केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने शुक्रवार को कहा कि सरकार का ध्यान विभिन्न वैकल्पिक पर्यावरण अनुकूल ईंधन पर है।
नई दिल्ली: केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने शुक्रवार को कहा कि सरकार का ध्यान विभिन्न वैकल्पिक पर्यावरण अनुकूल ईंधन पर है। इसमें इथेनॉल और बायोडीजल शामिल हैं। जी हां सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने शुक्रवार को कहा कि वह नीति आयोग और पेट्रोलियम मंत्रालय के साथ देश भर में इथेनॉल पंपों को लगाने के लिए बात करेंगे। वहीं उन्होंने इस बात से भी अवगत कराया कि सरकार के इस कदम से देश में गन्ना किसानों के लिए अवसर खुलेंगे और कृषि क्षेत्र में रोजगार के अवसर पैदा होंगे।
सेक्टर का लक्ष्य 2 लाख करोड़ रुपये का
गडकरी ने शुक्रवार को एक संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए कहा, "हम पेट्रोलियम मंत्रालय से इथेनॉल पंप की अनुमति देने का अनुरोध कर रहे हैं। हमारे पास देश में इथेनॉल के निर्माण की बहुत बड़ी संभावना है। उनका कहना हैं कि पिछले साल (वित्त वर्ष 19) में इथेनॉल इकोनॉमी 11,000 करोड़ रुपये थी और वित्तवर्ष 20 में 20,000 करोड़ रुपये तक जाने की उम्मीद है, उन्होंने कहा कि इस सेक्टर का लक्ष्य 2 लाख करोड़ रुपये का है। वहीं अगर किसानों के लिए 2 लाख करोड़ रुपये का विविधीकरण किया जाये तो यह कृषि क्षेत्र के लिए अधिक रोजगार पैदा करेगा।
प्रदूषण से निपटने की जरूरत
इसके साथ ही देश के आयात बिल को कम करेगा और देश की जीडीपी में योगदान देगा। इस बात से भी अवगत करा दें कि गडकरी, जो सूक्ष्म लघु और मध्यम उद्यमों (एमएसएमई) के मंत्री भी हैं। इस बात की जानकारी उन्होंने चेन्नई स्थित टीवीएस मोटर कंपनी की इथेनॉल-आधारित मोटरसाइकिल के शुभारंभ के अवसर पर दी। इस दौरान उन्होंने इस बात का भी जिक्र किया कि पिछले 12 वर्षों से, मैं भारतीय वाहन निर्माताओं को ऐसे वाहन बनाने के लिए प्रेरित कर रहा हूं जो 100% जैव-इथेनॉल पर चलते हैं। हमारे कच्चे तेल के आयात के लिए, हम 7 लाख करोड़ रुपये से अधिक खर्च कर रहे हैं।
इसके साथ ही हमें प्रदूषण की समस्या भी झेलनी पड़ रही है। वहीं प्रदूषण के मुद्दे पर लोगों को, खासकर दिल्ली के लोगों को समझाने की जरूरत नहीं है। अब हमारे लिए प्रदूषण के मुद्दे से निपटने का समय आ गया है।
इथेनॉल के निर्माण के लिए पर्याप्त तकनीक
बता दें कि गडकरी ने कहा कि देश में इथेनॉल के निर्माण के लिए पर्याप्त तकनीक है और प्रदूषण से लड़ने के लिए इस क्षमता का लाभ उठाना चाहिए। वहीं उन्होंने कहा कि अभी तक पेट्रोलियम मंत्रालय पेट्रोल पंप स्थापित करने की अनुमति नहीं देना चाहता था क्योंकि ऑटोमोबाइल निर्माता ईंधन के रूप में इथेनॉल का उपयोग नहीं कर रहे थे।
गडकरी ने कहा कि मैं नोट को तुरंत पेट्रोलियम मंत्रालय में स्थानांतरित कर दूंगा और इसके लिए नीती आयोग को ले जाऊंगा।
जानें क्या है इथेनॉल
बता दें कि इथेनॉल एक अति ज्वलनशील पदार्थ है, ये एक तरह का एल्कोहल होता है जिसे पेट्रोल में मिलाकर गाड़ियों में फ्यूल की तरह इस्तेमाल किया जा सकता है। हालांकि इथेनॉल का मुख्य स्त्रोत गन्ना है इससे निकलने वाले रस को फर्मेंटेशन विधि द्वारा इथेनॉल को तैयार किया जाता है। गन्ने के अलावा शर्करा वाली अन्य फसलें जैसे मक्का और गेहूं से भी इसे तैयार किया जा सकता है।
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