Currency Market : गुरुवार को रुपये (Rupee) में तेजी के साथ शुरुआात हुई। आज डॉलर (dollar) के मुकाबले रुपया 19 पैसे की मजबूती के साथ 69.46 रुपये के स्तर पर खुला। वहीं बुधवार को डॉलर (dollar) के मुकाबले रुपया (rupee) 5 पैसे की बढ़त के साथ 69.66 रुपये के स्तर पर बंद हुआ।

यहां जानें : किसी भी करेंसी के खिलाफ रुपये का स्तर
विदेशी मुद्रा बाजार (Forex Market) में पिछले 10 दिनों की चाल
-बुधवार को डॉलर (dollar) के मुकाबले रुपया (rupee) 5 पैसे की बढ़त के साथ 69.66 रुपये के स्तर पर बंद हुआ।
-मंगलवार को डॉलर (dollar) के मुकाबले रुपया (rupee) 3 पैसे की बढ़त के साथ 69.71 रुपये के स्तर पर बंद हुआ।
-सोमवार को डॉलर (dollar) के मुकाबले रुपया (rupee) 49 पैसे की कमजोरी के साथ 69.73 रुपये के स्तर पर बंद हुआ।
-शुक्रवार को डॉलर (dollar) के मुकाबले रुपया (rupee) 19 पैसे की कमजोरी के साथ 70.22 रुपये के स्तर पर बंद हुआ।
-गुरुवार को डॉलर (dollar) के मुकाबले रुपया (rupee) 31 पैसे की बढ़त के साथ 70.03 रुपये के स्तर पर बंद हुआ।
-बुधवार को डॉलर (dollar) के मुकाबले रुपया (rupee) 10 पैसे की बढ़त के साथ 70.34 रुपये के स्तर पर बंद हुआ।
-मंगलवार को डॉलर (dollar) के मुकाबले रुपया (rupee) 10 पैसे की बढ़त के साथ 70.43 रुपये के स्तर पर बंद हुआ।
-सोमवार को डॉलर (dollar) के मुकाबले रुपया (rupee) 62 पैसे टूटकर 70.53 रुपये के स्तर पर बंद हुआ।
-शुक्रवार को डॉलर (dollar) के मुकाबले रुपया (rupee) 3 पैसे मजबूत होकर 69.91 के स्तर पर बंद हुआ।
-गुरुवार को डॉलर (dollar) के मुकाबले रुपया (rupee) 23 पैसे टूटकर 69.94 के स्तर बंद हुआ था।
क्यों होता है रुपया (Rupee) कमजोर या मजबूत
रुपये (Rupee) की कीमत पूरी तरह इसकी मांग एवं आपूर्ति पर निर्भर करती है। इस पर आयात एवं निर्यात का भी असर पड़ता है। दरअसल हर देश के पास दूसरे देशों की मुद्रा का भंडार होता है, जिससे वे लेनदेन यानी सौदा (आयात-निर्यात) करते हैं। इसे विदेशी मुद्रा भंडार कहते हैं। समय-समय पर इसके आंकड़े रिजर्व बैंक की तरफ से जारी होते हैं। विदेशी मुद्रा भंडार के घटने और बढ़ने से ही उस देश की मुद्रा पर असर पड़ता है। अमेरिकी डॉलर (dollar) को वैश्विक करेंसी का रुतबा हासिल है। इसका मतलब है कि निर्यात की जाने वाली ज्यादातर चीजों का मूल्य डॉलर में चुकाया जाता है। यही वजह है कि डॉलर के मुकाबले रुपये (Rupee) की कीमत से पता चलता है कि भारतीय मुद्रा मजबूत है या कमजोर। अमेरिकी डॉलर को वैश्विक करेंसी इसलिए माना जाता है, क्योंकि दुनिया के अधिकतर देश अंतर्राष्ट्रीय कारोबार में इसी का प्रयोग करते हैं। यह अधिकतर जगह पर आसानी से स्वीकार्य है।
आप पर क्या असर
भारत अपनी जरूरत का करीब 80% पेट्रोलियम उत्पाद आयात करता है। डालर (dollar) के मुकाबले रुपये (Rupee) में गिरावट से पेट्रोलियम उत्पादों का आयात महंगा हो जाएगा। इस वजह से तेल कंपनियां पेट्रोल-डीजल के भाव बढ़ा सकती हैं। डीजल के दाम बढ़ने से माल ढुलाई बढ़ जाएगी, जिसके चलते महंगाई बढ़ सकती है। इसके अलावा, भारत बड़े पैमाने पर खाद्य तेलों और दालों का भी आयात करता है। रुपये (Rupee) की कमजोरी से घरेलू बाजार में खाद्य तेलों और दालों की कीमतें बढ़ सकती हैं।
यह भी पढ़ें : Share Market : Counting न बन जाएं Circuit Breakers का कारण
More From GoodReturns

US-Iran War: आज शाम 7:30 से अमेरिका का बड़ा एक्शन! ईरान के समुद्री रास्तों पर लगेगा ब्रेक!

Gold Price Today: 9 अप्रैल को सोना खरीदने का प्लान है? जानिए आज सोने का दाम सस्ता हुआ या महंगा

Ambedkar Jayanti: 14 अप्रैल को देशभर में छुट्टी, जानें बैंक, स्कूल, शेयर बाजार और ऑफिस क्या-क्या रहेगा बंद?

Gold Rate Today: सोने में गिरावट या फिर लौटी तेजी! 10 अप्रैल को 24k, 22k प्रति 10 ग्राम गोल्ड रेट क्या है?

Gold Price Today: अंबेडकर जयंती के दिन सोने के दाम में जोरदार उछाल! जानिए 14 अप्रैल को क्या है ताजा गोल्ड रेट

Gold Rate Today: 13 अप्रैल को फिर से सोने की कीमतों में आई गिरावट! जानिए 24k, 22k, 18k गोल्ड रेट क्या है?

LIC Bonus Issue: बोनस शेयर को लेकर आज बोर्ड मीटिंग में हो सकता है बड़ा ऐलान, जानें किसे मिलेंगे फ्री शेयर

Silver Price Today: 9 अप्रैल को फिर से चांदी के रेट में आई गिरावट! जानिए प्रति किलो चांदी का भाव क्या है?

Gold Price Today: लगातार दूसरे दिन सोने की कीमतों में जबरदस्त बढ़ोतरी! जानिए 11 अप्रैल को क्या है गोल्ड रेट

सोने के भाव में आज बड़ा उलटफेर, खरीदारी से पहले जानें ये जरूरी अपडेट

Silver Price Today: 12 अप्रैल को चांदी सस्ता हुआ या महंगा? जानें रविवार को प्रति किलो चांदी का भाव



Click it and Unblock the Notifications