नयी दिल्ली। वोडाफोन आइडिया ने सरकार को 3,043 करोड़ रुपये का भुगतान किया है। ये भुगतान पिछली नीलामी में खरीदे गए स्पेक्ट्रम के लिए है। वोडाफोन को 3 मार्च ये भुगतान करना था। यदि कोई टेलीकॉम कंपनी ऐसा करने में असमर्थ हो, तो उसे 10 दिन की छूट अवधि मिलती है, जिसके बाद नोटिस भेजे जाते हैं और बैंक गारंटी जब्त की जाती है। वोडाफोन पर कुल 53000 करोड़ रुपये का बकाया एजीआर था, जिसमें से कंपनी पहले ही 3500 करोड़ रुपये जमा कर चुकी है। दूरसंचार विभाग टेलीकॉम कंपनियों को नए पत्र लिखकर उनसे एजीआर के बकाये में भिन्नता को लेकर सवाल करेगा। दरअसल दूरसंचार विभाग और कंपनियों द्वारा खुद की गयी एजीआर की गणना में फर्क है।
महत्वपूर्ण है वोडाफोन का कदम
वोडाफोन के इस कदम को बहुत महत्वपूर्ण माना जा रहा है। ऐसा माना जा रहा है कि वोडाफोन इस भुगतान के जरिये संकेत देना चाहती है कि कंपनी का जानबूझकर बकाया न चुकाने का कोई इरादा नहीं है। हालांकि हाल ही में वोडाफोन ने एजीआर का पूरा बकाया चुकाने के लिए 18 साल का समय मांगा था। साथ ही कंपनी की मांग थी कि इसे ब्याज और जुर्माने पर 3 सालों के लिए छूट मिले। वोडाफोन की वित्तीय स्थिति बहुत कमजोर है। इसे पिछली 2 तिमाहियों में भारी घाटा हुआ है। वोडाफोन चाहती है कि उसे बकाया और ब्याज किश्तों में चुकाने की सुविधा मिले।
वोडाफोन की मांगे
हाल ही वोडाफोन ने कहा कि उसे अपना बकाया एजीआर चुकाने में 15-18 साल लग जायेंगे। वोडाफोन आइडिया ने कारोबार में बने रहने के लिए सरकार के सामने बहुत सी मांगें रखी हैं। वोडाफोन की मांग है कि 1 अप्रैल 2020 से मोबाइल डेटा का न्यूनतम शुल्क प्रति जीबी 35 रुपये होना चाहिए। वहीं महीने का कम से कम चार्ज 50 रुपये का तय होना चाहिए। दिसंबर में सभी टेलीकॉम कंपनियां पहले ही अपने चार्जेस बढ़ा चुकी हैं। वोडाफोन अपना कारोबार बंद करने के भी संकेत दे चुकी है।
क्या है एजीआर का मतलब
एजीआर एक यूसेज और लाइसेंस शुल्क है, जो दूरसंचार विभाग (DoT) द्वारा टेलीकॉम ऑपरेटरों से वसूला जाता है। दूरसंचार विभाग कहता रहा है कि एजीआर की गणना किसी टेलीकॉम कंपनी को जमा ब्याज या संपत्ति बेचने सहित होने वाली कुल आय पर होनी चाहिए। मगर टेलीकॉम कंपनियाँ सिर्फ टेलीकॉम सर्विसेज इन्कम पर एजीआर की गणना करने की बात कहती हैं। 2005 में सेलुलर ऑपरेटर एसोसिएशन ऑफ इंडिया ने इस परिभाषा का विरोध करते हुए TDSAT का रुख किया था, मगर TDSAT ने सभी तरह की इन्कम पर एजीआर की गणना को सही माना था। पिछले महीने सुप्रीम कोर्ट ने भी इस परिभाषा को सही माना।
यह भी पढ़ें - AGR मामला : एयरटेल ने अदा किये और 8000 करोड़ रुपये
More From GoodReturns

Silver Price Today: 2 अप्रैल को चांदी की कीमतों में भारी गिरावट! जानिए प्रति किलो चांदी का रेट

Silver Price Today: 31 मार्च को चांदी की कीमतों में आई गिरावट! जानिए प्रति किलो चांदी का रेट क्या है?

Silver Price Today: 30 मार्च को चांदी का भाव सस्ता हुआ या महंगा? जानें प्रति किलो चांदी का रेट

Gold Rate Today: 2 अप्रैल को भी सोने की कीमतों में उतार-चढ़ाव जारी! जानिए 24k, 22k,18k गोल्ड रेट क्या है?

Silver Price Today: 1 अप्रैल को चांदी की कीमतों में उतार-चढ़ाव जारी! जानिए प्रति किलो चांदी का भाव

Gold Rate Today: महीने के आखिरी दिन 31 मार्च को सोने की कीमतों में बड़ा बदलाव! जानिए 24k, 22k गोल्ड रेट

एमपी-यूपी सहयोग सम्मेलन: साझा विरासत के साथ आगे बढ़ रहे मध्यप्रदेश-उत्तर प्रदेश, निवेश और विकास पर बनी सहमति

LPG Cylinder Price Hike: युद्ध के बीच बड़ा झटका! आज से एलपीजी सिलेंडर के दाम ₹218 तक बढ़े

Bank holiday Today: महावीर जयंती पर आज बैंक खुला रहेगा या बंद? जाने से पहले चेक करें RBI हॉलिडे लिस्ट

Gujarat News: सताधार धाम बना आत्मनिर्भरता का प्रतीक, रोजाना 10 हजार श्रद्धालुओं का भोजन बायोगैस पर तैयार

कानूनी प्रक्रिया से ही तय हुआ JAL का भविष्य: Adani की जीत पर मुहर, CoC की ‘कमर्शियल विजडम’ सर्वोपरि



Click it and Unblock the Notifications