नई दिल्ली, फरवरी 21। मोदी सरकार द्वारा करीब साढ़े सात साल पहले शुरू की गई प्रधानमंत्री जनधन योजना के तहत खोले गए बैंक खातों में कुल जमा राशि 1.5 लाख करोड़ रुपये को पार कर गई है। ये आंकड़े पिछले महीने वित्त मंत्रालय की ओर से जारी किए गए थे। मंत्रालय की तरफ से दी गयी जानकारी के अनुसार 44.23 करोड़ से अधिक प्रधानमंत्री जन धन योजना (पीएमजेडीवाई) खातों में कुल बैलेंस दिसंबर 2021 तक 1,50,939.36 करोड़ रुपये हो गया। वित्त मंत्रालय के आंकड़ों के अनुसार कुल 44.23 करोड़ खातों में से 34.9 करोड़ खाते सरकारी बैंकों में, 8.05 करोड़ क्षेत्रीय ग्रामीण बैंकों के पास और बाकी 1.28 करोड़ प्राइवेट बैंकों में हैं। जनधन योजना काफी काम की साबित हुई है। मगर बावजूद इसके इन खातों की कुछ सीमाएं भी हैं। यदि आप ऐसी किसी सीमा के कारण अपने खाते के रेगुलर बचत खाते में कंवर्ट करना चाहते हैं तो एसबीआई ऐसी सुविधा दे रहा है।
क्या है एसबीआई की सुविधा
स्टेट बैंक ऑफ इंडिया यानी एसबीआई भारत का सबसे बड़ा बैंक है। कुछ लोग ऐसे हो सकते हैं जो अपने जनधन खाते को सेविंग अकाउंट कंवर्ट करना चाहते हैं। बैंक की ओर से मिलने वाली सभी सुविधाएं जनधन खाते पर नहीं मिलती। ऐसे में जनधन खाते को सेविंग अकाउंट में कन्वर्ट करना एक अच्छा आइडिया है। एसबीआई ने ट्वीट के जरिए वो जानकारी दी है, जिसकी मदद से आप जनधन खाते को सेविंग अकाउंट में बदल सकते हैं। आगे जानिए इसका प्रोसेस।
ये है प्रोसेस
जनधन खाते को एसबीआई के रेगुलर सेविंग्स अकाउंट में कंवर्ट करने के लिए सबसे पहले आपको अपनी होम ब्रांच में जाना होगा। फिर बैंक में अकाउंट बदलने के लिए एक एप्लिकेशन जमा करनी होगी। इसके अलावा आपको फिर से केवाईसी डॉक्यूमेंट्स भी जमा करने होंगे। इसके लिए ज्यादा डॉक्यूमेंट्स नहीं चाहिए होंगे। बाकी जानकारी आप एसबीआई की वेबसाइट पर ले सकते हैं।
केवाईसी गाइडलाइंस
यदि आप एसबीआई की केवाईसी गाइडलाइंस जानना चाहते हैं तो इस लिंक (https://sbi.co.in/web/personal-banking/information-services/kyc-guidelines) पर जा सकते हैं। एसबीआई ने जो प्रोसेस बताई है, उसे फॉलो करें तो आप आराम से जनधन खाते को बैंक के रेगुलर सेविंग अकाउंट में कंवर्ट कर सकेंगे। अगर आपको एसबीआई से कोई सवाल करना है तो आप ट्वीट के जरिए पूछ सकते हैं।
रुपे डेबिट कार्ड
बता दें कि 31 दिसंबर तक 31.28 करोड़ पीएमजेडीवाई लाभार्थियों को रुपे डेबिट कार्ड जारी किए गए हैं। रुपे कार्ड्स की संख्या और उनके उपयोग में समय के साथ वृद्धि हुई है। आंकड़ों के अनुसार ग्रामीण और अर्ध-शहरी बैंक शाखाओं में 29.54 करोड़ जनधन खाते हैं। 29 दिसंबर 2021 तक लगभग 24.61 करोड़ खाताधारक महिलाएं रहीं। योजना के पहले वर्ष के दौरान 17.90 करोड़ पीएमजेडीवाई खाते खोले गए थे। भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) के दिशानिर्देश के अनुसार जनधन खातों सहित बेसिक सेविंग्स बैंक डिपॉजिट (बीएसबीडी) खातों में न्यूनतम बैलेंस बनाए रखने की कोई आवश्यकता नहीं होती।
कितने हैं जीरो बैलेंस खाते
8 दिसंबर 2021 तक जीरो बैलेंस खातों की कुल संख्या 3.65 करोड़ थी, जो कुल जनधन खातों की लगभग 8.3 प्रतिशत थी। इस बारे में दिसंबर में सरकार ने संसद को सूचित किया था। सरकार की इस प्रमुख योजना के उद्देश्यों में किफायती कीमत पर लोगों तक फाइनेंशियल प्रोडक्ट्स और सर्विसेज का एक्सेस सुनिश्चित करना शामिल है।
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