Gross Domestic Product: अक्सर आपने 'जीडीपी' शब्द सुना या पढ़ा होगा। जब भी बात भारत की अर्थव्यवस्था की आती है तो जीडीपी का जिक्र जरूर होता है।
जीडीपी से ही अर्थव्यवस्था को समझा जाता है। चलिए अब आपको बताते हैं कि आखिर जीडीपी क्या होती है और इससे इकोनॉमी की सेहत पर कैसे असर पड़ता है।

सरल भाषा में समझें क्या होती है जीडीपी(GDP)?
जीडीपी का फुल फॉर्म ग्रॉस डोमेस्टिक प्रोडक्ट होता है। एक वित्त वर्ष में किसी भी देश में बनी हुई वस्तुओं और सेवाओं का मूल्य होता है।
अगर किसी देश की जीडीपी ज्यादा है तो इसका मतलब है कि उस देश में लोगों का जीवन स्तर उतना बेहतर होता है।
वहीं, अगर किसी देश की जीडीपी कम होती है तो लोगों का जीवन स्तर उच्च सीमा से कम होता है और वह विकासशील देश माना जाता है।
GDP से जुड़ी हुई हैं ये अहम बातें
सेंट्रल स्टैटिस्टिक्स ऑफिस (CSO) साल में चार बार जीडीपी का आकलन करता है। पूरे देश से आंकड़े इकट्ठा करता है और उनकी कैलकुलेशन कर जीडीपी का आंकड़ा जारी करता है।
आपको बता दें कि जीडीपी को प्रतिशत के रूप में रिपोर्ट किया जाता है। जीडीपी से हमे यह भी पता चलता है कि हमारे देश में किस चीज का कितना उत्पादन हो रहा है।
अगर किसी देश की इकोनॉमी तेजी से बढ़ती है तो लोगों के लिए नई नौकरी के अवसर बढ़ते हैं और अच्छा पैसा कमाते हैं और इस कारण उनके जीवन स्तर में सुधार होता है।
वहीं, अगर जीडीपी गिरती है तो लोगों की आय में गिरावट आती है। इसके साथ कंज्यूमर डिमांड भी कम होती है और बिजनेस की आय में भी गिरावट आती है।
हमारे देश में कृषि, इंडस्ट्री और सर्विस, इन तीन अहम हिस्सों के आधार पर जीडीपी का तिमाही आकलन किया जाता है। देश के कुल निर्यात में से कुल आयात को घटा दिया जाता है।
फिर प्राप्त आंकड़ों को देशभर में कुल उत्पादन, व्यक्तिगत उपभोग, व्यवसाय में कुल निवेश और सरकार द्वारा देश के अंदर किए गए खर्च के साथ जोड़ दिया जाता है। इससे भारत की जीडीपी के बारे में पता चल जाता है।
जीडीपी हमारी अर्थव्यवस्था की समग्र गतिविधियों के स्तर को भी दिखाता है और इससे यह पता चलता है कि किन सेक्टरों की वजह से इसमें तेजी या गिरावट आई है।
जीडीपी तब ज्यादा अहम साबित होती है जब एक देश की जीडीपी की तुलना अन्य देश की जीडीपी से की जाती है।
हमारे देश में लोकसभा चुनाव के नतीजे अपने अंतिम पड़ाव पर है लेकिन इस चुनावी जंग से दूर आर्थिक स्थिति पर नजर रखना भी बहुत जरूरी है।
आपको बता दें कि आज Q4 GDP के आंकड़े भी आएंगे। आरबीआई ने ने वित्त वर्ष 2025 में वास्तविक जीडीपी वृद्धि 7% रहने का अनुमान लगाया है। जीडीपी के Q4 के आंकड़े कैसे रहने वाले हैं इसपर आर्थिक विशेषज्ञों की अपनी-अपनी राय है।
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