नई दिल्ली, जुलाई 28। आज के समय बैंकिंग सेवाओं के बिना काम नहीं चल सकता। भले ही आपका एक बचत खाता हो, मगर हो जरूर। पर बचत खाते को मैंटेन करके रखना भी जरूरी है। अगर आप 1 साल से अधिक समय से बैंक खाते में कोई भी लेनदेन न करें तो आपका बैंक अकाउंट बंद हो सकता है। हालांकि ये ऐसा बंद नहीं होता, जिसे फिर से चालू न कराया जा सके। बल्कि ये निष्क्रिय हो जाता है। अगर खाता 2 साल तक निष्क्रिय रहे तो इसे डॉरमेंट कैटेगरी में डाल दिया जाता है। इस स्थिति से बचने के लिए आसान तरीका है खाते से महीने दो महीने में कोई लेन-देन करते रहें। आप बिल, चेक, नकद या नकद निकासी के जरिए ऐसा कर सकते हैं। आज कल यूपीआई के चलते आप डिजिटल पेमेंट से भी बैंक खाते को चालू रख सकते हैं।
आ सकती है दिक्कत
अब बहुत से लोगों के एक से अधिक बैंक खाते होते हैं। ऐसे लोगों में आप भी शामिल हो सकते हैं। जितने खाते होंगे उतनी अधिक टेंशन। क्योंकि आपको सभी खातों को मैनेज करना होगा। न करने पर खाता बंद हो सकता है। अगर आपने बंद पड़े खाते को समय पर चालू न कराया तो लेट होने पर आपको जुर्माना भी देना होगा। यदि आप 2 साल तक किसी खाते को एक्टिव नहीं रखते और आपका खाता बंद हो जाता तो आप उसे कैसे फिर से चालू करा सकते हैं, यहां हम आपको उसी की जानकारी देंगे।
कैसे रखें खाता चालू
यदि आपने बचत या चालू खाते में साल भर तक कोई लेन-देन नहीं किया (बैंक में जमा किए गए ब्याज और सेवा शुल्क में कटौती को छोड़कर) तो बैंक आपका खाता इनेक्टि कर देगा। हालांकि बैंकों की तरफ से इसकी जानकारी मैसेज आदि के जरिए दी जाती है।
2 साल से ज्यादा समय बीतने पर
2 वर्ष से ज्यादा समय बीतने पर खाते को निष्क्रिय या डॉरमेंट कर दिया जाएगा। आप चेक के माध्यम से लेनदेन, नकदी जमा करके, चेक के माध्यम से पैसा जमा करके, एटीएम के माध्यम से नकद निकासी या जमा करके और इंटरनेट बैंकिंग लेनदेन के जरिए खाता चालू रख सकते हैं।
बैंक क्यों उठाता है ये कदम
बड़ा सवाल ये है कि भला बैंक खाते को इनेक्टिव करने जैसा कदम क्यों उठाता है। बैंक आपके खाते की सुरक्षा सुनिश्चित करने और आपके पैसे को धोखाधड़ी से बचाने के लिए खाते को निष्क्रिय करने का कदम उठाता है। दरअसल उस स्थिति में आप खुद भी तब तक अपने खाते से लेन-देन नहीं कर सकेंगे, जब तक कि खाते को दोबारा चालू न करा लिया जाए। ऐसे में धोखाधड़ी का सवाल ही नहीं उठता।
कैसे कराएं खाता फिर से चालू
निष्क्रिय बैंक खाते को फिर से सक्रिय किया जा सकता है ताकि आप इसे फिर से संचालित करना शुरू कर सकें या इसे बंद कर सकें। रिएक्टिवेशन प्रोसेस बैंकों में भिन्न होती है। आमतौर पर खाता 24 घंटों के भीतर सक्रिय हो जाता है। इसके लिए खाताधारक को चेक या एटीएम से लेनदेन करना होगा। यदि किसी के पास अन्य सक्रिय खाते हैं, तो वह अपनी व्यक्तिगत इंटरनेट बैंकिंग आईडी से बैंक को एक सिक्योर्ड मैसेज भेज सकता है। इसके लिए इस खाते से दूसरे खाते में कम से कम एक रुपया डेबिट करने का निर्देश देना होगा।
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