नई दिल्ली, फरवरी 8। भारत में बीते सालों में क्रिप्टो में निवेश करने वाली संख्या तेजी से बढ़ी है। बजट में सरकार ने क्रिप्टो पर 30 फीसदी टैक्स लगाया है, मगर साथ ही ये भी बात सामने आई है कि क्रिप्टो अवैध नहीं है। इसलिए बैन की संभावना लग खत्म हो गयी है। लोग विभिन्न क्रिप्टोकरेंसियों में बिना डर के जम कर पैसा लगा रहे हैं। इस बीच एक नयी रिपोर्ट सामने आई है, जिसमें भारतीयों के क्रिप्टो में निवेश करने को लेकर एक बड़ा खुलासा हुआ है। दरअसल नयी रिपोर्ट के अनुसार दुनिया भर में भारत में क्रिप्टो में निवेश करने वाली दूसरी सबसे बड़ी संख्या है।
2021 में आया उछाल
चैनालिसिस की एक नयी रिपोर्ट में खुलासा हुआ है कि भारत में क्रिप्टोकरेंसी यूजर्स की संख्या 2021 में बड़ा उछाल आया है। इससे भारत दुनिया भर में क्रिप्टोकरेंसी के सबसे अधिक यूजर्स वाला दूसरा सबसे बड़ा देश बन गया। चैनालिसिस की अक्टूबर की एक रिपोर्ट में कहा गया है कि जून 2021 तक भारत में क्रिप्टो बाजार में 641 फीसदी की भारी भरकम वृद्धि हुई है।
पहले नंबर पर वियतनाम
वहीं कुल क्रिप्टो लेनदेन वैल्यू के साथ-साथ लोगों द्वारा किए गए भुगतान पर के लिहाज से इस लिस्ट में वियतनाम पहले नंबर पर है। वहीं तीसरे नंबर पर पाकिस्तान है। रिपोर्ट में एक बहुत अहम बात कही गयी है कि कई उभरते बाजारों (इमर्जिंग मार्केट) में भारी करेंसी डीवैल्युएशन का सामना करना पड़ता है। इससे लोगों को अपनी बचत को सुरक्षित रखने के लिए पी2पी प्लेटफॉर्म पर क्रिप्टोकरेंसी खरीदने के लिए प्रोत्साहन मिला।
भारत में तेजी से निवेशकों की संख्या बढ़ने कारण
रिपोर्ट के अनुसार भारत में क्रिप्टो को लेकर इतने क्रेज के पीछे एक बड़ा कारण है और वो यह है कि देश में इक्विटी में निवेश एक लंबी और जटिल प्रोसेस है। इसके लिए लोगों को बहुत सारे दस्तावेजों पर हस्ताक्षर करने होते हैं। इसमें लगभग तीन या चार दिन लगते हैं। मगर यही लोग क्रिप्टो में निवेश की शुरुआत केवल 1 घंटे में कर सकते हैं।
टीडीएस भी देना होगा
हालांकि भारतीय निवेशकों को वर्चुअल डिजिटल एसेट्स पर टैक्स के ऐलान के बाद चिंता हुई है। क्योंकि इसका सीधा असर उनके मुनाफे पर पड़ेगा। साथ ही सरकार ने 1 फीसदी टीडीएस लगाने का भी लगाने का ऐलान किया है। भारत में साफ कर दिया गया है कि क्रिप्टो को लीगल टेंडर नहीं माना जाएगा। अभी तक अल सल्वाडोर को छोड़कर किसी अन्य देश ने क्रिप्टो को लीगल टेंडर नहीं बनाया है। इस सेंट्रल अमेरिकी देश ने पिछले साल सितंबर में बिटकॉइन को लीगल टेंडर का दर्जा दे दिया था।
जल्द आ सकते हैं नियम
भारत में क्रिप्टोकरेंसी को रेगुलेट करने के लिए कानून पर काम चल रहा है। लेकिन अभी तक कोई ड्राफ्ट सार्वजनिक रूप से जारी नहीं किया गया है। सरकार ने संसद के पिछले सत्र में क्रिप्टोकरेंसी को रेगुलेट करने के लिए 'क्रिप्टोकरेंसी एंड रेगुलेशन ऑफ ऑफिशियल डिजिटल करेंसी बिल' पेश करने के लिए लिस्ट किया था। भ्रामक विज्ञापनों या तरह तरह के दावों से निवेशकों को लुभाने के लिए क्रिप्टो के इस्तेमाल की चिंताओं के बीच यह बिल लिस्ट किया गया था। फिलहाल देश में क्रिप्टोकरेंसी के उपयोग पर कोई रेगुलेशन या कोई प्रतिबंध नहीं है।
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