नई दिल्ली। म्युचुअल फंड (Mutual Fund) में निवेश करके अच्छा फायदा कमाया जा सकता है, लेकिन अगर एक साथ निवेश करने से डर लगता है तो सिस्टेमैटिक इन्वेस्टमेंट प्लान यानी सिप (SIP) माध्यम से निवेश किया जा सकता है। म्युचुअल फंड (Mutual Funds) में सिप (SIP) बैंक (bank) और पोस्ट ऑफिस (post office) की आरडी (RD) का सुधरा हुआ रूप है। यहां पर कभी भी निवेश (Investment) शुरू किया जा सकता है और भी बंद किया जा सकता है या निकाला जा सकता है। जहां तक न्यूनतम निवेश का सवाल है तो यह म्युचुअल फंड (Mutual Funds) हाउस की स्कीम पर तय होता है। आमतौर पर 500 रुपये महीने से एसआईपी (SIP) शुरू की जा सकती है, वहीं अधिकतम निवेश की कोई सीमा नहीं होती है।

ऐसे बढ़ता है सिप (SIP) में निवेश
सिप (SIP) माध्यम से अगर कोई 10 साल तक 1000 रुपये का ही निवेश करता रहे, तो यह बढ़कर 2.38 लाख रुपये हो सकता है। जबकि निवेश केवल 1.20 लाख रुपये का ही होगा। यानी हर माह थोड़ा-थोड़ा निवेश 10 साल में लगभग दोगुना हो गया। यहां पर म्युचुअल फंड (Mutual Fund) स्कीम का रिटर्न 12 फीसदी माना गया है, जबकि 10 साल म्युचुअल फंड (Mutual Fund) की कई स्कीम ने इससे दोगुना तक रिटर्न दिया है। दरअसल ऐसा अच्छा रिटर्न कपांउडिंग (Power of Compounding) के चलते मिलता है।
जानें कंपाउंडिंग का फायदा (Power of Compounding)
वित्तीय बाजार के जानकार कहते हैं कि कंपाउंडिंग रिटर्न में बाद के वर्ष का बड़ा महत्व होता है। इसको एक उदाहरण से समझ सकते हैं। अगर एक व्यक्ति 30 साल की उम्र से 1000 रुपये हर साल का निवेश शुरू करता करता है और दूसरा व्यक्ति भी इतना ही पैसा बचाता है, लेकिन वह 35 साल की उम्र में यह बचत शुरू करता है। दोनों को अगर सिर्फ 8 फीसदी रिटर्न मिले तो 60 साल की उम्र में पहले वाले व्यक्ति के पास 12.23 लाख रुपये होगा, जबकि देर से बचत शुरू करने वाले के पास केवल 7.89 लाख रुपये ही होगा। यानी पहले निवेश शुरू करने पर करीब 4 लाख रुपये का ज्यादा फायदा। वहीं अगर कोई व्यक्ति 30 साल तक 1000 रुपये का निवेश करे तो उसके पास 32 लाख रुपये का फंड तैयार हो जाएगा। यहां भी यह अनुमान 12 फीसदी रिटर्न के हिसाब से लगाया गयाया गया है। इसे ही निवेश की दुनिया में पॉवर ऑफ कंपाउडिंग (Power of Compounding) कहते हैं।
कैसे शुरू कर सकते हैं सिस्टेमैटिक इन्वेस्टमेंट प्लान (SIP)
सिस्टेमैटिक इन्वेस्टमेंट प्लान यानी सिप (SIP) को तीन तरह से शुरू किया जा सकता है। सबसे आसान तरीका है किसी म्युचुअल फंड (Mutual Funds) एजेंट के माध्यम से सिप (SIP) शुरू करना। इसके अलावा लोग किसी भी शेयर ब्रोकर से ऑनलाइन ट्रेडिंग अकाउंट खोल कर भी म्युचुअल फंड में सिप (SIP) माध्यम से निवेश (Mutual Funds Investment) शुरू कर सकते हैं। इसके अलावा एक और तरीका है डायरेक्ट प्लान में इन्वेस्टमेंट। इस तरीके में निवेशक म्युचुअल फंड (Mutual Funds) कंपनियों की वेबसाइट पर जाकर सीधे म्युचुअल फंड (Mutual Fund) स्कीम्स में निवेश कर सकते हैं। यह तरीका ज्यादा अच्छा माना जाता है। यहां पर निवेश करने पर निवेशकों को कोई कमीशन देना पड़ता है, जिससे उनके निवेश का रिटर्न बढ़ जाता है।
जानें अच्छा रिटर्न देने वाली म्युचुअल फंड (mutual fund) की 5 स्कीमें
-Reliance US Equity Opportunities Fund ने 22.47 फीसदी का रिटर्न एक साल में दिया है।
-Kotak NV 20 ETF ने 21.26 फीसदी का रिटर्न एक साल में दिया है।
-Reliance ETF ने 21.13 फीसदी का रिटर्न एक साल में दिया है।
-ICICI Prudential US Bluechip Equity Fund ने 20.82 फीसदी का रिटर्न एक साल में दिया है।
-Motilal Oswal NASDAQ 100 Exchange Traded Fund ने 20.65 फीसदी का रिटर्न एक साल में दिया है।
सिस्टेमैटिक इन्वेस्टमेंट प्लान यानी सिप (SIP) के 10 फायदे
1 सीधे बैंक से कटता है पैसा : सिप (SIP) में पैसा बैंक (bank) से हर माह सीधे चला जाता है।
2 खुद तरीख चुनने की आजादी : हर माह सिप (SIP) के लिए कई तारीखों में किसी को भी चुनने का मौका मिलता है।
3 निवेश घटाने या बढ़ाने की छूट : निवेशक सिप (SIP) अमाउंट में कभी भी कमी या बढ़ोत्तरी कर सकता है।
4 बीच में पैसा भी निकाल सकते हैं : अगर निवेशक को पैसों की जरूरत हो तो बीच में कुछ पैसा निकाल भी सकता है। ऐसा करने से सिप (SIP) पर फर्क नहीं पड़ता है और वह चलती रहती है।
5 कितने भी समय के लिए हो सकती है सिप : सिप (SIP) को कितने भी समय के लिए किया जा सकता है।
6 सिप को बंद कराना भी आसान : निवेशक जिस दिन चाहे वह सिप (SIP) बंद कर सकता है। इस पर कोई पेनाल्टी नहीं लगती है।
7 निवेश की कोई सीमा नहीं : सिप (SIP) में न्यूनतम 500 रुपये या 1 हजार रुपये से निवेश शुरू कर सकते हैं, लेकिन अधिकतम की कोई सीमा नहीं है।
8 कभी भी ले सकते हैं स्टेटमेंट : निवेशक को जब भी जरूरत हो स्टेटमेंट ले सकता हैं।
9 रोजाना जान सकते हैं अपने निवेश की वैल्यू : निवेशक अपने निवेश की वैल्यू रोज पता कर सकते हैं। सभी म्युचुअल फंड (Mutual Funds) कंपनियां अपनी हर योजना की नेट आसेट वैल्यू (NAV) रोज घोषित करती हैं।
10 डिविडेंड आप्शन का ले सकते हैं लाभ : निवेशक चाहे तो म्युचुअल फंड (Mutual Fund) स्कीम्स में डिविडेंड (Mutual Fund Dividend) का विकल्प ले सकते हैं।
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