नई दिल्ली, अप्रैल 26। भारत में सैलेरी और नॉन-सैलेरी दोनों ही वर्गों के लिए सार्वजनिक भविष्य निधि (पीपीएफ) में निवेश करना एक बड़ी सुरक्षा वाला ऑप्शन है। पीपीएफ नागरिकों के लिए केंद्र सरकार की सामाजिक सुरक्षा योजना है, जहां वे अपनी रिटायरमेंट या किसी और बड़े वित्तीय लक्ष्य के लिए बचत के लिहाज से निवेश कर सकते हैं। पीपीएफ योजना की मैच्योरिटी अवधि 15 वर्ष है, जिसके बाद पूरी राशि निकालने की अनुमति है। हालांकि, कुछ परिस्थितियों में, इस फंड को समय से पहले भी निकाला जा सकता है। यहां हम आपको समय से पहले पैसा निकालने का तरीका बताएंगे।
छठे साल से होती है अनुमति
पीपीएफ खाता मैच्योर होने से पहले आंशिक निकासी की अनुमति होती है, लेकिन खाता खोलने से छठे वित्तीय वर्ष के बाद ही ये सुविधा मिलती है। लेकिन ऐसा भी कुछ खास परिस्थितियों में ही किया जा सकता है। उदाहरण के लिए, यदि खाता 1 फरवरी, 2020 को खोला गया था, तो वित्तीय वर्ष 2025-26 के बाद से निकासी की जा सकती है।
नहीं लगेगा टैक्स
अच्छी बात यह है कि पीपीएफ खाते से आंशिक/समयपूर्व निकासी पर कोई टैक्स नहीं लगता है। मगर ध्यान रहे कि प्रति वित्तीय वर्ष में केवल एक आंशिक निकासी की अनुमति है। यानी आप किसी भी वित्त वर्ष में केवल एक बार पैसा निकाल सकते हैं।
ये है निकासी का जरूरी नियम
प्रति वित्तीय वर्ष में निकाली जा सकने वाली अधिकतम राशि का भी एक नियम है। चालू वर्ष से पहले, जो वित्तीय वर्ष बीता है उसके अंत में खाते के बैलेंस का 50 फीसदी या चालू वर्ष से पहले के चौथे वित्तीय वर्ष के अंत में खाते की शेष राशि का 50 फीसदी, इनमें से जो भी राशि कम होगी वही आपको निकालने की अनुमति होगी।
अब जानिए प्रोसेस
पीपीएफ निकासी फॉर्म (फॉर्म सी) को अपने बैंक की वेबसाइट से ऑनलाइन डाउनलोड करें या आप इसे बैंक शाखा से प्राप्त कर सकते हैं। पीपीएफ निकासी फॉर्म के तीन खंड हैं जिन्हें आपको भरना होगा।
(ए) डिक्लेरेशन सेक्शन : यहां आपको अपना पीपीएफ अकाउंट नंबर और वह रकम बतानी होगी, जिसे आप निकालना चाहते हैं। इसके अलावा, आपको यह निर्दिष्ट करने की आवश्यकता है कि खाता कितने वर्षों से सक्रिय है
(बी) ऑफिस-यूज सेक्शन : यहां, आपको खाता खोलने की तिथि, वर्तमान कुल शेष राशि, पिछली निकासी की तिथि (यदि कोई हो), खाते से की गई कुल निकासी आदि जैसी डिटेल भरनी होगी
(सी) बैंक डिटेल सेक्शन : बैंक खाता संख्या और खाते की अन्य आवश्यक डिटेल जिसमें निकाली गई राशि जमा की जानी चाहिए
बैंक में करें जमा
फॉर्म सी के साथ पीपीएफ पासबुक की एक कॉपी अटैच करें। इसे अपनी संबंधित बैंक शाखा में जमा करें। पीपीएफ वर्तमान में 7.1% प्रति वर्ष की ब्याज दर प्रदान करता है। तिमाही आधार पर इस ब्याज दर की समीक्षा की जाती है। इस योजना के तहत एक निवेशक कम से कम 500 रुपये और अधिकतम 1,50,000 रुपये प्रति वर्ष तक निवेश कर सकता है। इस योजना की मूल अवधि 15 वर्ष है जिसके बाद खाता मैच्योर हो जाता है और इस राशि को पूरी तरह से निकाला जा सकता है। 15 वर्ष पूर्ण होने के बाद, आप प्रत्येक पांच वर्ष के एक या अधिक ब्लॉकों के लिए इसे आगे बढ़ा सकते हैं।
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