नयी दिल्ली। 2020 में एक बहुत बड़ा संकट दुनिया के सामने आ गया। ये संकट एक वायरस की शक्ल में है, जो टला नहीं है और न ही इसकी वैक्सीन बनी है। इसने एक तरफ लाखों लोगों की जान ले ली, तो वहीं दूसरी तरफ दुनिया की अर्थव्यवस्था को हिला कर रख दिया। आप समझ गए होंगे कि कोरोनावायरस की बात की जा रही है। साल 2020 जाने वाला है, मगर इस साल को कोरोना और लॉकडाउन के लिए हमेशा याद रखा जाएगा। इस साल करोड़ों लोगों को रोजगार से हाथ धोना पड़ा। पैसे के मामले में लोग बुरी तरह प्रभावित हुए। अब जबकि हम नये साल में दाखिल होने वाले हैं तो ध्यान देना चाहिए कि 2020 हमें आर्थिक मोर्चे पर क्या सिखा कर गया है? 2020 से हम 5 चीजें सीख सकते हैं, जो हम आपको आगे बताएंगे।
बीमा है जरूरी
2020 में सिर्फ कोरोना ही मुसीबत नहीं बना, बल्कि लोगों को चक्रवात, बाढ़ के अलावा और भी कई प्राकृतिक आपदाओं का सामना करना पड़ा। ऐसे में यह सुनिश्चित करना महत्वपूर्ण है कि आपका पूरा परिवार स्वास्थ्य बीमा के तहत कवर हो। प्राकृतिक आपदाओं या आकस्मिक आग के लिए आपका अपना घर और व्यावसायिक जगह का भी इंश्योरेंस होना जरूरी है।
इमरजेंसी फंड
महामारी के चरम पर प्राइवेट अस्पतालों में कोरोना रोगियों का भर्ती होना काफी महंगा खर्चा साबित हुआ। लोगों के सामने अपने प्रियजनों को सुरक्षित करने के लिए मोटी रकम खर्च करनी पड़ी। इसके अलावा भारतीयों को बेरोजगारी का सामना करना पड़ा। इन दोनों ही चीजों के लिए आपके पास इमरजेंसी फंड का होना जरूरी है। कोरोना जैसी विपदाएं इमरजेंसी फंड की जरूरत को उजागर करती हैं।
अनिश्चित भविष्य के लिए पैसे बचाएं
बजट में रहने और आर्थिक रूप से स्वतंत्र होना जरूरी है। महामारी के दौरान बहुत से लोगों अपनी नौकरी खो दी, जबकि कई लोगों के सामने भी ऐसी ही संभावना थी। कुछ कंपनियों ने वेतन में कटौती की या वेतन वृद्धि को रोक दिया। यहां तक कि वेतन क भुगतान में देरी तक की गई। महामारी ने बाहरी मदद के बिना जीने और अनावश्यक रूप से खर्च न करना सिखाया। इसलिए बचत कीजिए और अनिश्चित भविष्य के लिए पैसा बचाइए।
कर्ज से बचिए
जहां तक संभव हो कर्ज से बचिए। खास कर सभी अनावश्यक कर्ज जैसे क्रेडिट कार्ड बिल या पर्सनल लोन से बचना आपके वित्तीय बोझ को कम कर सकता है। अगर आप कोरोना के कारण आर्थिक मंदी जैसी अप्रत्याशित घटना में अपनी नौकरी खो देते हैं तो कर्ज जी का जंजाल बन जाएगा। ऐसे में जब तक आप बढ़िया नौकरी नहीं ढूंढ पाते जो घरेलू खर्चों को पूरा करने के साथ-साथ आपके लोन का भुगतान करने के लिए पर्याप्त है, आपके ऋण पर ब्याज बढ़ता रहेगा।
ऐसे करिए निवेश
अपने निवेश को डाइवर्सिफाई कीजिए। यानी कई जगह निवेश करिए। जिन लोगों ने महामारी से पहले सोने में निवेश किया था उन्हें तगड़ा मुनाफा हुआ। नवंबर 2019 में भारत में सोने की कीमतें लगभग 38,000 रुपये प्रति 10 ग्राम थी, जबकि इस साल अगस्त में दरें 56,191 रुपये के सर्वकालिक उच्च स्तर पर पहुंच गईं। इसी तरह शेयर बाजार ने पहले डुबकी लगाई और फिर लंबी छलांग मारी।
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