यदि अमेरिका में H-1B वीजा क़ानून पास हो गया तो ये 10 भारतीय और अमेरिकी कंपनियों पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ेगा।
अमेरिकी प्रतिनिधि सभा में एक क़ानून पेश किया गया जिसके अनुसार H-1B वीजा धारकों का न्यूनतम वेतन दुगुना करके 1,30,000 अमेरिकी डॉलर किये जाने का प्रावधान है। यदि यह कानून पास हो जाता है तो अमेरिकी कंपनियों के लिए विदेशी एच-1बी वीजा धारकों की नियुक्ति करना बहुत कठिन हो जाएगा जिसमें भारत के आई टी पेशेवर भी शामिल हैं। वीजा प्रायोजक अर्थात नियोक्ता प्रस्तुत आवेदनों को श्रम स्थिति आवेदन (एलसीए) के अनुसार हल कर रहे हैं। यदि अमेरिका में यह क़ानून पास हो गया तो ये 10 भारतीय और अमेरिकी कंपनियों पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ेगा।
इंफोसिस
इंफोसिस एक भारतीय बहुराष्ट्रीय कंपनी है जो बिजनेस कंसल्टिंग (व्यापार परामर्श), इन्फॉर्मेशन टेक्नोलॉजी (सूचना प्रौद्योगिकी) और आउटसोर्सिंग सेवा प्रदान करती है। इसका मुख्यालय बेंगलुरु में है तथा वर्ष 2016 के राजस्व के अनुसार इंफोसिस भारत की दूसरी सबसे बड़ी आई टी सर्विस कंपनी है। यह कंपनी संयुक्त राज्य अमेरिका में H-1B वीजा पेशेवरों की सबसे बड़ी नियोक्ता है।
टीसीएस
टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेस, टाटा समूह की सहायक कंपनी है। टीसीएस का मुख्यालय मुंबई में है तथा यह कंपनी आई टी, बिजनेस कंसल्टिंग और आउटसोर्सिंग सर्विस प्रदान करती है। कंपनी के वर्तमान सीईओ और टाटा संस के चेयरमैन एन. चंद्रशेखरन ने बताया कि वर्ष 2016 में यह भारत की सबसे बड़ी आईटी आउटसोर्सिंग कंपनी थी जिसने वर्ष 2015 के 14,000 वीजा की तुलना में वर्ष 2016 में केवल 4,000 नए वीजा आवेदन दिए। उस वर्ष TCS को केवल 1,300 वीजा मिलें।
कैपजेमिनी
यह बहुराष्ट्रीय कंपनी कंप्यूटर सॉफ्टवेयर, आईटी सर्विसेस, इन्फॉर्मेशन टेक्नोलॉजी (सूचना प्रौद्योगिकी) आदि क्षेत्रों में सेवाएं प्रदान करती हैं। कैपजेमिनी मुख्यालय पेरिस में है। कैपजेमिनी यूएस एलआईसी ने वित्त वर्ष 2014 से 2016 तक एच1बी वीजा के लिए 19700 श्रम स्थिति आवेदन और ग्रीन कार्ड के लिए 376 श्रम प्रमाणन आवेदन दिए थे। सभी वीजा प्रायोजकों में कैपजेमिनी का स्थान 9 वां था।
विप्रो
विप्रो एक भारतीय सूचना प्रौद्योगिकी सेवा निगम है जिसका मुख्यालय बैंगलोर में है। विप्रो लिमिटेड ने वित्त वर्ष 2014 से 2016 तक एच1बी वीजा के लिए 31173 श्रम स्थिति आवेदन और ग्रीन कार्ड के लिए 987 श्रम प्रमाणन आवेदन दिए थे। सभी वीजा प्रायोजकों में विप्रो का तीसरा स्थान था।
एल एंड टी (L&T)
लार्सन एंड टुब्रो जिसे एल एंड टी (L&T) के नाम से जाना जाता है, एक भारतीय बहुराष्ट्रीय कंपनी है जिसका मुख्यालय मुंबई में है। एल एंड टी टेक्नोलॉजी सर्विसेज़ ने बताया कि अगर एच1बी वीजा धारकों के न्यूनतम वेतन को 1,30,000 अमेरिकी डॉलर किया गया तो उनका कर-पूर्व लाभ मार्जिन 2.5 प्रतिशत तक कम हो जाएगा। इसके विकल्प पर काम चल रहा है और नौकरियों का स्थानांतरण भारत में किया जा रहा है। मैनेजिंग डायरेक्टर और चीफ एग्जीक्यूटिव (प्रबंध निदेशक और कार्यकारी) केशब पांडा ने संवाददाताओं को बताया कि "हमारे 1,600 इंजीनियर्स यूएस में हैं और उनमें से लगभग 65% एच1बी वीजा धारक हैं। यदि वेतनों में वृद्धि की गयी तो हमारी गणना के अनुसार एबिटा मार्जिन पर 2-2.5 प्रतिशत प्रभाव पड़ेगा।"
एक्सेंचर
एक्सेंचर एक अग्रणी पेशेवर सेवा कंपनी है जो स्ट्रेटेजी, कंसल्टिंग, डिजिटल टेक्नोलॉजी और ऑपरेशन सर्विसेज़ और सोल्यूशंस प्रदान करती है। इसका मुख्यालय आयरलैंड में है। एक्सेंचर ने वित्त वर्ष 2014 से 2016 तक एच1बी वीजा के लिए 24593 श्रम स्थिति आवेदन और ग्रीन कार्ड के लिए 232 श्रम प्रमाणन आवेदन दिए थे। सभी प्रायोजकों में एक्सेंचर को 5 वां स्थान मिला।
डेलॉयट
अमेरिका स्थित कंपनी डेलॉयट विश्व के कई जाने माने ब्रांड्स को ऑडिट, कंसल्टिंग और सलाहकार सेवाएं प्रदान करती है। डेलॉयट एंड टच वित्त वर्ष 2014 से 2016 तक एच1बी वीजा के लिए 4725 श्रम स्थिति आवेदन और ग्रीन कार्ड के लिए 462 श्रम प्रमाणन आवेदन दिए थे। सभी वीजा प्रायोजकों में डेलॉयट एंड टच को 22 वां स्थान मिला।
कांग्नीजेंट
कांग्नीजेंट एक अमेरिकन बहुराष्ट्रीय कॉर्पोरेशन है जो डिजिटल, टेक्नोलॉजी, कंसल्टिंग और ऑपरेशन सेवाएं प्रदान करती है। इसका मुख्यालय न्यू जर्सी में है। कांग्नीजेंट टेक्नोलॉजी सोल्यूशंस ने वित्त वर्ष 2014 से 2016 तक एच1बी वीजा के लिए 11250 श्रम स्थिति आवेदन और ग्रीन कार्ड के लिए 11637 श्रम प्रमाणन आवेदन दिए थे। सभी वीजा प्रायोजकों में कांग्नीजेंट टेक्नोलॉजी सोल्यूशंस को 7 वां स्थान मिला।
एप्पल
आई फ़ोन की निर्माता एप्पल एक अमेरिकन बहुराष्ट्रीय टेक्नोलॉजी कंपनी है जिसका मुख्यालय कैलीफोर्निया में है। एप्पल कंपनी उपभोक्ता इलेक्ट्रॉनिक्स, कंप्यूटर सॉफ्टवेयर का डिज़ाइन, निर्माण और बिक्री करती है और ऑनलाइन सर्विसेज़ प्रदान करती है। एप्पल इंक ने वित्त वर्ष 2014 से 2016 तक एच1बी वीजा के लिए 4639 श्रम स्थिति आवेदन और ग्रीन कार्ड के लिए 2096 श्रम प्रमाणन आवेदन दिए थे। सभी वीजा प्रायोजकों में एप्पल को 19 वां स्थान मिला।
आईबीएम
इंटरनेशनल बिजनेस मशीन कॉर्पोरेशन न्यूयॉर्क में स्थित एक अमेरिकन बहुराष्ट्रीय टेक्नोलॉजी कंपनी है। आईबीएम विश्व के 170 देशों में काम कर रहा है। आईबीएम ने वित्त वर्ष 2014 से 2016 तक एच1बी वीजा के लिए 24359 श्रम स्थिति आवेदन और ग्रीन कार्ड के लिए 744 श्रम प्रमाणन आवेदन दिए थे। सभी वीजा प्रायोजकों में आईबीएम चौथे स्थान पर थी।
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