ड्राइविंग लाइसेंस और आरसी
सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय ने राज्यों को कहा है कि अधिकारिक प्लेटफार्मों के माध्यम से प्रस्तुत इलेक्ट्रॉनिक फॉर्म में लाइसेंस, पंजीकरण प्रमाण पत्र या अन्य दस्तावेज ड्राइविंग परिवहन प्राधिकरणों द्वारा जारी प्रमाणपत्रों के बराबर माना जाएगा। गाड़ी चलाते वक्त चार पेपर होना बहुत जरूरी है। ड्राइविंग लाइसेंस, पंजीकरण सर्टिफिकेट, इंश्योरेंस सर्टिफिकेट और पॉल्यूशन सर्टिफिकेट। अगर आप इसकी हार्ड कॉपी नहीं रखना चाहते हैं तो मोबाइल में डिजिटल कॉपी रख सकते हैं। ऐसे में अगर आप अपना डीएल भूल गए हैं और ट्रैफिक पुलिस आपको पकड़ती है तो डिजी लॉकर में रखी डिजीटल कॉपी को दिखाकर आप काम कर सकते हैं।

चालान के प्रकार
आपको बता दें कि चालान तीन तरीके का होता है। अगर ट्रैफिक पुलिस नियमों को तोड़ने के लिए पकड़ती है तो उसी वक्त चालान काट दिया जाता है। चालान के पैसे भी उसी समय जमा करने होते हैं। ऐसी परिस्थिति में चालान का रसीद लेना न भूलें। अगर आपके पास उस वक्त पैसे नहीं है तो ट्रैफिक पुलिस आपका लाइसेंस लेकर चालान दे देती है। हालांकि, बाद में आपको कोर्ट जाना होगा। कोर्ट में जुर्माना भरकर आप अपना लाइसेंस वापस ले सकते हैं।
चालान काटने के नियम
यदि कोई ट्रैफिक नियमों को तोड़कर भाग जाता है और पुलिस की गाड़ी नंबर नोट कर कर लेती है तो उसके आधार पर चालान घर भी भिजवाया जा सकता है। नोटिस चालान में आरोपी के पास एक महीने का वक्त होता है। जुर्माना स्थानीय ट्रैफिक पुलिस कार्यालय में जमा करवाया जा सकता है। एक महीने के बाद चालान कोर्ट भेज दिया जाता है।
तो वहीं कुछ चालान कानून को तोड़ने की स्थिति में काटे जाते हैं। मसलन ड्रंक और ड्राइव के मामले में कोर्ट का चालान काटा जाता है। इस मामले में जुर्माना के अलावा सजा का भी प्रावधान होता है। इस चालान को उसी समय या स्थानीय ट्रैफिक पुलिस कार्यालय में जमा नहीं किया जा सकता है। चालान भरने के लिए कोर्ट जाना होगा।
ट्रैफिक नियमों के उल्लंघन पर लगने वाले चार्जेस
बिना इंश्योरेंस- 2000
बिना ड्राइविंग लाइसेंस गाड़ी चलाने पर- 5000
बिना हेलमेट- 1000
बिना सीट बेल्ट के- 1000
शराब पीकर गाड़ी चलाना- 10,000 रु
वाहन चलाने के दौरान मोबाइल से बात करने पर- 5000
ओवर स्पीड- 2000
बिना परमिट गाड़ी चलाने पर- 10,000 रु
तेज स्पीड- 2000
ज्यादा सवारी-2000
गलत पार्किंग- 300


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