केंद्र सरकार ने ऑटो सेक्टर को बड़ी राहत दी है।
नई दिल्ली: केंद्र सरकार ने ऑटो सेक्टर को बड़ी राहत दी है। केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने गुरुवार को दिल्ली में आयोजित वाहन निर्माता कंपनियों के संगठन सियाम की सालाना बैठक में ऑटो निर्माता कंपनियों से कहा कि सरकार का पेट्रोल-डीजल के वाहनों को बंद करने का कोई इरादा नहीं है। सियाम की सालाना बैठक में ऑटो इंडस्ट्री की चिंताओं को दूर करते हुए केंद्रीय मंत्री ने कहा कि आज वायु प्रदूषण बड़ी समस्या बनता जा रहा है। इसको लेकर कई लोग पेट्रोल-डीजल की गाड़ियों को बंद करने का सुझाव दे रहे हैं। उन्होंने कहा कि सरकार का ऐसा कोई इरादा नहीं है।
तीन महीनों में हाईवे की 68 परियोजनाओं की घोषणा
हालांकि, केंद्रीय मंत्री ने ऑटो निर्माता कंपनियों से वायु प्रदूषण को कम करने वाली तकनीक विकसित करने पर जोर दिया। केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने सालाना बैठक को संबोधित करते हुए कहा कि सड़क परिवहन मंत्रालय अगले तीन महीनों में हाईवे की 68 परियोजनाओं की घोषणा करने वाला है। उन्होंने बताया कि इन परियोजनाओं के निर्माण पर करीब 5 लाख करोड़ रुपए का निवेश होगा। इससे लाखों लोगों को प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से रोजगार मिलेगा। केंद्रीय मंत्री ने बताया कि इन हाईवे के निर्माण के लिए तैयारियां अंतिम चरण में है। जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया लगभग पूरी कर ली गई है। उन्होंने कहा कि इन हाईवे के बनने से वाहनों की मांग बढ़ेगी और ऑटो सेक्टर को भी फायदा होगा।
सरकार की तरफ से हर संभव मदद का आश्वासन
गडकरी ने कि कहा कि सरकार बिजली तथा वैकल्पिक ईंधनों से चलने वाले वाहनों के इस्तेमाल को बढ़ावा दे रही है क्योंकि देश पर पेट्रोलियम आयात का सात लाख करोड़ रुपए का सालाना बोझ पड़ता है। इसके साथ ही प्रदूषण की गंभीर समस्या का भी सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने स्वीकार किया कि मौजूदा आंकड़ों से यह स्पष्ट है कि वाहन उद्योग इस समय समस्याओं के दौर से गुजर रहा है। केंद्रीय मंत्री ने उद्योग को सरकार की तरफ से हर संभव मदद का आश्वासन दिलाया। उन्होंने कहा कि निर्यात बढ़ाकर घरेलू बाजार में कम हुई बिक्री की भरपाई की जा सकती है। इसके लिए सरकार भी जरूरी प्रोत्साहन योजना बना सकती है।
वाहन कंपनियां अपना एनबीएफसी बनाकर वाहन ऋण दे: गडकरी
गडकरी ने बताया कि उन्होंने सियाम को सलाह दी है कि बैंकों की ओर से वाहन ऋण की उपलब्धता कम होने की स्थिति को देखते हुए वाहन कंपनियां अपना एनबीएफसी बनाकर वाहन ऋण दे सकती हैं। इससे उन्हें बिक्री बढ़ाने में मदद मिलेगी। सरकार अपनी तरफ से वाहन तथा दूसरे ऋणों की उपलब्धता बढ़ाने के प्रयास कर रही है। उद्योग भी इसमें सहयोग कर सकते हैं। गडकरी ने कहा कि सरकार पूरी तरह वाहन उद्योग के साथ है। बिक्री बढ़ाने के लिए उद्योग की जो भी सलाह हो वह सरकार को दे। सरकार उन पर विचार करेगी। गडकरी ने कहा कि कारोबार में उतार-चढ़ाव, नफा-नुकसान का दौर आता रहता है। इससे निराश होने की जरूरत नहीं है। वाहन उद्योग की सफलता की कहानी बहुत अच्छी रही है और आत्म विश्वास के बल पर वह इस उतार के दौर से उबर सकता है।
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