पीएमसी बैंक मामले में आज पहली गिरफ्तारी हुई है। जी हां पंजाब एंड महाराष्ट्र को-ऑपरेटिव (पीएमसी) बैंक घोटाले में रिएलिटी फर्म एचडीआईएल के निदेशकों राकेश वाधवान और सारंग वाधवान को मुंबई पुलिस की आर्थिक
नई दिल्ली: पीएमसी बैंक मामले में आज पहली गिरफ्तारी हुई है। जी हां पंजाब एंड महाराष्ट्र को-ऑपरेटिव (पीएमसी) बैंक घोटाले में रिएलिटी फर्म एचडीआईएल के निदेशकों राकेश वाधवान और सारंग वाधवान को मुंबई पुलिस की आर्थिक अपराध शाखा ने गुरुवार को गिरफ्तार कर लिया। पीएमसी बैंक को कर्ज में डुबाने वाले 44 बड़े अकाउंटों में 10 खाते एचडीआईएल और वाधवान से जुड़े हैं। उन 10 खातों में से एक सारंग वाधवान और दूसरा राकेश वाधवान का निजी खाता है। बता दें कि एचडीआईएल की 3,500 करोड़ रुपए की संपत्तियां भी अटैच कर दी गईं। पुलिस ने पीएमसी मामले में सोमवार को एफआईआर दर्ज की थी। इसमें सारंग और राकेश वाधवान के नाम भी हैं।

पीएमसी के निलंबित एमडी जॉय थॉमस ने आरबीआई को लिखे पत्र में कहा था कि एचडीआईएल पर पीएमसी का 6,500 करोड़ रुपए का कर्ज है। कंपनी ने लोन नहीं चुकाया। यह बैंक के कुल लोन 8,880 करोड़ का 73% है। आरबीआई ने 23 सितंबर को पीएमसी पर 6 महीने का प्रतिबंध लगा दिया था। बैंक पर एनपीए कम बताने और कुछ कंपनियों के लोन में अनियमितताएं बरतने का आरोप है।
जानें एचडीआईएल का पूरा मामला
हाउसिंग डेवलपमेंट इंफ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड (एचडीआईएल) कंपनी साल 1996 में अस्तित्व में आई, ये कंपनी मुख्य तौर पर मुंबई और उसके आसपास के इलाके में रियल एस्टेट के कारोबार में है। कंपनी ने कई स्लम इलाकों को खाली करवा कर कई प्रोजेक्ट डेवलप किए हैं। कंपनी की आमदनी का एक बड़ा सोर्स ये रहा है कि कंपनी स्लम की जमीन डेवलप करती है और निर्माण का अधिकार किसी और को बेच देती है। आपको बता दें कि किसी जमाने में एचडीआईएल मार्केट वैल्यू के हिसाब से देश की तीसरी सबसे रियल एस्टेट कंपनी थी. लेकिन कुछ महीने पहले डूबने लगी। एचडीआईएल ने पीएमसी बैंक से ही नहीं, कई और बैंकों से भी लोन लिया हुआ है। यही कारण है कि कई बैंक भी मुसीबत में आ गए।


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