नई दिल्ली, अगस्त 24। अडानी ग्रीन लिमिटेड एशिया के सबसे अमीर व्यक्ति गौतम अडानी के पोर्ट से लेकर रिन्यूएबल एनर्जी बिजनेस साम्राज्य की सात लिस्टेड कंपनियों में से एक है। मगर इस कंपनी की हालत खराब होती जा रही है। उसकी एक वजह है इसके डेब्ट टू इक्विटी रेशियो में लगातार बढ़ोतरी, जो कि 2021 फीसदी तक बढ़ गया है। इसका डेब्ट टू इक्विटी रेशियो पूरे एशिया में दूसरे नंबर पर पहुंच गया है। ये इस बात को लेकर चिंता बढ़ा रहा है कि क्या अडानी ग्रुप की आक्रामक विस्तार योजनाओं ने उनके बिजनेसों पर कर्ज का बोझ बढ़ा दिया है? आगे जानिए कि क्या होता है डेब्ट टू इक्विटी रेशियो।
क्या होता है डेब्ट टू इक्विटी रेशियो
डेट टू इक्विटी रेशियो या डी/ई का उपयोग किसी कंपनी के फाइनेंशिल प्रोफिट की वैल्युएशन के लिए किया जाता है। इसकी कैल्कुलेशन के लिए शेयरधारक इक्विटी द्वारा कंपनी की कुल देनदारियों को भाग दिया जाता है। डी/ई रेशियो कॉर्पोरेट फाइनेंस में एक अहम मेट्रिक है। डी/ई रेशियो किसी कंपनी की कुल देनदारियों का उसके शेयरधारकों की इक्विटी से तुलना करता है। इससे ये जाना जा सकता है कि कंपनी कितने लाभ का उपयोग कर रही है। जितना अधिक ये हाई हो उतना कंपनी के लिए बुरा है।
एशिया में दूसरे नंबर पर
ब्लूमबर्ग के आंकड़ों के अनुसार, अडानी ग्रीन का 2021% का डेब्ट टू इक्विटी रेशियो केवल चीन की दातांग हुआयिन इलेक्ट्रिक पावर कंपनी से पीछे है, जिसका एशिया में 892 सूचीबद्ध कंपनियों में से सबसे अधिक डेब्ट टू इक्विटी रेशियो (2,452%) है। अडानी ग्रीन एनर्जी इस मीट्रिक द्वारा अडानी ग्रुप में सबसे अधिक लाभ उठाने वाली कंपनी है क्योंकि यह अक्षय ऊर्जा के 70 अरब डॉलर के प्रोजेक्ट को फंड देने के लिए कर्ज लेती है।
महत्वाकांक्षी विकास योजनाओं पर चिंता
ये अनुपात अडानी की तेजी से वृद्धि और महत्वाकांक्षी विकास योजनाओं पर चिंता को बढ़ाता है। अडानी एक होड़ में है और वे बंदरगाहों और कोयला खनन पर केंद्रित साम्राज्य का विस्तार करने के लिए हवाई अड्डों, डेटा केंद्रों और सीमेंट के साथ-साथ हरित ऊर्जा भी ध्यान दे रहे हैं। मगर इस सबके लिए फंडिंग चाहिए, जिसके लिए कर्ज लिया जा रहा है।
अडानी के कद को बढ़ाया
इन योजनाओं ने न केवल भारत में अडानी के कद को बढ़ाया है, बल्कि उनकी संपत्ति को भी बढ़ाया है, जो कि लगभग 135 बिलियन डॉलर हो गयी और उन्हें एशिया का सबसे अमीर व्यक्ति बना दिया। फिर भी सवाल बढ़ रहे हैं कि क्या यह ग्रोथ टिकाऊ है? क्रेडिटसाइट्स की एक रिपोर्ट में अडानी ग्रुप के कर्ज के जाल में फंसने और डिफ़ॉल्ट के जोखिम को लेकर चेताया है।
गिरे समूह के शेयर
इस नकारात्मक धारणा के कारण अडानी ग्रीन और अडानी पावर दोनों के शेयरों में 4.99% की गिरावट आई। ब्लूमबर्ग के आंकड़ों के अनुसार, अडानी ग्रीन एनर्जी के 4.375% सितंबर 2024 डॉलर बांड लगभग एक महीने में अपने सबसे निचले स्तर के पास कारोबार कर रहे हैं, जो लगातार दूसरे सप्ताह गिरावट के लिए तैयार हैं और 24 जून को समाप्त पांच दिनों के बाद उनका यह सबसे बड़ा साप्ताहिक नुकसान होगा।
More From GoodReturns

Silver Price Today: 2 अप्रैल को चांदी की कीमतों में भारी गिरावट! जानिए प्रति किलो चांदी का रेट

Silver Price Today: 31 मार्च को चांदी की कीमतों में आई गिरावट! जानिए प्रति किलो चांदी का रेट क्या है?

Silver Price Today: 30 मार्च को चांदी का भाव सस्ता हुआ या महंगा? जानें प्रति किलो चांदी का रेट

Gold Rate Today: 2 अप्रैल को भी सोने की कीमतों में उतार-चढ़ाव जारी! जानिए 24k, 22k,18k गोल्ड रेट क्या है?

Silver Price Today: 1 अप्रैल को चांदी की कीमतों में उतार-चढ़ाव जारी! जानिए प्रति किलो चांदी का भाव

Gold Rate Today: महीने के आखिरी दिन 31 मार्च को सोने की कीमतों में बड़ा बदलाव! जानिए 24k, 22k गोल्ड रेट

एमपी-यूपी सहयोग सम्मेलन: साझा विरासत के साथ आगे बढ़ रहे मध्यप्रदेश-उत्तर प्रदेश, निवेश और विकास पर बनी सहमति

LPG Cylinder Price Hike: युद्ध के बीच बड़ा झटका! आज से एलपीजी सिलेंडर के दाम ₹218 तक बढ़े

Bank holiday Today: महावीर जयंती पर आज बैंक खुला रहेगा या बंद? जाने से पहले चेक करें RBI हॉलिडे लिस्ट

Gujarat News: सताधार धाम बना आत्मनिर्भरता का प्रतीक, रोजाना 10 हजार श्रद्धालुओं का भोजन बायोगैस पर तैयार

कानूनी प्रक्रिया से ही तय हुआ JAL का भविष्य: Adani की जीत पर मुहर, CoC की ‘कमर्शियल विजडम’ सर्वोपरि



Click it and Unblock the Notifications