नयी दिल्ली। क्या आप भी इनकम टैक्स रिटर्न (आईटीआर) भरने 2-4 दिन पहले टैक्स बचाने के ऑप्शन ढूंढते हैं? अगर हां तो ये टैक्स बचाने का सही तरीका नहीं है। इतनी जल्दबाजी में आप टैक्स बचाने के सही ऑप्शन सोच भी नहीं पाएंगे। टैक्स सेविंग एक प्लानिंग के तहत होना चाहिए ताकि आप ज्यादा से ज्यादा पैसा बचा सकें। वरना आईटीआर भरते समय आप पर टैक्स का बोझ अंदाजे के कहीं ज्यादा होगा। टैक्स बचाने के जो सामान्य ऑप्शन मौजूद हैं उनसे सभी करदाता वाकिफ होंगे। मगर कुछ ऐसे स्मार्ट तरीके भी होते हैं जो सब को नहीं मालूम। मगर ये तरीके आपकी टैक्स सेविंग प्लानिंग में बहुत काम आ सकते हैं और आपकी टैक्स देनदारी काफी कम कर सकते हैं। इन टैक्स सेविंग्स ऑप्शन के बारे में जानने से पहले ये ध्यान में रखिए कि यहां बताए जाने वाले तरीके 2-4 दिन वाले नहीं है। बल्कि इनके लिए आपको काफी पहले से प्लानिंग करनी होगी और सही तरीके से मनी मैनेजमेंट करना होगा।
शेयर बाजार या म्यूचुअल फंड में मुनाफा
शेयर बाजार या म्यूचुअल फंड में निवेश करने वाले लोग अक्सर लंबे समय तक मुनाफा नहीं लेते, फिर 5-6 साल बाद एक साथ तगड़ा प्रोफिट ले लेते हैं। यानी निवेश पर रिटर्न कमा लेते हैं। मगर इससे टैक्स देनदारी बढ़ती है। 5-6 साल में मुनाफा निकालने के बजाय हर साल थोड़ा-थोड़ा मुनाफा कमाना ज्यादा बेहतर है। इसकी एक खास वजह है और वो ये कि किसी भी वित्त वर्ष में 1 लाख रु तक के एलटीसीजी (लॉन्ग टर्म कैपिटल गैन) पर कोई टैक्स नहीं देना होता है। अब यदि आप हर साल इससे कम मुनाफा निकालते रहें तो आपको कोई टैक्स देना ही नहीं होगा। 5-6 साल ये रकम जितनी हो जाएगी आपको उस पूरी राशि पर टैक्स देना पड़ेगा।
घाटा उठाने से बचता है टैक्स
सुनने में आपको ये अजीब लगेगा मगर कुछ नुकसान लेकर आप ज्यादा टैक्स बचा सकते हैं। पर आपको ये ध्यान रखना होगा कि कितने नुकसान से आपका टैक्स बचेगा और निवेश में घाटा भी सीमित रहेगा। इसे लॉन्ग टर्म कैपिटल लॉस को लॉन्ग टर्म कैपिटल गेन से एडजस्ट करना कहते हैं। इसके लिए आप घाटे में चल रहे शेयर बेच दें। इससे टैक्स बचेगा और कमजोर शेयर आपके पोर्टफोलियो से बाहर हो जाएंगे। आप घाटा उठाएंगे तो मुनाफा कम हो जाएगा, जिससे टैक्स दी जाने वाली राशि कम होगी। इसके लिए आपको गुणा-गणित ठीक से करनी होगी।
ये बॉन्ड बचाएंगे टैक्स
प्रॉपर्टी और अन्य कैपिटल एसेट्स की बिक्री पर लॉन्ग टर्म कैपिटल गैन (एलटीसीजी) टैक्स लगता है। मगर कुछ खास तरीकों से इसे बचाया जा सकता है। टैक्स बचाने का एक सबसे अच्छा तरीका 54ईसी बॉन्ड में निवेश, जिसे आम तौर पर कैपिटल गेन बॉन्ड के रूप में जाना जाता है। इन पर आयकर अधिनियम की धारा 54ईसी के तहत टैक्स कटौती का फायदा मिलता है। ये बॉन्ड्स सरकारी कंपनियों द्वारा पेश किए जाते हैं। पर ध्यान रहे कि इनमें 5 साल की लॉक-इन अवधि होती है। इन बॉन्ड्स में आप 50 लाख रु से ज्यादा का निवेश नहीं कर सकते। इतनी ही अधिकतम राशि पर आपको टैक्स मिल सकता है।
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