नयी दिल्ली। आधार और राशन कार्ड को लिंक करवाने से जुड़ी एक बड़ी खबर आई है। सोमवार को खाद्य मंत्रालय ने राशन कार्ड के साथ आधार लिंकिंग की समय सीमा 30 सितंबर तक बढ़ा दी। साथ ही मंत्रालय ने साफ किया कि सभी लाभार्थियों को राशन के आधार के साथ लिंक हुए बिना भी राशन मिलता रहेगा। मंत्रालय ने यह भी स्पष्ट किया कि आधार नंबर न देने वालों के राशन कार्ड रद्द नहीं किए जाएंगे। कोरोनावायरस को फैलने से रोकने के लिए देश में लागू किए गए लॉकडाउन के बीच जरूरतमंदों और गरीबों के लिए राहत की खबर है। आधिकारिक बयान के मुताबिक 30 सितंबर तक की समयसीमा सभी राज्यों और केंद्र शासित राज्यों के लिए बढ़ाई गई है।
20 करोड़ से अधिक राशन कार्ड हो चुके लिंक
मंत्रालय की तरफ से दी गई जानकारी के मुताबिक अब तक कुल 23.5 करोड़ राशन कार्ड्स में से 90 फीसदी राशन कार्ड को आधार नंबर से लिंक किया जा चुका है। किसी भी लाभार्थी परिवार के कम से कम किसी एक सदस्य का आधार नंबर राशन कार्ड से लिंक हो चुका है। मंत्रालय के मुताबिक लाभार्थियों के पास यदि आधार नंबर नहीं है तो उनके नाम/राशन कार्ड काटे या रद्द नहीं किए जाएंगे। ये निर्देश भी जारी किए गए हैं कि लाभार्थी के बायोमेट्रिक्स या नेटवर्क कनेक्टिविटी में दिक्कत, लिंकिंग या किसी अन्य तकनीकी कारणों से लाभार्थी का आधार प्रमाणीकरण न होने के कारण खाद्य कानून के तहत अनाज देने से इनकार नहीं किया जाना चाहिए।
वन नेशन वन राशन कार्ड
हाल ही में खबर आई थी कि सरकार वन नेशन वन राशन कार्ड जल्द ही लागू कर सकती है। केंद्र सरकार इस योजना को लागू करने में काफी तेजी दिखा रही है। पहले ही इस योजना को आने वाली 1 जून से देश भर में लागू करने का ऐलान किया जा चुका है। इतना ही नहीं देश के 12 राज्यों में ये योजना 1 जनवरी से लागू भी हो चुकी है। दरअसल इस योजना की जरूरत पर ध्यान देते हुए सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार से कहा था कि प्रवासी मजदूरों और आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों (ईडब्ल्यूएस) को सब्सिडी वाला अनाज मुहैया करने के लिए चल रहे कोरोनावायरस लॉकडाउन अवधि के दौरान 'वन राष्ट्र, वन राशन कार्ड' योजना को लागू करने पर विचार करे।
बेहद लाभदायक है ये योजना
वन नेशन वन राशन कार्ड मोदी सरकार की काफी अहम और महत्वकांशी योजना है। इसका फायदा उन गरीब मजदूरों को सबसे अधिक मिलेगा जो एक राज्य से दूसरे राज्य में करने के लिए जाते हैं। गरीब मजदूरों को काम की तलाश में दूसरे राज्यों में जाना पड़ता है। इससे वे राशन की सुविधा का फायदा नहीं उठा पाते, क्योंकि उनके राज्य के राशन कार्ड से दूसरे राज्य में अनाज नहीं मिलेगा। अगर वन नेशन वन राशन कार्ड लागू हो जाए तो पूरे देश में सभी के लिए एक ही राशन कार्ड होगा।
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