नई दिल्ली, अगस्त 16। जब आप किसी बीमा पॉलिसी की मैच्योरिटी से पहले उससे बाहर निकलने का फैसला करते हैं, तो इसे पॉलिसी सरेंडर करना कहा जाता है। उस समय आपको जो राशि मिलती है, वह पॉलिसी सरेंडर वैल्यू कहलाती है। एलआईसी, जो कि देश की सबसे बड़ी और सरकारी बीमा कंपनी है, भी पॉलिसी सरेंडर करने का ऑप्शन देती है। पर ध्यान रहे कि आम तौर पर किसी रेगुलर पॉलिसी में पॉलिसी सरेंडर वैल्यू की कैलकुलेशन तभी की जा सकती है जब पॉलिसीधारक ने लगातार 3 वर्षों तक प्रीमियम का भुगतान किया हो। हालांकि जानकार पॉलिसी के सरेंडर की सलाह कभी नहीं देते, क्योंकि एलआईसी सरेंडर वैल्यू हमेशा कम होती है। साथ ही 3 साल से पहले सरेंडर करने की स्थिति में कोई सरेंडर वैल्यू नहीं दी जाती।
कैसे होगा कैलकुलेशन
प्रीमियम भुगतान के 3 सफल वर्षों के बाद ही पॉलिसी के सरेंडर मूल्य की कैलकुलेशन की जा सकती है। सरेंडर वैल्यू एलआईसी पॉलिसी सरेंडर प्रोसेसिंग समय द्वारा निर्धारित की जाती। बता दें कि 2 प्रकार के सरेंडर उपलब्ध हैं। इनमें पहला है गारंटीड सरेंडर वैल्यू (जीएसवी)। इसके तहत पॉलिसीधारक अपनी पॉलिसी को 3 साल पूरे होने के बाद ही सरेंडर कर सकता है, जिसका मतलब है कि प्रीमियम का भुगतान न्यूनतम 3 साल की अवधि के लिए करना होगा। अगर आप 3 साल के बाद सरेंडर करते हैं, तो पहले साल में चुकाए गए प्रीमियम और एक्सीडेंटल बेनिफिट के लिए चुकाए गए प्रीमियम को छोड़कर, सरेंडर वैल्यू भुगतान किए गए प्रीमियम का लगभग 30% होगा। इसलिए, जितना लेट आप पॉलिसी सरेंडर करेंगे उनती वैल्यू अधिक मिलेगी।
स्पेशल सरेंडर वैल्यू
दूसरा तरीका होता है स्पेशल सरेंडर वैल्यू। (मूल बीमा राशि *(भुगतान किए गए प्रीमियम की संख्या / देय प्रीमियम की संख्या) + प्राप्त कुल बोनस) * सरेंडर वैल्यू फैक्टर। ये एक फॉर्मूला है जिससे स्पेशल सरेंडर वैल्यू हासिल की जाती है।
कब पॉलिसी सरेंडर की जा सकती है
यदि कोई अपनी एलआईसी पॉलिसी को समय से पहले समाप्त कर देते हैं, तो पॉलिसीधारक को सरेंडर वैल्यू का भुगतान किया जाता है। सरेंडर वैल्यू आमतौर पर गारंटीकृत सरेंडर वैल्यू और स्पेशल सरेंडर वैल्यू से अधिक होती है। प्रत्येक एलआईसी पॉलिसी की अपने नियम और शर्तें होती हैं और पॉलिसीधारक को सलाह दी जाती है कि पॉलिसी खरीदने से पहले उन्हें ध्यान से पढ़ें। किसी भी पॉलिसी को सरेंडर करने की अवधि एक दूसरे से अलग होती है, जो उनकी खरीद के समय और प्रीमियम भुगतान की शर्तों पर निर्भर करती है।
जानिए टाइम पीरियड का नियम
सिंगल प्रीमियम प्लान के तहत पॉलिसी लेने के दूसरे वर्ष में पॉलिसी सरेंडर की जा सकती है। पॉलिसी लेने के पहले वर्ष में पॉलिसी सरेंडर कभी नहीं की जा सकती। वहीं लिमिटेड पीरियड और रेगुलर प्रीमियम प्लान के तहत आमतौर पर अलग-अलग पॉलिसी सरेंडर के नियम और शर्तें अलग-अलग होती हैं। लेकिन सामान्य तौर पर, यदि पॉलिसी 10 वर्ष या उससे कम की है, तो पॉलिसी सरेंडर की अवधि 2 वर्ष है यदि पॉलिसी 10 वर्ष से अधिक की है, तो न्यूनतम अवधि 3 वर्ष है।
किन डॉक्यूमेंट्स की होगी जरूरत
पॉलिसी सरेंडर करने के लिए जो आवश्यक दस्तावेज चाहिए उनमें ऑरिजिनल पॉलिसी बांड दस्तावेज, सरेंडर वैल्यू पेमेंट के लिए रिक्वेस्ट, एलआईसी सरेंडर फॉर्म, एलआईसी एनईएफटी फॉर्म, बैंक अकाउंट डिटेल, आधार या पैन जैसा आईडी प्रूफ, कैंसल चेक और पॉलिसी बंद करने का कारण बताते हुए एलआईसी को हस्तलिखित पत्र शामिल हैं।
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