नई दिल्ली, सितंबर 22। दशहरा, धनतेरस और दिवाली जैसे त्योहारों के दौरान सोने की मांग काफी तगड़ी होती है, क्योंकि तब सोना खरीदना शुभ माना जाता है। परंपरागत रूप से, लोग केवल सोने के गहने और सिक्के खरीदते हैं। मगर अब निवेशकों ने गोल्ड एक्सचेंज-ट्रेडेड फंड (गोल्ड ईटीएफ), भारतीय रिजर्व बैंक द्वारा जारी सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड (एसजीबी) और गोल्ड म्यूचुअल फंड जैसे पेपर या डिजिटल फॉर्म में सोना खरीदना शुरू कर दिया है। पेपर या डिजिटल सोना निवेश के बेस्ट विकल्पों में से एक के रूप में काम करता है। ये निवेश अच्छा रिटर्न जनरेट करते हैं और इनकम टैक्स उद्देश्यों के लिए कैपिटल एसेट के रूप में क्लासिफाइड किए जाते हैं। यहां सोने के उन डिजिटल फॉर्म्स की सूची दी गई है, जिन पर निवेशक आगामी त्योहारी सीजन में विचार कर सकते हैं। इससे उन्हें रिटर्न के रूप में अच्छी कमाई हो सकती है।
सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड (एसजीबी)
एसजीबी सरकारी सिक्योरिटीज हैं, जिन्हें सोने के ग्राम में मूल्यांकित किया जाता है। ये फिजिकल सोना रखने का विकल्प हैं। निवेशकों को इश्यू प्राइस का भुगतान नकद में करना होता है, और बांड मैच्योरिटी पर नकद में रिडीम किए जाते हैं। इसे विशेष रूप से 5-8 साल की लंबी निवेश वाले लोगों के लिए सोने में निवेश करने का एक सुरक्षित तरीका माना जाता है।
भारतीय रिजर्व बैंक करता है जारी
भारतीय रिजर्व बैंक एक वर्ष में कई बार एसजीबी जारी करता है और प्रत्येक इश्यू के लिए एक प्राइस तय करता है। उपयोगकर्ता सेकेंडरी मार्केट में एसजीबी को खरीद या बेच भी सकते हैं। बांड निवेश राशि पर 2.50 प्रतिशत (निश्चित दर) प्रति वर्ष की दर से ब्याज भी दिलाते हैं। ब्याज निवेशक के बैंक खाते में अर्ध-वार्षिक जमा किया जाता है और अंतिम ब्याज मूलधन के साथ मैच्योरिटी पर दिया जाता है।
गोल्ड ईटीएफ
गोल्ड ईटीएफ आपको डीमैटेरियलाइज्ड फॉर्म में सोने में निवेश करने की सुविधा देता है, जिसे शेयरों की तरह ही स्टॉक एक्सचेंज में खरीदा और बेचा जा सकता है। फिजिकल क्वांटिटी के बराबर सोना खरीदार के डीमैट खाते में इलेक्ट्रॉनिक रूप में जमा किया जाता है। ये स्टॉक एक्सचेंज पर लिस्टेड होते हैं, जहां कोई भी इनकी कीमत के बारे में रीयल-टाइम अपडेट प्राप्त कर सकता है। ईटीएफ में कोई एक्जिट लोड नहीं होता है, जिसका अर्थ है कि निवेशक बाजार के घंटों के दौरान किसी भी समय इकाइयों को खरीद या बेच सकते हैं।
गोल्ड म्यूचुअल फंड
गोल्ड म्यूचुअल फंड ओपन-एंडेड फंड हैं जो नागरिकों को डीमैट खाते के बिना निवेश करने की सुविधा देते हैं। गोल्ड फंड यूनिट्स का निर्धारण नेट एसेट वैल्यू (एनएवी) के आधार पर किया जाता है, जिसका खुलासा कारोबारी घंटों के अंत में किया जाता है। इस योजना में, एक्सपर्ट पैसा बनाने और जोखिम कम करने के लिए प्रोफेश्नली निवेश का प्रबंधन करते हैं।
गोल्ड फंड ऑफ फंड्स (एफओएफ)
ये ऐसे फंड हैं जो म्यूचुअल फंड के बास्केट में निवेश करते हैं। वे अपने चार्जेस के साथ फंड्स के एक्सपेंस रेशियो को निवेशकों पर डालते हैं, जिससे यह थोड़ा महंगा हो जाता है। बाकी अंत में यह जान लीजिए कि सोने में निवेश को कई कारणों से बेहतर माना जाता है। इनमें सेफ्टी, लिक्डिविटी, बेस्ट रिटर्न, आदि शामिल हैं।
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