आईडीएफसी बैंक अपना नाम बदलकर आईडीएफसी फर्स्ट बैंक लिमिटेड करने के लिये अगले महीने शेयर धारकों से मंजूरी मांगेगा।
आईडीएफसी बैंक अपना नाम बदलकर आईडीएफसी फर्स्ट बैंक लिमिटेड करने के लिये अगले महीने शेयर धारकों से मंजूरी मांगेगा। आईडीएफसी बैंक की नॉन-बैंकिंग फाइनेंशियल वित्तीय कंपनी कैपिटल फर्स्ट और उसकी इकाइयों को खुद के साथ मिलाने का प्रस्ताव है।

आईडीएफसी बैंक ने शेयर बाजार को बताया कि आईडीएफसी बैंक के शेयरधारक नाम बदलने के प्रस्ताव पर चार दिसंबर 2018 से 2 जनवरी 2019 के बीच मतदान करेंगे। बैंक के निदेशक मंडल ने 13 जनवरी 2018 को विलय की समग्र योजना को मंजूरी दी थी।
हांलाकि बैंक को इस प्रस्तावित सौदे के लिये राष्ट्रीय आवास बैंक, भारतीय प्रतिस्पर्धा आयोग सीसीआई बंबई शेयर बाजार, नेशनल स्टॉक एक्सचेंज, रिजर्व बैंक और कंपनियों के शेयरधारकों और कर्जदाताओं से मंजूरी मिल चुकी है।
बता दें कि विलय के बाद संयुक्त इकाई की प्रबंधन अधीन संपत्ति एएमयू 88 हजार करोड़ रुपये हो जाएगी।


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