
Budget 2023 : आगामी बजट 2023 जैसे-जैसे करीब आ रहा हैं। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बिजनेस एक्सपर्ट के साथ अपनी बजट के पहले की जो चर्चा है उसको शुरू कर दी है, टैक्सपेयर्स के द्वारा कई सारी अपेक्षाएं व्यक्त की जा रही हैं। क्योंकि बजट 2022 में कम से व्यक्तिगत कर रियायतें थीं, इसी वजह से बजट 2023 के काफी पॉकेट-फ्रेंडली बजट होने के लिए उम्मीद ज्यादा रही है, तो आइए जानते हैं इसके बारे में।
टैक्स दरों में बदलाव
काफी अधिक वक्त से टैक्स स्लैब और टैक्स की दरें स्थिर बनी हुई है। टैक्स की कम दरों के साथ एक नई टैक्स व्यवस्था को बजट 2020 में पेश किया गया था। अगर कोई कुछ कटौतियों और छूटों को छोड़ देता है, लेकिन व्यक्तिगत नियमित दरों में कोई बदलाव नहीं किया गया था। जीवन जीने की बढ़ती लागत और लोन की ब्याज दरों में वृद्धि में साथ ही व्यक्ति की जो आयकर दरें है। इसमें व्यक्तियों की क्रय शक्ति के बहाल करने के लिए एक स्वागत योग्य उपाय होगा। सरकार को उच्चतर ब्याज हैं। इसकी सीमा को बढ़ाने में विचार किया जा सकता है। इसकी सीमा को 10 लाख रूपये से बढ़ाकर 20 लाख रूपये करने पर विचार कर सकती है और उच्चतर टैक्स की जो दर है। इसको 30 प्रतिशत से घटाकर 25 प्रतिशत कर सकती है ताकि कंपनियों में लगी जो सामान्य आयकर दर है। इसको बराबर लाया जा सके।
आय में कटौती कर बचाने के लिए आयकर अधिनियम, 1961 की धारा 80TTA के तहत कटौती
जो पुरानी आयकर व्यवस्था है। इसके तहत बैंक, पोस्ट ऑफिस या बैंकिंग के बिजनेस में लगी हुई को-ऑपरेटिव सोसायटी के जो सेविंग अकाउंट है। इससे अर्जित आय से कटौती उपलब्ध है। काफी समय पहले फाइनेंशियल ईयर 2012-13 में पेश किए जाने के बाद से ये जो कटौती की सीमा है। यह सीमा स्थिर रही है। सरकार को इसकी ब्याज दरों को बढ़ाने में विचार किया जाना चाहिए ही इसके साथ ही सरकार को इसकी सीमा को 10 हजार रु से बढ़ाकर 50 हजार रु करने में भी विचार करना चाहिए।
टैक्स छूट नए जमाने के खर्च के लिए
इलेक्ट्रिक वाहन (ईवी) के खरीद के संबंध में कटौती पिछले कुछ सालों में लोग पर्यावरण को लेकर काफी अधिक जागरूक हुए है। लगभग सभी लोग वैश्विक जलवायु परिवर्तन की पहल के प्रति काफी अधिक जागरूक हुए है। इसी वजह से काफी अधिक संख्या में अब लोग ईवी को खरीदने का ऑप्शन का चयन कर रहे है। ईवी को खरीदने के लिए लिए गए जो लोन है। इस लोन को भुगतान किए गए ब्याज के लिए कटौती प्रदान करने के लिए अधिनियम की धारा 80ईईबी को पेश किया गया था। इसको बजट 2019 में पेश किया गया था। वर्तमान में अगर धारा 80ईईबी के तहत किसी व्यक्ति को कटौती का दावा करना है, तो फिर इसको 31 मार्च, 2023 तक या फिर इससे पहले आपको ईवी को खरीदने के लिए लोन लेना होगा। इस शर्त को कम से कम दो वर्षों के लिए बढ़ाया जा सकता है यानी इसको मार्च 2025 तक बढ़ाया जा सकता है। सरकार की तरफ से इसके अलावा ईवी के इस्तेमाल को बढ़ाने के देने के सेल्फ-फाइनेंस ईवी के पहली बार खरीदते है। ईवी की लगात के एक हिस्से के लिए कटौती की अनुमति देने पर भी विचार कर सकती है। ताकि, जो व्यक्ति खुद के पैसे को इलेक्ट्रिक स्कूटर को खरीदते हैं, वे भी इलेक्ट्रिक स्कूटर को खरीदने के लिए मोटिवेट हो।
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