
Tips for Buying New House: ज्यादातर लोगों के लिए घर खरीदना एक सपने को पूरा करने से कहीं ज्यादा होता है। कोई व्यक्ति अपने जीवन का एक अहम हिस्सा घर खरीदने के लिए खर्च कर देता है। हालांकि, घर खरीदने की प्रोसेस पेचीदा हो सकती है, खासकर अगर कोई पहली बार घर खरीद रहा हो। आप जिस तरह की प्रॉपर्टी खरीदना चाहते हैं, उसके आधार पर जरूरी दस्तावेज अलग-अलग होते हैं। इसलिए जो लोग पहली बार घर खरीद रहे हैं, उन्हें हम यहां बताएंगे कि कौन से डॉक्यूमेंट्स डील करने से पहले चेक करना जरूरी है।
सेल डीड
सेल डीड एक आवश्यक जरूरी कानूनी दस्तावेज है जिसमें बिल्डर की तरफ से किसी व्यक्ति को बिक्री और प्रॉपर्टी के ट्रांसफर का प्रूफ होता है। कई बार, घर खरीदने के सालों बाद, आप किसी कारण से घर बेचना चाहें, तो ऐसे में यह दस्तावेज़ आवश्यक है। सेल डीड को आमतौर पर बिक्री समझौते से पहले और समझौता करने वाले व्यक्तियों की तरफ से सहमति के हिसाब से नियमों और शर्तों को पूरा करने के बाद तैयार किया जाता है।
मदर डीड
मदर डीड भी एक जरूरी दस्तावेज है जिससे प्रॉपर्टी की ओनरशिप का पता लगता है। यह डॉक्यूमेंट आम तौर पर बैंकों के लिए तब आवश्यक हो जाता है जब कोई खरीदार प्रॉपर्टी पर लोन लेता है। आप इस दस्तावेज़ को तैयार कराते समय मदद के लिए स्थानीय अधिकारियों से संपर्क कर सकते हैं।
सेल एंड पर्चेज एग्रीमेंट
सेल एंड पर्चेज एग्रीमेंट में उन नियमों और शर्तों की एक लिस्ट होती है जो खरीदार और विक्रेता दोनों स्वीकार करते हैं। इसका एक आसान उदाहरण है फ्लैट की कीमत। समझौते में खरीदार और विक्रेता दोनों की तरफ से फ्लैट की सहमति की राशि शामिल होगी।
बिल्डिंग अप्रूवल प्लान
कंस्ट्रक्शन शुरू करने से पहले, बिल्डर को बिल्डिंग बायलॉज, मास्टर प्लान और स्थानीय निकाय अधिनियमों के प्रावधानों के तहत जरूरी मंजूरियां प्राप्त करनी होती हैं। इस मंजूरी में दो फैक्टर शामिल हैं - ए) बिल्डिंग प्लान और बी) लेआउट अप्रूवल। एक गलती जो पहली बार घर खरीदने वाले अक्सर करते हैं, वह यह कि वे सुनिश्चित नहीं करते कि बिल्डर ने बिल्डिंग प्लान और लेआउट अप्रूवल के नियमों और शर्तों को पूरा किया है या नहीं। यदि स्थानीय अधिकारी स्पॉट चेक के लिए आते हैं, जो नए भवनों में काफी आम हैं, तो नियम और शर्तों को पूरा न करने का निगेटिव नतीजा हो सकता है।
कब्जा पत्र (पॉजेशन लेटर)
पॉजेशन लेटर बिल्डर द्वारा तैयार किया गया एक दस्तावेज होता है, जिसमें प्रॉपर्टी पर खरीदारों के कब्जे की तारीख का जिक्र होता है। यह दस्तावेज़ बिल्डर के नाम पर बनाया गया होता है और कंप्लीशन सर्टिफिकेट की प्राप्ति के बाद क्रिएट किया गया होता है। हालाँकि, यह लेटर किसी के प्रॉपर्टी की ओनरशिप का प्रूफ नहीं है। इसके लिए घर खरीदार को ऑक्युपेंसी सर्टिफिकेट लेना होगा।
ये हैं बाकी तीन दस्तावेज
तीन और दस्तावेज जरूर चेक करने (प्राप्त) चाहिए। इनमें कंप्लीशन सर्टिफिकेट, खाता सर्टिफिकेट और अलॉटमेंट लेटर शामिल हैं। यदि आप किसी घर को बुक करने की योजना बना रहे हैं जो वर्तमान में अंडर-कंस्ट्रक्शन है तो ये लेटर बहुत महत्वपूर्ण है।
More From GoodReturns

Silver Price Today: 2 अप्रैल को चांदी की कीमतों में भारी गिरावट! जानिए प्रति किलो चांदी का रेट

Silver Price Today: 31 मार्च को चांदी की कीमतों में आई गिरावट! जानिए प्रति किलो चांदी का रेट क्या है?

Silver Price Today: 30 मार्च को चांदी का भाव सस्ता हुआ या महंगा? जानें प्रति किलो चांदी का रेट

Gold Rate Today: 2 अप्रैल को भी सोने की कीमतों में उतार-चढ़ाव जारी! जानिए 24k, 22k,18k गोल्ड रेट क्या है?

Silver Price Today: 1 अप्रैल को चांदी की कीमतों में उतार-चढ़ाव जारी! जानिए प्रति किलो चांदी का भाव

Gold Rate Today: महीने के आखिरी दिन 31 मार्च को सोने की कीमतों में बड़ा बदलाव! जानिए 24k, 22k गोल्ड रेट

एमपी-यूपी सहयोग सम्मेलन: साझा विरासत के साथ आगे बढ़ रहे मध्यप्रदेश-उत्तर प्रदेश, निवेश और विकास पर बनी सहमति

LPG Cylinder Price Hike: युद्ध के बीच बड़ा झटका! आज से एलपीजी सिलेंडर के दाम ₹218 तक बढ़े

Bank holiday Today: महावीर जयंती पर आज बैंक खुला रहेगा या बंद? जाने से पहले चेक करें RBI हॉलिडे लिस्ट

Gujarat News: सताधार धाम बना आत्मनिर्भरता का प्रतीक, रोजाना 10 हजार श्रद्धालुओं का भोजन बायोगैस पर तैयार

कानूनी प्रक्रिया से ही तय हुआ JAL का भविष्य: Adani की जीत पर मुहर, CoC की ‘कमर्शियल विजडम’ सर्वोपरि



Click it and Unblock the Notifications