नई दिल्ली, सितंबर 29। फिक्स्ड डिपॉजिट (एफडी) देश में उपलब्ध सबसे सुरक्षित और सबसे लोकप्रिय निवेश साधनों में से एक है। एफडी आपको अच्छा रिटर्न दे सकती है, बशर्ते आप प्रोडक्ट के बारे में अच्छी तरह से जानते हों और निवेश बेनेफिट को अधिकतम करने के लिए सारी जानकारी जुटा पाएं। ज्यादातर बैंक और कई फाइनेंशियल इंस्टिट्यूशन एफडी में निवेश करने की सुविधा देते हैं। मगर आप कैसे जान पाएंगे कि आपके लिए सबसे अच्छा एफडी प्रोडक्ट कौन सा है? कितनी अवधि हो, किस बैंक में पैसा लगाएं, इस तरह के तमाम सवालों के जवाब जानने के लिए आगे पढ़ना जारी रखें।
कितनी अवधि के लिए हो निवेश
बैंकों और फाइनेंशियल इंस्टिट्यूशंस द्वारा दी जाने वाली एफडी अवधि आमतौर पर सात दिनों से लेकर 10 वर्ष तक की होती है। कुछ बैंक 20 साल तक की लंबी अवधि के लिए एफडी भी ऑफर करते हैं। लेकिन आप कैसे जानें कि आपके लिए सही अवधि कितनी है? इस सवाल का जवाब छिपा आपके वित्तीय लक्ष्य में। जितना लंबा आपका वित्तीय लक्ष्य है, उतने लंबे समय के लिए एफडी में पैसा लगाएं। जैसे कि बच्चों के पढ़ाई के आपको 10 साल बाद पैसा चाहिए तो 10 साल की अवधि सही रहेगी।
एक एफडी में ज्यादा पैसा या कई छोटी एफडी में थोड़ा-थोड़ा पैसा
बैंकों में 5 लाख रुपये तक की जमा राशि का बीमा आरबीआई की सहायक कंपनी डिपॉजिट इंश्योरेंस एंड क्रेडिट गारंटी कॉरपोरेशन द्वारा किया जाता है। इसलिए डिफॉल्ट जोखिम को पूरी तरह से खत्म करने के लिए जब आप एफडी में निवेश करें तो आप एक बैंक में 5 लाख रुपये से अधिक का निवेश न करें। बेहतर तरीका यह होगा कि आप अपने निवेश को अलग-अलग बैंकों में अलग-अलग एफडी में विभाजित करें।
फ्लोटिंग बनाम फिक्स्ड-रेट टर्म डिपॉजिट
फ्लोटिंग रेट टर्म डिपॉजिट (एफआरटीडी) वे निवेश प्रोडक्ट है जो एक अंडरलाइंग रेफ्रेंस रेट (आरबीआई रेपो दर, 91-दिवसीय ट्रेजरी बिल दर, आदि) से जुड़ी ब्याज दरों की ऑफर करते हैं। इसलिए जब रेफ्रेंस दर बढ़ती है, तो लिंक की गई एफआरटीडी ब्याज दर भी बढ़ती है। इसके घटने पर आपकी ब्याज दर भी घटती है। रेगुलर एफडी में ऐसा नहीं होता। बुक की गई अवधि के पूरा होने तक ब्याज दर स्थिर रहती है।
कॉर्पोरेट एफडी या बैंक एफडी
ये सबसे अहम सवाल है। यदि आप एफडी में निवेश करके उच्च ब्याज दर चाहते हैं, तो आप कॉर्पोरेट सावधि जमा में निवेश कर सकते हैं। इसमें निवेश अवधि आमतौर पर छह महीने से लेकर पांच साल तक होती है। मगर यदि आप जोखिम से बचने वाले निवेशक हैं, तो बेहतर होगा कि आप प्रतिष्ठित बैंकों की एफडी में पैसा लगाएं। क्योंकि कंपनी के डूबने पर आपको कोई पैसा नहीं मिलेगा।
एफडी के मैच्योर होने का इंतज़ार करें चाहिए या नहीं
एफडी तोड़ना एक अच्छा आइडिया नहीं हो सकता है. खासकर जब निकट भविष्य में ब्याज दर में गिरावट की आशंका हो। अगर आप ऐसी स्थिति में एफडी तोड़ते हैं, तो हो सकता है कि निकट भविष्य में दोबारा निवेश करने पर आपको उतना ब्याज न मिले। आप एफडी को तोड़ने के बजाय अपनी आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए एफडी पर ओवरड्राफ्ट ले सकते हैं।
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