Richest Minister Of Country; ADR Report 2025 : देश में जहां एक और करोड़ों लोग गरीबी में अपना जीवनयापन करने को विवश हैं, वहीं दूसरी ओर मंत्रियों, नेताओं की संपत्ति लगातार बढ़ती जा रही है। एसोसिएशन फॉर डेमोक्रेटिक रिफॉर्म्स (ADR) की ताजा रिपोर्ट ने एक बार फिर से सबको हैरान कर दिया है।

एडीआर ने अपने रिपोर्ट में देश के तमाम राज्यों के मंत्रियों के आपराधिक रिपोर्ट के साथ उनकी संपत्ति के बारे में बताया है। हाल में केंद्र सरकार की ओर से आपराधिक मंत्रियों पर लगाम लगाने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाते हुए संसद में एक बिल लाया गया है। वहीं एडीआर रिपोर्ट ने भारतीय राजनीति की हकीकत को सामने ला दिया है।
देश के 47 फीसदी मंत्रियों पर आपराधिक केस?
इस रिपोर्ट में दावा किया है कि देश के 643 मंत्रियों में से 302 यानी 47% ने अपने खिलाफ आपराधिक मामले घोषित किए हैं। इनमें से 174 मंत्रियों पर हत्या, अपहरण और महिलाओं के खिलाफ अपराध समेत गंभीर आपराधिक मामले दर्ज हैं।
इन आंकड़ों के मद्देनज़र देखा जाए तो सरकार द्वारा लाया गया बिल बहुत कारगर साबित हो सकता है। इस बिल में यह प्रावधान है कि यदि प्रधानमंत्री, मुख्यमंत्री या कोई मंत्री गंभीर अपराधों में गिरफ्तार होकर 30 दिन से अधिक जेल में रहता है तो उसे अपना पद छोड़ना पड़ेगा।
ADR ने बताया है कि यह आंकड़ें 27 राज्यों, 3 केंद्र शासित प्रदेशों और केंद्रीय मंत्रिपरिषद के मंत्रियों के चुनावी हलफनामे के आधार पर तैयार किए गए हैं।
किन पार्टियों के मंत्रियों पर सबसे अधिक आपराधिक केस दर्ज?
एडीआर रिपोर्ट के मुताबिक, देशभर में भाजपा (BJP) के 336 मंत्रियों में से 136 पर यानी 40% पर आपराधिक मामले और 88 (26%) पर गंभीर आरोप हैं। वहीं, कांग्रेस के 61 मंत्रियों में से 45 (74%) पर आपराधिक मामले और 18 (30%) पर गंभीर अपराध जबकि द्रमुक (DMK) के 31 में से 27 (87%) पर आपराधिक आरोप और 14 (45%) पर गंभीर मामले, तृणमूल कांग्रेस (TMC) के 40 में से 13 (33%) पर मामले और 8 (20%) पर गंभीर आरोप, टीडीपी (TDP) के 23 में से 22 (96%) पर आपराधिक मामले और 13 (57%) पर गंभीर अपराध मामले, आप (AAP) के 16 में से 11 (69%) पर आपराधिक मामले और 5 (31%) पर गंभीर आरोप दर्ज हैं। केंद्र सरकार में शामिल मंत्रियों की बात करें तो 72 मंत्रियों में से 29 (40%) पर आपराधिक मामले दर्ज हैं।
देश के 11 विधानसभा में अरबपति मंत्री
एडीआर रिपोर्ट के मुताबिक, देश में मौजूद मंत्रियों की औसत संपत्ति 37.21 करोड़ रुपये है। सभी 643 मंत्रियों की कुल संपत्ति लगभग 23,929 करोड़ रुपये तक आंकी गई है। रिपोर्ट में सबसे हैरान करने वाला आंकड़ा यह है कि देश के 30 विधानसभाओं में से 11 में अरबपति मंत्री मौजूद हैं।
कौन हैं देश के सबसे अमीर मंत्री?
देश के सबसे अमीर मंत्रियों की बात करें तो टीडीपी के मंत्री डॉ. चंद्रशेखर पेम्मासानी सबसे ऊपर हैं। इनकी संपत्ति 5,705 करोड़ रुपये से ज्यादा है। वहीं, दूसरे नंबर पर मौजूद डी.के. शिवकुमार (कर्नाटक कांग्रेस, उप मुख्यमंत्री) की संपत्ति 1,413 करोड़ रुपये से ज्यादा है जबकि तीसरे नंबर पर एन. चंद्रबाबू नायडू (टीडीपी प्रमुख, आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री) हैं जिनकी संपत्ति 931 करोड़ रुपये से अधिक है।
शीर्ष 10 अमीर मंत्रियों में आंध्र प्रदेश, तेलंगाना, कर्नाटक, महाराष्ट्र और केंद्र के मंत्री शामिल हैं, जिनमें ज्योतिरादित्य सिंधिया का नाम भी है। वहीं, सबसे कम संपत्ति वाले मंत्रियों की बात करें तो एडीआर रिपोर्ट में बताया गया है कि शुक्ला चरण नोआतिया (त्रिपुरा, IPFT) की संपत्ति केवल 2 लाख रुपये है जबकि बीरबाहा हंसदा (पश्चिम बंगाल, TMC) की संपत्ति 3 लाख रुपये से थोड़ी अधिक है।
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