मुम्बई। आरबीआई सेंट्रल बोर्ड (RBI Board) और वित्त मंत्री अरुण जेटली के बीच सोमवार को महत्वपूर्ण मीटिंग हुई। इसमें आरबीआई से सरकार को मिलने वाले डिविडेंड पर केन्द्रीय बैंक ने अपना रुख साफ कर दिया। आरबीआई (RBI) गवर्नर शक्तिकांत दास बाद में अरुण जेटली के साथ संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि डिविडेंट को लेकर आरबीआई का बोर्ड करेगा और अंतिम फैसला बिमल जालान की कमेटी की रिपोर्ट मिलने के बाद लिया जाएगा। वहीं इस दौरान आरबीआई (RBI) गवर्नर शक्तिकांत दास ने रेपो रेट में कटौती के बाद भी बैंकों की तरफ से ब्याज दरें न घटाने पर नाराजगी जताई और कहा कि वह इस मामले पर गुरुवार को एक महत्वपूर्ण बैठक करने जा रहे हैं।

आरबीआई (RBI) गवर्नर शक्तिकांत दास नाराज
आरबीआई (RBI) गवर्नर शक्तिकांत दास ने कहा कि वह 21 फरवरी को बैंक प्रमुखों के साथ बैठक करेंगे! इस बैठक में ब्याज दरों में कटौती का पूरा फायदा लोगों को देने के मामले पर चर्चा की जाएगी। इसके अलावा उन्होंने कहा कि RBI सभी वित्तीय संस्थाओं पर लगातार नजर रखे हुए है। वह प्राइवेट और सरकारी संस्थाओं को लेकर किसी प्रकार का भेदभाव नहीं करता है।
वित्तीय घाटा लक्ष्य पूरा न हो पाने की है आशंका
सरकार और आरबीआई के बीच बजट पेश होने के बाद आयोजित यह परंपरागत बैठक ऐसे समय हुई है, जब चालू वित्त वर्ष में सरकार के राजकोषीय घाटे के लक्ष्य को पाने में असफल रहने की आशंका है। अंतरिम बजट में चालू वित्त वर्ष के दौरान राजकोषीय घाटे के GDP का 3.4 फीसदी रहने का संशोधित अनुमान लगाया गया है। इससे पहले इसके 3.3 फीसदी रहने का बजट अनुमान रखा गया था।
घाटे का लक्ष्य पूरा न हो पाने के प्रमुख कारण
-सरकार की तरफ से 5 लाख रुपये तक की आय पर कर छूट।
-PM-किसान घोषणा, जिसमें छोटे किसानों को सालाना छह हजार रुपये दिया जाएगा।
-नए वित्त वर्ष के दौरान स्टैंडर्ड डिडक्शन को भी 40 हजार रुपये से बढ़ाकर 50 हजार रुपये करना।
-टीडीएस की सीमा को 10 हजार रुपये से बढ़ाकर 40,000 रुपये करना।


Click it and Unblock the Notifications