नई दिल्ली। इनकम टैक्स रिटर्न (ITR) फाइल न करके आप कितने फायदों से वंचित रह जाते हैं, यह जानना जरूरी है। आमतौर पर लोगों को लगता है कि उन्होंने अपनी आमदनी के हिसाब से निवेश कर दिया है और अब उनको इनकम टैक्स रिटर्न फाइल करने की जरूरत नहीं है। लेकिन लोगों की यह सोच सही नहीं है। हो सकता है कि कानूनी रूप से ऐसे लोग सही हों, लेकिन उनको कभी न कभी ऐसी कुछ दिक्कतों का सामना पड़े जहां इनकम टैक्स रिटर्न फाइन करने के रिकॉर्ड के बिना काम न चलें। आइये जानते हैं कहां कहां पड़ती है इनकम टैक्स रिटर्न की कापी की जरूरत।

ज्यादा बड़ा बीमा लेने में
इन दिनों 50 लाख रुपये से लेकर 1 करोड़ रुपये तक का बीमा लेना आमा बात होती जा रही है। लेकिन ऐसे बीमा लेने के लिए आपको इनकम टैक्स रिटर्न (ITR) का प्रणाम देना पड़ सकता है। कंपनियां ज्यादा बड़ा बीमा देने से पहले ऐसी मांग कर सकती हैं। अगर आपने इनकम टैक्स रिटर्न (ITR) फाइल नहीं किया है तो फिर बड़ा बीमा लेना मुश्किल हो सकता है। जानकारों के अनुसार बीमा कंपनियां आपसे 3 साल की इनकम टैक्स रिटर्न (ITR) की कापी मांग सकती है।
वाहन खरीदने के लिए जरूरी
आजकल दो पहिया या चार पहिया वाहन खरीदने के लिए आपने इनकम टैक्स रिटर्न (ITR) की कापी मांगी जाती है। ऐसे में अगर आपने इनकम टैक्स रिटर्न (ITR) फाइन नहीं किया है तो वाहन खरीदने में दिक्कत हो सकती है। SBI से अगर वाहन लोन लेना चाहते हैं तो आपके पास TDS सर्टिफिकेट/फॉर्म 16, पिछले दो वित्तीय वर्ष का इनकम टैक्स रिटर्न (ITR) फाइन का प्रमाण होना चाहिए।
होम लोन में इनकम टैक्स रिटर्न (ITR) जरूरी
बैंक और वित्तीय संस्थान होम लोन देने से पहले इनकम टैक्स रिटर्न (ITR) फाइल की कापी मांगते हैं। बैंक यह जानना चाहते हैं कि होम लोन लेने वाले की वित्तीय स्थिति कैसी है। क्या वह लोन लेने के बाद उसे पटा पाएगा कि नहीं। इसलिए अगर भविष्य में होम लेना चाहते हैं तो अभी से इनकम टैक्स रिटर्न (ITR) फाइल करना शुरू कर दें।
सरकारी ठेके
इनकम टैक्स के जानकारों के अनुसार अगर कोई अपने बिजनेस के तहत किसी सरकारी टेंडर के लिए आवेदन करता है तो उन्हें पिछले पांच सालों की टैक्स इनकम टैक्स रिटर्न (ITR) की कापी दस्तावेज के साथ जमा करानी होती है। सरकारी विभाग इनकम टैक्स रिटर्न (ITR) की कापी देखकर आपकी वित्तीय स्थिति को जानना चाहते हैं।
अपने कारोबार के लिए भी इनकम टैक्स रिटर्न (ITR) जरूरी
बिजनेसमैन, कंसल्टेंट्स और पार्टनर्सशिप फर्म्स को फॉर्म 16 नहीं मिलता है। ऐसे में उनके लिए इनकम टैक्स रिटर्न (ITR) की कापी काफी महत्वपूर्ण हो जाती है।
रिफंड के लिए
अगर किसी को इनकम टैक्स विभाग से रिफंड लेना है तो इनकम टैक्स रिटर्न (ITR) फाइल करना जरूरी है। ऐसा किए बिना रिफंड क्लेम नहीं किया जा सकता है। ऐसा टैक्स आमतौर पर टीडीएस के रूप में कट जाता है।
वित्तीय नुकसान को कैरी फारवर्ड करना
अगर आप इनकम टैक्स रिटर्न (ITR) फाइल नहीं करेंगे तो आप अपने कैपिटल लॉस को कैरी फारवर्ड नहीं कर सकते हैं। वित्तीय नुकसान को कैरी फारवर्ड करने का मतलब होता है कि अपने वित्तीय नुकसान को अगे के वित्तीय वर्ष में ले जाना उसकी भरपाई हो सके।
विदेश का वीजा चाहने पर
अगर आप विदेश जाना चाहते हैं तो भी इनकम टैक्स रिटर्न (ITR) की कापी महत्वपूर्ण दस्तावेज हो जाता है। फॉरेन दूतावास वीजा इंटरव्यू के दौरान आपसे पिछले कुछ सालों का इनकम टैक्स रिटर्न (ITR) का प्रमाण मांगते हैं। कही यह 3 साल का जरूरी है कही यह समयसीमा कुछ अलग है।
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