नई दिल्ली, फरवरी 10। म्यूचुअल फंड में कई प्रकार की योजनाएं होती हैं। स्कीम किस तरह की है ये इस पर निर्भर करता है कि वे किस तरह के विकल्पों में निवेश करते हैं। आम तौर पर इक्विटी, डेब्ट, हाइब्रिड और लिक्विड स्कीमें होती हैं। निवेशकों के पास एक ही योजना के अंदर कई योजनाएं / विकल्प होते हैं। निवेश करते समय, निवेशक को उस रणनीति और विकल्प की पहचान करनी चाहिए जिसे वे आगे बढ़ाना चाहता है और जो उसके लिए फायदेमंद है। यहां हम आपके लिए निवेश पोर्टफोलियो में जोड़ने के लिए सही म्यूचुअल फंड को चुनने के टिप्स लाए हैं।
इंवेस्टमेंट उद्देश्य
बिना लक्ष्य के निवेश करना आपके के लिए हानिकारक हो सकता है। किसी भी फंड में निवेश करने से पहले आपको अपने निवेश के उद्देश्यों को तय करना चाहिए। जैसे कि क्या आपके लिए लंबे समय में फाइनेंशियल प्रोफिट लेना चाहते हैं या इंस्टैंट कैश फ्लो बनाना आपके लिए अधिक महत्वपूर्ण है? पैसे का उपयोग आप बच्चों की पढ़ाई के खर्चों को कवर करने के लिए कर रहे हैं किसी और चीज के लिए? ये सारी चीजें तय करें।
फंड की अवधि क्या होगी
म्यूचुअल फंड में निवेश करते समय, आपको अपने इच्छित समयावधि पर भी विचार करना चाहिए। आप कब तक निवेश करने का इरादा रखते हैं? क्या आपको विश्वास है कि निकट भविष्य में कोई जरूरत होगी? म्यूचुअल फंड्स को बेचने पर सेल्स कॉस्ट लगाई जाती है, और इससे निकट अवधि में आपका रिटर्न घट सकता है। इस खर्च के प्रभाव को कम करने का सबसे अच्छा तरीका कम से कम पांच साल के लिए निवेश करना है। म्यूचुअल फंड निवेश की न्यूनतम अवधि एक दिन है।
जोखिम होता है शामिल
कई निवेशक गलती से मानते हैं कि म्यूचुअल फंड में जोखिम नहीं है। मगर म्यूचुअल फंड में जोखिम भी शामिल होता है। हालांकि एक्सपर्ट के मैनेजमेंट, बेहतर स्टॉक चयन, लगातार निवेश आदि चीजों से जोखिम को कम किया जाता है। निवेशक को फंड चुनते समय म्यूचुअल फंड में शामिल जोखिम का आकलन करना चाहिए। किसी फंड के जोखिम का मूल्यांकन करने का एक तरीका यह देखना है कि उसके रिटर्न में साल-दर-साल कितना उतार-चढ़ाव होता है।
लगातार रिटर्न देने वाली स्कीम चुनें
किसी फंड में निवेश करने से पहले, सुनिश्चित करें कि उसने साल दर साल और हर मार्केट साइकिल में अपने बेंचमार्क से लगातार बेहतर प्रदर्शन किया हो। इसे दूसरे तरीके से रखने के लिए आपको प्रदर्शन स्थिरता का आकलन करना चाहिए। यानी ये देखना चाहिए कि फंड का रिटर्न लगातार एक जैसा और बढ़िया रहा है या नहीं।
फंड मैनेजर का प्रदर्शन
फंड मैनेजर एक ऐसा व्यक्ति होता है जो किसी फंड के निवेश करने की योजना को भार संभालता है। वे रेगुलर आधार पर पोर्टफोलियो को रीबैलेंस करते हैं। म्यूचुअल फंड के प्रदर्शन को प्रभावित करने वाले सबसे महत्वपूर्ण कारकों में से एक फंड मैनेजमेंट है। आप फंड मैनेजर के निवेश स्टाइल का मूल्यांकन करके उनके बारे में जान सकते हैं। दूसरे आप ये चेक करें कि पहले जिन फंड्स को उस फंड मैनेजर ने मैनेज किया उन्होंने कैसा प्रदर्शन किया है। इसके अलावा कम एक्सपेंस रेशियो वाला फंड चुनें। जितना कम एक्सपेंस रेशियो होगा उतना कम चार्ज फंड हाउस को देना होगा।
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