बैंकों में होने वाले फ्रॉड की जांच को लेकर अब एक नया पैनल काम करेगा। जी हां केंद्रीय सतर्कता आयोग (सीवीसी) ने 50 करोड़ रुपये से ज्यादा के बैंक फ्रॉड की जांच के लिए एक नए बोर्ड का गठन किया है। इस बोर्ड का नाम एडवायजरी बोर्ड फॉर बैंक फ्रॉड्स (एबीबीएफ) रखा गया है। पूर्व सतर्कता आयुक्त टीएम भसीन को इस बोर्ड का प्रमुख बनाया गया है। यह बोर्ड जांच के बाद आवश्यक कार्रवाई के लिए सिफारिश करेगा। यह नया बोर्ड पुराने एडवायजरी बोर्ड ऑफ बैंक, कमर्शियल और फाइनेंस फ्रॉड्स का स्थान लेगा।

आपको बता दें कि सीवीसी की ओर से रविवार को जारी बयान में कहा गया है कि एबीबीएफ का गठन भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) की सलाह के बाद किया गया है। बयान में कहा गया है कि बड़े फ्रॉड के मामलों में यह बोर्ड पहले जांच करेगा। इसके बाद यह संबंधित क्षेत्र के बैंक की जांच एजेंसी को अपनी सिफारिश करेगा। बयान के अनुसार, यह चार सदस्यीय बोर्ड केवल उन मामलों की जांच करेगा, जिनमें बैंक के महाप्रबंधक स्तर के अधिकारी पर धोखाधड़ी का आरोप होगा।
कर्जदाता या बैंक 50 करोड़ रुपए से अधिक फ्रॉड के सभी मामलों की जानकारी देंगे और बोर्ड की सिफारिश या सलाह के बाद के मामले में आगे की कार्रवाई करेंगे। इसके अलावा बैंकों से जुड़े केसों तकनीकी समस्या या किसी अन्य परेशानी पर केंद्रीय जांच एजेंसी (सीबीआई) भी ऐसे मामलों को बोर्ड को भेज सकेगी।
इसमें पूर्व सतर्कता आयुक्त टीएम भसीन के अलावा इस बोर्ड में पूर्व शहरी विकास सचिव मधुसूदन प्रसाद, बीएसएफ के पूर्व डीजी डीके पाठक और आंध्रा बैंक के पूर्व एमडी-सीईओ सुरेश एन पटेल को शामिल किया गया है। बयान के अनुसार, इस बोर्ड के चेयरमैन और अन्य सदस्यों का कार्यकाल दो साल का होगा जो 21 अगस्त 2019 से प्रभावी होगा।
बोर्ड समय-समय पर फ्रॉड्स का विश्लेषण करेगा और इनकी रोकथाम के लिए आरबीआई को नियम कानून बनाने में मदद करेगा। आरबीआई के दिल्ली मुख्यालय में इस बोर्ड को सचिवीय सेवाएं दी जाएंगी। इसके अलावा आरबीआई की ओर से लॉजिस्टिक, एनालिटिकल और वित्तीय सहायता भी बोर्ड को प्रदान की जाएगी।


Click it and Unblock the Notifications