यहां पर आपको आरबीआई की नई सीएफओ सुधा बालकृष्णन के बारे में बताएंगे।
NSDL (नेशनल सेक्योरिटीज डिपॉजिटरी लिमिटेड) की अधिकारी रह चुकीं सुधा बालाकष्णन को रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया की पहली चीफ फाइनेंशियल ऑफिसर (CFO) नियुक्त किया गया है। रिर्पोट के अनुसार, उनकी नियुक्ति 15 मई से प्रभावी है। आपको बता दें कि उर्जित पटेल के RBI गर्वनर बनने के बाद से यह सबसे बड़ा संगठनात्मक बदलाव है।

बता दें कि चार्टर्ड अकाउंटेंट बालाकृष्णन अभी तक NSDL में वाइस प्रेसिडेंट थीं। एनएसडीएल भारत का पहला और सबसे बड़ा डिपॉजिटरी है। बालाकष्णन रिजर्व बैंक की 12वीं एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर बन गई हैं, उनका कार्यकाल 3 साल का होगा।
रिर्पोट के अनुसार आरबीआई मई 2017 से ही सीएफओ की तलाश कर रहा था, इसके लिए बैंक की ओर से विज्ञापन भी दिया था। जानकारी के अनुसार, एक विदेशी बैंक अधिकारी को इस पोस्ट के लिए चुन लिया गया था मगर वेतन-भत्तों पर सहमति न बन पाने के कारण उन्होंने इंकार कर दिया था।
सुधा को घर के साथ 2 लाख रुपए तक का वेतन मिलेगा अगर वह घर नहीं लेती हैं तो 4 लाख रुपए का मासिक वेतन मिलेगा। इसके अलावा हर वर्ष 3 से 5 प्रतिशत की बढ़ोत्तरी भी होगी। बालाकृष्णन का काम यह देखना होगा कि अकाउंटिंग से जुड़े सभी नियम और कायदों का पालन हो। वह गर्वमेंट एंड बैंक अकाउंट विभाग को संभालेंगी।


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