भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने बुधवार को स्वर्ण मौद्रिकरण योजना (गोल्ड मोनेटाइजेशन स्कीम) को आकर्षक बनाने के लिये कुछ बदलाव किए।
भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने बुधवार को स्वर्ण मौद्रिकरण योजना (गोल्ड मोनेटाइजेशन स्कीम) को आकर्षक बनाने के लिये कुछ बदलाव किए। बैंक ने इसमें परमार्थ सेवाएं देने वाले संस्थानों और केंद्र सरकार समेत अन्य को भी शामिल किया है।

आरबीआई ने अधिसूचना में कहा कि इस योजना का लाभ अब धर्मादा संस्थाएं, केंद्र सरकार, राज्य सरकार या केंद्र सरकार व राज्य सरकार के स्वामित्व वाली इकाइयां भी उठा सकती है। पहले यह यह योजना व्यक्तिगत एवं संयुक्त जमाकर्ताओं के लिये खुली थी।
यह योजना बैंकों के ग्राहकों को निष्क्रिय पड़े सोने को निश्चित अवधि के लिये जमा करने की अनुमति देता है। इस पर उसे 2.25 से 2.50 प्रतिशत का ब्याज मिलेगा।
आपको बता दें कि इस स्कीम के तहत 2 या उससे ज्यादा लोग भी सोना एक साथ जमा करवा करते हैं। इस तरह का सोना ज्वाइंट डिपॉजिट अकाउंट में क्रेडिट होगा।
बता दें कि अभी जो बैंक में ज्वाइंट अकाउंट के नियम हैं वो इस पर लागू होंगे। आरबीआई ने पिछले साल जून में इस स्कीम को आकर्षक बनाने के लिए बदलाव किया था।
सरकार ने 2015 में यह योजना शुरू की थी। इसका मकसद घरों तथा संस्थानों में रखे सोने बाहर लाना और उसका अर्थव्यवस्था के लिए बेहतर उपयोग करना है।


Click it and Unblock the Notifications