्ड की अर्जी देने के 14 दिन के अंदर किसानों को कार्ड मिलेगा।
नई दिल्ली: मोदी सरकार ने किसानों को एक बड़ा तोहफा दिया है। अब किसान क्रेडिट कार्ड की अर्जी देने के 14 दिन के अंदर किसानों को कार्ड मिलेगा। बता दें कि मोदी सरकार ने किसानों को साहूकारों के चंगुल से बचाने के लिए अभियान शुरू कर दिया है। इसके लिए फोकस किसान क्रेडिट कार्ड (केसीसी) पर है, ताकि किसान किसी व्यक्ति की बजाय बैंकों से सबसे सस्ती दर पर पैसा लेकर खेती-किसानी को आगे बढ़ा सकें। इसके लिए सरकार ने बैंकों को सख्त निर्देश दिए हैं कि आवेदन के 15वें दिन तक यानी दो सप्ताह के अंदर केसीसी बन जाए। किसान क्रेडिट कार्ड बनवाने के लिए सरकार ने गांव स्तर पर अभियान चलाने का फैसला लिया है।
क्रेडिट कार्ड बनवाने के लिए देने होंगे ये डॉक्युमेंट
बता दें कि किसान क्रेडिट कार्ड बनवाने के लिए कुछ महत्वपूर्ण डॉक्युमेंट देने होंगे। इसके लिए गांवों में जो कैंप लगाए जाएंगे उनमें किसान से पहचान पत्र और निवास प्रमाण पत्र, आधार कार्ड, जमीन का रिकॉर्ड और फोटो देनी होगी। इतने में ही बैंक को केसीसी बनाना पड़ेगा। जिला स्तरीय बैंकर्स कमेटी गांवों में कैंप लगाने का कार्यक्रम बनाएगी, जबकि राज्य स्तरीय कमेटी इसकी निगरानी करेगी। इसमें सबसे बड़ी भूमिका जिलों के लीड बैंक मैनेजरों की तय की गई है। कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने लोकसभा में जानकारी दी है कि अब बैंकों को आवेदन के 15 दिन में ही किसान क्रेडिट कार्ड बनाना पड़ेगा।
करीब 7 करोड़ किसानों के पास ही किसान क्रेडिट कार्ड
इस बात से भी अवगत करा दें कि देश में अभी मुश्किल से 7 करोड़ किसानों के पास ही किसान क्रेडिट कार्ड है, जबकि किसान परिवार 14.5 करोड़ हैं। ऐसा इसलिए है क्योंकि बैंकों ने इसके लिए प्रक्रिया बहुत जटिल की हुई है, ताकि किसानों को कम से कम कर्ज देना पड़े। वहीं दूसरी ओर, सरकार की मंशा इसके विपरित है। उसके सामने 2022 तक किसानों की आय दोगुनी करने का बड़ा लक्ष्य है। इसलिए वो चाहती है कि किसान बैंकों से सस्ते ब्याज दर पर लोन लेकर खेती करें न कि साहूकारों के जाल में फंसकर आत्महत्या। इसलिए सरकार ने बैंकों से केसीसी बनवाने के लिए लगने वाली फीस खत्म करवा ली है। कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर का कहना है कि सरकार हर पात्र किसान को केसीसी जारी करना चाहती है। इसलिए राज्यों के साथ मिलकर काम कर रही है। जिन राज्यों में बहुत कम किसानों ने इसका फायदा लिया है वहां केंद्र की टीम दौरा करेगी।
केसीसी के जरिए लोन लेने पर महज चार फीसदी ही ब्याज देना
जानकारी दें कि किसान यदि महाजन से उधार लेता है तो उसे सालाना करीब 24 फीसदी ब्याज चुकाना पड़ता है, लेकिन केसीसी के जरिए लोन लेने पर उसे सालाना महज 4 फीसदी ही ब्याज देना होता है। उदाहरण के लिए, यदि इस समय बैंक फसली ऋण पर सालाना 9 फीसदी सलाना ब्याज वसूलते हैं तो किसानों को सिर्फ 4 फीसदी ब्याज ही देना होगा। ऐसा इसलिए क्योंकि शुरू में ही ब्याज में 2 फीसदी की सब्सिडी मिल जाती है। उसके बाद यदि किसान समय पर ऋण का भुगतान करते हैं तो उन्हें ब्याज में 3 फीसदी की और छूट दी जाती है। इसलिए अगर आपको खेती-किसानी के लिए कर्ज चाहिए तो बैंक जाईए और किसान क्रेडिट कार्ड बनवाईए। आपको 3 लाख रुपये तक का लोन मिल जाएगा।
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