नयी दिल्ली। बच्चों के लिए शादी के अलावा जब भी निवेश की बात आती है तो उनकी एजुकेशन का ही ख्याल आता है। अगर हम निवेश के मामले में एक्सपर्ट्स के विचारों पर गौर करें तो निवेश करते समय आपको रिटर्न और मुद्रास्फीति दर (Inflation) को देखना होगा। यदि रिटर्न मुद्रास्फीति से अधिक है तो ही आप अपने निवेश लक्ष्य को पूरा कर पाएंगे। यही नियम बच्चों की एजुकेशन के लिए निवेश करते समय लागू करने की आवश्यकता है। आम तौर पर लोग चाइल्ड एजुकेशन के लिए पारंपरिक बीमा या बैंक एफडी में निवेश करते हैं। हालांकि हाल के वर्षों में जिस तरह से एफडी रिटर्न कम हुआ है उससे किसी निवेशक के लिए यह जानना महत्वपूर्ण हो जाता है कि कहां पैसा लगाया जाना ठीक रहेगा। यहां हम जानेंगे कि बच्चों की एजुकेशन के लिए एफडी ठीक रहेगी या इक्विटी म्यूचुअल फंड।
महंगाई दर का रखें ध्यान
जब हम निवेश करते हैं तो हम निवेश टूल पर मिलने वाले रिटर्न की तुलना मुद्रास्फीति की सामान्य दर से करते हैं। लेकिन चाइल्ड एजुकेशन प्लानिंग के मामले में एक जरूरी बात है। आम तौर पर हम किसी ऐसे निवेश उपकरण, जो हमारे वित्तीय लक्ष्य को पूरा करे, पर मिलने वाले रिटर्न के मुकाबले लगभग 5 प्रतिशत मुद्रास्फीति वृद्धि का अनुमान लगाते हैं। लेकिन चाइल्ड एजुकेशन के मामले में यह 10 प्रतिशत होना चाहिए क्योंकि एजुकेशन महंगाई कुल मुद्रास्फीति की दोगुनी होती है। यानी एजुकेशन का खर्च आम महंगाई के मुकाबले दोगुनी तेजी से बढ़ता है। इसलिए आपको चाइल्ड एजुकेशन प्लानिंग तय करते समय निवेश पर मिलने वाले रिटर्न और मुद्रास्फीति वृद्धि की तुलना करने में महंगाई को 10 प्रतिशत पर रखना चाहिए।
एफडी पर कितना रिटर्न
बैंक फिक्स्ड डिपॉजिट में तीन साल की एफडी में अधिकतम 5 फीसदी रिटर्न मिल सकता है। तीन वर्षों बाद इसमें और गिरावट आ सकती है क्योंकि बैंक इसके बाद एफडी ब्याज दरों में और गिरावट ला सकते हैं। एफडी रिटर्न शिक्षा मुद्रास्फीति की तुलना में बहुत कम है और दस सालों के बाद इसका रिटर्न और नीचे जा सकता है। इसलिए बैंक एफडी निश्चित रूप से निवेश अवधि के दौरान शिक्षा मुद्रास्फीति को हरा नहीं पाएगी।
म्यूचुअल फंड है बेहतर ऑप्शन
म्यूचुअल फंड बच्चे की एजुकेशन प्लानिंग के लिए बेहतर विकल्प हैं। एक्सपर्ट्स कहते हैं कि आपको पारंपरिक बैंक एफडी के बजाय इस ऑप्शन को चुनना चाहिए। एक्सपर्ट बच्चों की शिक्षा के लिए तैयार की गई बीमा योजनाओं को न चुनने की भी सलाह देते हैं। जब निवेश की बात आती है तो आपको निवेश का ही कोई उपकरण चुनना चाहिए। बीमा एक निवेश उपकरण नहीं है और इसे केवल बीमा उपकरण के रूप में लिया जाना चाहिए। निवेश के लिए म्यूचुअल फंड बेहतर है।
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