नई दिल्ली, सितंबर 14। राष्ट्रीय पेंशन प्रणाली (एनपीएस) के नियमों में एक बड़ा बदलाव हुआ है। इससे एनपीएस के पेंशनभोगियों को फायदा होगा। नये नियम के अनुसार अब पेंशन फंड से बाहर निकलने के बाद पेंशनभोगियों एन्युटी चुनने के लिए एक अलग प्रपोजल फॉर्म नहीं भरना होगा। इस मामले में इंश्योरेंस रेगुलेटर इंश्योरेंस रेगुलेटरी एंड डेवलपमेंट अथॉरिटी ऑफ इंडिया (आईआरडीएआई) ने 13 सितंबर 2022 को एक सर्कुलर जारी किया। सर्कुलर के मुताबिक एनपीएस रिटायरी ने जो एग्जिट फॉर्म जमा किया है उसे बीमा कंपनियों द्वारा इंस्टैंट एन्युटी प्रोडक्ट की पेशकश के लिए प्रपोलर फॉर्म के रूप में स्वीकार करना होगा।
अभी क्या है नियम
मौजूदा नियमों के अनुसार एनपीएस पेंशनभोगियों को विदड्रॉल के समय पेंशन फंड नियामक और विकास प्राधिकरण (पीएफआरडीए) को एक "विस्तृत" निकास फॉर्म जमा करना होता है। इसके बाद पेंशनभोगियों को अपनी पसंदीदा एन्युटी योजना चुनते समय बीमा कंपनियों द्वारा प्रस्तावित एक विस्तृत प्रपोजल फॉर्म भरना होता है। बीमा नियामक के अनुसार पीएफआरडीए एनपीएस रिटायरी लोगों से विस्तृत फॉर्म कलेक्ट कर रहा है। उसमें आवश्यक डिटेल शामिल होती है, जिसकी जरूरत बीमा कंपनियां प्रपोजल फॉर्म में मांगती हैं।
मिली एक और सुविधा
बीमा नियामक ने एनपीएस पेंशनभोगियों को एक और सौगात दी है। एनपीएस पेंशनभोगियों को अब से डिजिटल तरीके जीवन प्रमाण पत्र जमा करने की अनुमति दी जाएगी।
एन्युटी का नियम
मौजूदा नियमों के अनुसार एनपीएस ग्राहक के लिए मैच्योरिटी पर एन्युटी योजना खरीदने के लिए कुल फंड में से कम से कम 40 प्रतिशत का उपयोग करना जरूरी है। बाकी 60 प्रतिशत एनपीएस फंड एक साथ निकाला जा सकता है। हां यदि कुल फंड ही 5 लाख रुपये या इससे कम है, तो ग्राहक के पास मैच्योरिटी पर सारा पैसा निकालने का ऑप्शन होगा।
60 वर्ष की आयु से पहले के नियम
वहीं समय से पहले यानी 60 वर्ष की आयु से पहले योजना से बाहर निकलने के लिए, एनपीएस ग्राहक को जीवन बीमा कंपनी से पेंशन योजना (एन्युटी) खरीदने के लिए कुल एनपीएस फंड का 80 प्रतिशत खर्च करना होगा।
सीनियर सिटीजन को आसानी
एक और बदलाव जो आईआरडीएआई ने एनपीएस पेंशनभोगियों के जीवन को आसान बनाने के लिए किया है, वह है डिजिटल लाइफ-सर्टिफिकेट जमा करने की सुविधा देना। एन्युटी पेमेंट प्राप्त करने वाले सभी वरिष्ठ नागरिकों के जीवन को आसान बनाने के लिए जीवन प्रमाण के लिए आधार आधारित ऑथेंटिकेशन की वर्तमान रूपरेखा जैसे जीवन प्रमाण, पेंशनभोगियों के लिए बायोमेट्रिक इनेबल्ड डिजिटल सेवा पर भारत सरकार की पहल को अपनाया जाएगा। नए नियम तत्काल प्रभाव से लागू होंगे।
हाल ही में बदला था एक और नियम
एनपीएस के नियमों के तहत टीयर 1 खाते में एक बार में कम से कम 500 रुपये जमा करने जरूरी था। वहीं सालाना न्यूनतम 6 हजार रुपये का योगदान होना जरूरी था। इसी नियम को अपडेट किया गया है। साल भर में आपको एक बार योगदान करना ही होगा। वहीं टीयर 2 खाते में न्यूनतम 250 रुपये का योगदान जरूरी है। वहीं इस खाते में वित्त वर्ष के आखिर में 2000 रुपये का बैलेंस जरूरी कर दिया गया है। कम से कम एक बार कांट्रिब्यूशन इस खाते में भी जरूरी है। अहम बात यह है कि अधिकतम योगदान की कोई लिमिट एनपीएस में तय नहीं की गयी है।
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