Indian Economy: गोल्डमैन सैक्स ने भारतीय अर्थव्यस्था को एक झटका दिया है। गोल्डमैन सैक्स ने एक नोट में कहा कि भारतीय अर्थव्यवस्था जो पिछले वित्त वर्ष में सबसे तेजी से बढ़ती प्रमुख अर्थव्यवस्था में से एक थी, वित्त वर्ष 2023 में उच्च उधारी लागत और कोविड महामारी के फिर से शुरु होने से आई परेशानियों के कारण कम रेट से ग्रोथ करेगी।

गोल्डमैन सैक्स ने घटाया है अर्थव्यस्था अनुमान
गोल्डमैन सैक्स के मुताबिक भारत का सकल घरेलू उत्पाद (GDP) इस साल अनुमानित 6.9 प्रतिशत के मुकाबले कैलेंडर वर्ष 2023 में 5.9 प्रतिशत के गती से बढ़ सकती है। इकोनॉमिक टाइम्स की एक रिपोर्ट के अनुसार एंड्रयू टिल्टन के नेतृत्व में गोल्डमैन के अर्थशास्त्रियों ने ब्लूमबर्ग के एक रिपोर्ट में यह दावा किया है।
गोल्डमैन सैक्स का कहना है कि विकास की संभावना दो हिस्सों की कहानी होगी। साल की पहली छमाही धीमी होने के बाद अगली शुरू होने वाली तिमाही में घरेलू मांग पर मौद्रिक तंगी का प्रभाव ज्यादा रहेगा। दूसरी छमाही में, विकास में फिर से तेजी आने की संभावना है क्योंकि वैश्विक विकास अब ठीक हो रहा है। शुद्ध निर्यात से कम निवेश चक्र तेज हो जाता है और अर्थवस्था में सुधार होने लगता है।

मुद्रास्फिति में आ सकती है कमी
गोल्डमैन सैक्स फर्म को उम्मीद है कि खुदरा मुद्रास्फीति इस वर्ष अनुमानित 6.8 प्रतिशत से अगले वर्ष 6.1 प्रतिशत तक कम हो जाएगी। मुद्रास्फीति पिछले दस महीनों से भारतीय रिजर्व बैंक के 6 प्रतिशत के उच्चतम बैंड से ऊपर बनी हुई है और विशेषज्ञों के अनुसार आने वाले कुछ महीनों में इसके ऊपर बढ़ने की संभावना है। विश्व की अर्थव्यवस्थाओं ने वित्तीय विकास गति को कोविड -19 के बाद खो दिया है। केंद्रीय बैंकों ने मुद्रास्फीति को रोकने के प्रयास में ब्याज दरों को बढ़ाया है, यह भी अर्थव्यस्था की गती को रोक रही है। दरों में बढ़ोतरी से उन्नत अर्थव्यवस्थाओं के विकास की गति पर अचानक ब्रेक लगने की उम्मीद है। साथ ही वैश्विक मंदी के जोखिम और चिंताएं भी बढ़ रही हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि विकसित अर्थव्यवस्थाओं की जीडीपी में भी गिरावट हो सकती है।
व्यापार डेटा है खराब
भारत की निर्यात में हो रही वृद्धि अक्टूबर में तेजी से गिर गई है। सितंबर में यह 4.8 प्रतिशत की वृद्धि से बढ़ी थी। निर्यात में कमी अर्थव्यस्था में गिरावट के संकेत दे रहे हैं। महामारी के बाद के पहली बार भारत के निर्यात में गिरावट देखा गया है। आखिरी बार निर्यात अनुबंध फरवरी 2021 में हुआ था। व्यापार डेटा से पता चलता है कि भारतीय अर्थव्यवस्था वैश्विक मांग भावना के प्रति संवेदनशील है, अभी भारत का व्यापार घाटा बढ़ रहा है।

गोल्डमैन सैक्स ने कहा कि हम उम्मीद करते हैं कि निर्यात कमजोर होने से भारत के विकास पर महत्वपूर्ण प्रभाव पड़ेगा। नोमुरा ने एक नोट में कहा था कि कोर इंपोर्ट ग्रोथ और कमजोर इंडस्ट्रियल आउटपुट डेटा से लगातार मंदी से पता चलता है। भारत में डोमेस्टिक ग्रोथ मोमेंटम दूसरी तिमाही में चरम पर है। भारत का निवेश चक्र वैश्विक विकास से जुड़ा हुआ है।। हम उम्मीद करते हैं कि 2022 में सकल घरेलू उत्पाद की वृद्धि 7.2 प्रतिशत y-o-y से धीमी होकर 2023 में 4.7 प्रतिशत हो जाएगी।
More From GoodReturns

Gold Rate Today: 30 मार्च को सोने की कीमतों में आई बड़ी गिरावट! जानिए 24k, 22k, 18k गोल्ड रेट क्या है?

Gold Rate Today: 1 अप्रैल को सोने की कीमतों में आई जबरदस्त तेजी! जानिए 24k, 22k,18k गोल्ड रेट क्या है?

Silver Price Today: 2 अप्रैल को चांदी की कीमतों में भारी गिरावट! जानिए प्रति किलो चांदी का रेट

Silver Price Today: 31 मार्च को चांदी की कीमतों में आई गिरावट! जानिए प्रति किलो चांदी का रेट क्या है?

Gold Rate Today: 2 अप्रैल को भी सोने की कीमतों में उतार-चढ़ाव जारी! जानिए 24k, 22k,18k गोल्ड रेट क्या है?

Silver Price Today: 30 मार्च को चांदी का भाव सस्ता हुआ या महंगा? जानें प्रति किलो चांदी का रेट

Silver Price Today: 1 अप्रैल को चांदी की कीमतों में उतार-चढ़ाव जारी! जानिए प्रति किलो चांदी का भाव

Gold Rate Today: महीने के आखिरी दिन 31 मार्च को सोने की कीमतों में बड़ा बदलाव! जानिए 24k, 22k गोल्ड रेट

एमपी-यूपी सहयोग सम्मेलन: साझा विरासत के साथ आगे बढ़ रहे मध्यप्रदेश-उत्तर प्रदेश, निवेश और विकास पर बनी सहमति

LPG Cylinder Price Hike: युद्ध के बीच बड़ा झटका! आज से एलपीजी सिलेंडर के दाम ₹218 तक बढ़े

Bank holiday Today: महावीर जयंती पर आज बैंक खुला रहेगा या बंद? जाने से पहले चेक करें RBI हॉलिडे लिस्ट



Click it and Unblock the Notifications