यहां पर आपको ऐसे स्टॉक्स के बारे में बताएंगे जो कि 52 सप्ताह में इतना ज्यादा गिर चुके हैं। यानी कि इनकी बिकवाली हो चुकी है।
जनवरी 2018 में अब तक के सबसे हाई पॉइंट पर पहुँचने के बाद शेयर मार्केट 10% गिर चुका है। दिसंबर 2017 में हम सेंसेक्स का सबसे लो लेवल भी देख चुके हैं। पहली बार, अक्टूबर के बाद निफ्टी जनवरी में 10,000 पॉइंट्स से नीचे तक गया है। यहां पर आपको कुछ शेयर्स के बारे में बता रहे हैं जो 52 सप्ताहों में अपने सबसे निचले स्तर पर गए हैं।
स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI)
दिसंबर 31, 2017 को खत्म होने वाली तिमाही में नुकसान और पीएनबी फ्रॉड केस के कारण सरकारी शेयरों में गिरावट दर्ज़ की गई है। पीएसयू बैंकिंग शेयर्स अभी बहुत कम पसंद किए जा रहे हैं और इनमें तेजी से गिरावट आ रही है। स्टेट बैंक ऑफ इंडिया का शेयर 52 सप्ताहों में अपने सबसे निचले स्तर 234 रुपए पर आ गिरा है। बैंकों के द्वारा पुनः पूंजीकरण की घोषणा के बाद यह 52 सप्ताहों के सबसे ऊपरी स्तर 351 रुपए पर भी गया था।
यस बैंक (YES BANK)
यह हाई-क्वालिटी स्टॉक है जो हर साल 20 से 25% की ग्रोथ कर रहा है। यह शेयर जो कि 286 रुपए पर बंद हुआ है, यह अपने 52 सप्ताह के सबसे निचले स्तर 275 रुपए से ज़्यादा दूर नहीं है। चूंकि यह प्राइवेट सेक्टर का बेहतर बैंक है, इसलिए एक्सपर्ट्स का मानना है कि जब बाज़ार में सुधार होगा तो यह स्टॉक भी रिकवर होगा।
टाटा मोटर्स
यह शेयर 488 रुपए से 331 पर आ गिरा है। इस शेयर के साथ वैसे कोई गलत नहीं है। वाकई में हाल में घरेलू बिजनेस में अच्छी रिकवरी दर्ज़ की गई है, इसलिए उम्मीद है कि यह आने वाले दिनों में आगे बढ़ेगा। एलसीवी और एचसीवी सेगमेंट में अच्छी ग्रोथ हो रही है, और कंपनी के जो मुख्य प्रोडक्टस हैं वो अच्छी ग्रोथ कर रहे हैं, इनमें जागुआर और लैंड रोवर का चीन और अमेरिका में अच्छा बिजनेस रहने की उम्मीद है।
लुपिन
यह शेयर आधी रेट पर आ गया है। जो स्टॉक 52 सप्ताह के सबसे हाई लेवल 1500 रुपए पर था वो अब 735 रुपए पर आ गिरा है। यूएस एफ़डीएस और इस मुख्य बाज़ार में गिरावट के कारण यह शेयर गिरावट झेल रहा है। खास तौर पर, जो शेयर यूएस मार्केट में निर्यात कर रहे थे उनमें तेजी से गिरावट दर्ज़ की गई है।


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