नई दिल्ली, सितंबर 03। रेलवे कर्मचारियों के लिए बुरी खबर है। रेलवे के कर्मचारियों को एक बड़ा झटका लग सकता है। सैलेरी बढ़ने के बजाय उनकी सैलेरी में कटौती हो सकती है। बता दें कि रेलवे बोर्ड बढ़ते खर्च से चिंतित है। इसने सातों जोन को ओवरटाइम, नाइट ड्यूटी, यात्रा, ईंधन और रखरखाव के लिए कर्मचारियों को दिए जाने वाले भत्तों पर खर्च की समीक्षा करने का फैसला लिया है।
26 फीसदी बढ़ोतरी
रेलवे बोर्ड के अध्यक्ष वी के त्रिपाठी की अध्यक्षता में एक त्रैमासिक समीक्षा बैठक हुई। बैठक में पाया गया कि चालू वित्त वर्ष में मई तक पिछले वर्ष की तुलना में सात जोन के सामान्य संचालन व्यय (ओडब्ल्यूई) रेलवे के औसत 26 प्रतिशत की वृद्धि से अधिक हो गये हैं। ये जोन हैं पूर्वोत्तर सीमांत रेलवे (37.9 प्रतिशत), उत्तर रेलवे (35.3 प्रतिशत), दक्षिण मध्य रेलवे (34.8 प्रतिशत), दक्षिण पश्चिम रेलवे (33.1 प्रतिशत), उत्तर पश्चिम रेलवे (29 प्रतिशत), पश्चिम रेलवे ( 28 प्रतिशत) और उत्तर मध्य रेलवे (27.3 प्रतिशत)।
2.32 लाख करोड़ रु का खर्च
पीटीआई की रिपोर्ट के अनुसार रेलवे ने कहा कि बजट अनुमान 2022-23 के लिए कुल काम करने का खर्च 2.32 लाख करोड़ रु है। खातों का ऑडिट होना बाकी है, इसलिए ये आंकड़े केवल प्रोविजनल हैं। अब रेलवे ने वित्त मंत्रालय द्वारा परिचालित व्यय नियंत्रण और प्रबंधन पर दिशानिर्देश जारी किए हैं। विभिन्न मोर्चों पर किफायती उपायों को लागू किया जा रहा है। इसके अलावा, ईंधन की खपत को अनुकूलित किया जा रहा है और इन्वेंट्री प्रबंधन में सुधार पर ध्यान दिया जा रहा है।
भत्तों में कटौती
यदि कर्मचारियों के भत्तों में की जाएगी तो उनकी सैलेरी भी प्रभावित होगी। बैठक के दौरान रेलवे बोर्ड ने जोनों को अपने खर्च को कम करने के लिए 'तत्काल कार्रवाई' करने का निर्देश दिया। मामले में महाप्रबंधकों को एक कार्य योजना बनाने को कहा गया है। ओटी (ओवरटाइम), एनडीए (रात की ड्यूटी के लिए भत्ता), केएमए (किलोमीटर भत्ता) जैसे नियंत्रित खर्च पर बहुत बारीकी से नजर रखने पर ध्यान दिया जाएगा।
किलोमीटर भत्ते को नियंत्रित करने की आवश्यकता
ये भी कहा गया है कि पूर्वी रेलवे (ईआर), दक्षिणी रेलवे (एसआर), उत्तर पूर्व रेलवे (एनईआर) और उत्तर रेलवे (एनआर) जैसे क्षेत्रों को किलोमीटर भत्ते को नियंत्रित करने की आवश्यकता है, जो ट्रेनों को संचालित करने वाले कर्मचारियों को दिया जाता है। वहीं दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे, पूर्व मध्य रेलवे और ईस्ट कोस्ट रेलवे को रात्रि ड्यूटी भत्ते पर अपने खर्च को कम करने के लिए कहा गया है।
प्रति व्यक्ति यात्रा भत्ता करें नियंत्रित
उत्तर पश्चिम रेलवे (एनडब्लूआर), दक्षिण पश्चिम रेलवे (एसडब्लूआर), पश्चिम रेलवे (डब्लूआर) और दक्षिणी रेलवे (एसआर) को प्रति व्यक्ति यात्रा भत्ता नियंत्रित करने के लिए कहा गया है। दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे (एसईसीआर), उत्तर मध्य रेलवे (एनसीआर), एनडब्ल्यूआर और दक्षिण मध्य रेलवे (एससीआर) को चिकित्सा लागत पर खर्च की समीक्षा करने के लिए कहा गया है और एससीआर, ईसीओआर, एसआर और डब्ल्यूआर को तिमाही रखरखाव लागत की समीक्षा करने के लिए कहा गया है। रेलवे बोर्ड ने कहा है कि आठ जोनल रेलवे में नियंत्रणीय प्रतिष्ठानों में खर्च रेलवे के औसत 46.6 प्रतिशत से अधिक है जो चिंता का कारण है।
More From GoodReturns

Gold Rate Today: 1 अप्रैल को सोने की कीमतों में आई जबरदस्त तेजी! जानिए 24k, 22k,18k गोल्ड रेट क्या है?

Silver Price Today: 2 अप्रैल को चांदी की कीमतों में भारी गिरावट! जानिए प्रति किलो चांदी का रेट

Silver Price Today: 31 मार्च को चांदी की कीमतों में आई गिरावट! जानिए प्रति किलो चांदी का रेट क्या है?

Silver Price Today: 30 मार्च को चांदी का भाव सस्ता हुआ या महंगा? जानें प्रति किलो चांदी का रेट

Gold Rate Today: 2 अप्रैल को भी सोने की कीमतों में उतार-चढ़ाव जारी! जानिए 24k, 22k,18k गोल्ड रेट क्या है?

Silver Price Today: 1 अप्रैल को चांदी की कीमतों में उतार-चढ़ाव जारी! जानिए प्रति किलो चांदी का भाव

Gold Rate Today: महीने के आखिरी दिन 31 मार्च को सोने की कीमतों में बड़ा बदलाव! जानिए 24k, 22k गोल्ड रेट

एमपी-यूपी सहयोग सम्मेलन: साझा विरासत के साथ आगे बढ़ रहे मध्यप्रदेश-उत्तर प्रदेश, निवेश और विकास पर बनी सहमति

LPG Cylinder Price Hike: युद्ध के बीच बड़ा झटका! आज से एलपीजी सिलेंडर के दाम ₹218 तक बढ़े

Bank holiday Today: महावीर जयंती पर आज बैंक खुला रहेगा या बंद? जाने से पहले चेक करें RBI हॉलिडे लिस्ट

Gujarat News: सताधार धाम बना आत्मनिर्भरता का प्रतीक, रोजाना 10 हजार श्रद्धालुओं का भोजन बायोगैस पर तैयार



Click it and Unblock the Notifications