नयी दिल्ली। हर महीने आपकी कंपनी आपके वेतन में से कुछ हिस्सा काट लेती है, जो कि कर्मचारी भविष्य निधि (ईपीएफ) खाते में योगदान के रूप में जाता है। ईपीएफ, जिसे केवल पीएफ भी कहा जाता है, कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (ईपीएफओ) द्वारा कलेक्ट किया जाने वाला एक फंड है। आप इस फंड को तात्कालिक जरूरत या अपने रिटायर होने के बाद इस्तेमाल कर सकते हैं। ईपीएफओ कर्मचारी भविष्य निधि और विविध प्रावधान अधिनियम 1952 के तहत स्थापित एक वैधानिक निकाय (Statutory Body) है। ध्यान रहे कि केवल ईपीएफ अधिनियम के तहत रजिस्टर्ड कंपनियों के कर्मचारी ही ईपीएफ या पीएफ में निवेश कर सकते हैं। रिटायरमेंट के लिए बचत के अलावा भी पीएफ के कई फायदे हैं। इन्हीं में से 5 बड़े फायदों में के बारे में हम आपको यहां बताएंगे।
टैक्स की होती है बचत
ईपीएफ टैक्स बचाने के लिए सबसे सामान्य और बेहतर ऑप्शंस में से एक है। नए टैक्स सिस्टम में इसमें कोई बेनेफिट नहीं मिलता। मगर पुराने टैक्स सिस्टम में सैलेरी के 12 फीसदी योगदान तक पर आपको टैक्स छूट मिलेगी। इस बचत पर आयकर अधिनियम की धारा 80 सी के तहत टैक्स छूट दी जाती है।
6 लाख रु का फ्री इंश्योरेंस
अगर ईपीएफओ का कोई सदस्य नियमित रूप से फंड के लिए योगदान देता रहा है तो उसकी मृत्यु की स्थिति में उसका परिवार बीमा योजना 1976 (EDLI) का लाभ उठा सकता है। इस योजना के तहत अंतिम मासिक वेतन के 20 गुना तक राशि परिवार को दी जाती है। यह अधिकतम 6 लाख रुपये तक हो सकती है। ये एक फ्री बेनेफिट है। इसके लिए अलग से कोई पेमेंट नहीं करनी होती।
मिलता है हाई रिटर्न
आपके ईपीएफ खाते में जमा किये गये धन पर आपको हाई रिटर्न मिलता है। आपके हर महीने जमा होने वाले पैसे पर ब्याज मिलता है। ईपीएफ ब्याज दर की घोषणा ईपीएफओ द्वारा हर साल की जाती है। वित्त वर्ष 2020-21 के लिए ईपीएफ पर ब्याज दर 8.5 फीसदी घोषित की गई है। मगर इस बार ब्याज का पैसा लोगों को दो किस्तों में मिलेगा। एक बार 8.15 फीसदी और दूसरी बार में 0.35 फीसदी।
रिटायरमेंट से पहले पैसा निकालने की सुविधा
सरकार ने महामारी और बेरोजगारी के मद्देनजर रिटायरमेंट से पहले कुछ पैसा निकालने की सुविधा दे रखी है। मतलब आप किसी जरूरत के समय अपने पीएफ फंड में से पैसा निकाल कर इस्तेमाल कर सकते हैं। इससे आप लोन से बचेंगे।
साथ में पेंशन स्कीम
यह योजना पेंशन योजना 1995 (ईपीएस) के तहत आजीवन पेंशन योजना ऑफर करती है। आपकी जानकारी के लिए बता दें कि कंपनी और कर्मचारी, कर्मचारी के मूल वेतन और महंगाई भत्ते का 12 प्रतिशत हर महीने ईपीएफ खाते में योगदान करते हैं। इसमें कंपनी का योगदान अलग रहता है।
आगे क्या है सरकार की तैयारी
मालूम हो कि स्वरोजगारों (Self Employed) के लिए सामाजिक सुरक्षा एक प्रमुख मुद्दा बना हुआ है और ईपीएफओ का विस्तार इस अंतर को दूर करने में मदद कर सकता है। श्रम संबंधी संसदीय स्थायी समिति ने सुझाव दिया था कि इस योजना को व्यक्तिगत सब्सक्राइबर्स के लिए उपलब्ध कराया जाए। सरकार ने इसे लागू करने का निर्णय लिया है। यानी अब स्वरोजगार लोगों को भी पीएफ सर्विस और रिटायरमेंट स्कीम का फायदा मिल सकेगा।
More From GoodReturns

Gold Rate Today: 1 अप्रैल को सोने की कीमतों में आई जबरदस्त तेजी! जानिए 24k, 22k,18k गोल्ड रेट क्या है?

Silver Price Today: 2 अप्रैल को चांदी की कीमतों में भारी गिरावट! जानिए प्रति किलो चांदी का रेट

Silver Price Today: 31 मार्च को चांदी की कीमतों में आई गिरावट! जानिए प्रति किलो चांदी का रेट क्या है?

Gold Rate Today: 2 अप्रैल को भी सोने की कीमतों में उतार-चढ़ाव जारी! जानिए 24k, 22k,18k गोल्ड रेट क्या है?

Silver Price Today: 30 मार्च को चांदी का भाव सस्ता हुआ या महंगा? जानें प्रति किलो चांदी का रेट

Silver Price Today: 1 अप्रैल को चांदी की कीमतों में उतार-चढ़ाव जारी! जानिए प्रति किलो चांदी का भाव

Gold Rate Today: महीने के आखिरी दिन 31 मार्च को सोने की कीमतों में बड़ा बदलाव! जानिए 24k, 22k गोल्ड रेट

एमपी-यूपी सहयोग सम्मेलन: साझा विरासत के साथ आगे बढ़ रहे मध्यप्रदेश-उत्तर प्रदेश, निवेश और विकास पर बनी सहमति

LPG Cylinder Price Hike: युद्ध के बीच बड़ा झटका! आज से एलपीजी सिलेंडर के दाम ₹218 तक बढ़े

Bank holiday Today: महावीर जयंती पर आज बैंक खुला रहेगा या बंद? जाने से पहले चेक करें RBI हॉलिडे लिस्ट

Gujarat News: सताधार धाम बना आत्मनिर्भरता का प्रतीक, रोजाना 10 हजार श्रद्धालुओं का भोजन बायोगैस पर तैयार



Click it and Unblock the Notifications