अक्सर भारत और चीन की विभिन्न मानकों पर तुलना होती है। इसमें चीन हमेशा से ही भारत पर भारी पड़ता आया है। पर अब वक्त बदल चुका है। भारत पहले की तुलना में काफी सशक्त हो चुका है और आने वाले समय में भारत दुनिया की आर्थिक और सामरिक महाशक्ति बनने की तरफ बढ़ चुका है। भारत ने पिछले दिनों अर्थव्यवस्था में जर्मनी और ब्रिटेन जैसे देशों को पीछे छोड़ दिया है। भारत के सामने सबसे बड़ी चुनौती चीन ही है। चीन से हमेशा सामरिक और आर्थिक चुनौती मिलती रहती है। वहीं भारत की अर्थ व्यवस्था में मजबूती आने से चीन भी चिंतित है। भारत आर्थिक विस्तारवाद को और फैलते हुए अफ्रीकी देशों, आसियान देशों में तेजी से निवेश कर रहा है। भारत की यह नीति चीन को सता रही है। आइए देखते हैं एशिया के दो पड़ोसी एक दूसरे के मुकाबले कहां मजबूत हैं और कहां कमजोर हैं।
जीडीपी
जीडीपी की बात करें तो भारत जीडीपी की तुलना में चीन से बहुत पीछे है। भारत की जीडीपी 2.264 ट्रिलियन डॉलर है, जबकि चीन की जीडीपी 11.2 ट्रिलियन डॉलर है।
प्रति व्यक्ति जीडीपी
प्रति व्यक्ति जीडीपी के मामले में भारत की स्थिति धीरे-धीरे सुधर रही है। भारत में पहले जहां 3 हजार डॉलर तक प्रति व्यक्ति जीडीपी थी वहीं अब ये बढ़ कर 6,616 डॉलर हो गई है जबकि चीन में प्रति व्यक्ति जीडीपी 15 हजार 399 डॉलर है।
प्रति व्यक्ति आय
प्रति व्यक्ति आय के मुकाबले में भारत की स्थिति अभी उतनी अच्छी नहीं है जितनी चीन की है। चीन की प्रति व्यक्ति आय 8 हजार 806 डॉलर है वहीं इस मामले में भारत की प्रति व्यक्ति आय 1 हजार 743 डॉलर है।
आर्थिक मॉडल
भारत का आर्थिक मॉडल मिला-जुला आर्थिक मॉडल है जिसे मिक्स्ड इकोनॉमी भी कह सकते हैं जबकि चीन में सरकार के नियंत्रण वाली मिक्स्ड इकोनॉमी है।
निर्यात
निर्यात के मामले में भी चीन, भारत से आगे है। चीन हर साल 2 हजार 560 अरब डॉलर का निर्यात करता है जबकि भारत में ये आंकड़ा महज 423 अरब डॉलर तक है।
आयात
आयात के मामले में भी चीन भारत से आगे है, चीन हर साल 2 हजार 148 अरब डॉलर का आयात करता है जबकि भारत 516 अरब डॉलर का आयात करता है।
रेल नेटवर्क
रेल नेटवर्क के मामले में भारत और चीन लगभग बराबर ही हैं। हालांकि चीन में दुनिया का सबसे बड़ा बुलेट ट्रेन का नेटवर्क है। चीन में कुल रेल नेटवर्क 1 लाख 21 हजार किलोमीटर का है वहीं भारत में कुल रेल नेटवर्क 1 लाख 19 हजार 630 किलोमीटर का है। भारत में अभी हाई स्पीड और बुलेट ट्रेन के लिए रेल नेटवर्क तैयार किया जा रहा है।
बंदरगाह
बंदरगाह चीन में ज्यादा हैं, इसके पीछे कारण है चीन की विशाल तटीय सीमा जो कि आसियान देशों और जापान से लगती है। चीन की कुल तटीय सीमा 14 हजार 500 किलोमीटर है, चीन में 130 बड़े पोर्ट, 2000 मध्यम आकार के पोर्ट हैं। जबकि भारत की तटीय सीमा 7 हजा 516 किलोमीटर है जिसमें 12 बड़े बंदरगाह और 200 छोटे पोर्ट हैं।
एविएशन
भारत में एविएशन बिजनेस तेजी से आगे बढ़ रहा है। हालांकि चीन में सिविल एविएशन काफी पहले से मजबूत है। चीन में 220 सिविल एविएशन एयरपोर्ट हैं जबकि भारत में 126 सिविल एविएशन एयरपोर्ट हैं।
सरकारी कर्ज
बात अगर सरकारी कर्जे की करें तो भारत पर कुल 70 प्रतिशत सरकारी कर्ज है, जबकि चीन पर 46 प्रतिशत सरकारी कर्ज है।
अफ्रीकी देशों में निवेश
भारत के मसाले भले ही अफ्रीका में चीन से पहले पहुंच गए हों लेकिन चीनी निवेश वहां भारत से पहले और तेजी से पहुंच चुका है। चीन ने अफ्रीका में 34.7 अरब डॉलर का निवेश किया है साथ ही जीबूती में सैन्य बंदरगाह भी तैयार कर लिया है वहीं भारत का अफ्रीका में कुल निवेश 16.9 अरब डॉलर है जो कि चीन के मुकाबले कम है।
सभी आंकड़े समाचार पोर्टल DW वर्ल्ड से लिए गए हैं।
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