नई दिल्ली, सितंबर 08। क्या आपकी जेब में रखे नोटों और सिक्कों में कोई बदलाव हो सकता है? असल में नेत्रहीन लोगों को अपनी जेब में रखे सिक्कों और नोटों को पहचानना मुश्किल हो रहा है। इसीलिए इस मामले की जांच करने का जिम्मा विशेषज्ञों की टीम को दिया गया है। बता दें कि बंबई उच्च न्यायालय ने विशेषज्ञों से वे तरीके सुझाने को कहा है, जिससे रुपये और सिक्के दृष्टिबाधित लोग आसानी से पहचान सकें। आगे जानिए पूरा मामला।
जानिए क्या है मामला
न्यायमूर्ति प्रसन्ना वरले और न्यायमूर्ति शर्मिला देशमुख की खंडपीठ बीते सोमवार को एक मामले की सुनवाई कर रही थी। उसी के दौरान उन्होंने कहा कि अदालत आदेश पारित करती रहती है। कभी-कभी इसे अंधेरे में रखा जा सकता है। मगर इस मामले को सुलझाने के लिए विशेषज्ञों के सुझाव जरूरी हैं। गौरतलब है कि अदालत दृष्टिबाधित व्यक्तियों के राष्ट्रीय संघ (एनएबी) की एक याचिका पर सुनवाई कर रही है। याचिका के माध्यम से दृष्टिबाधित लोगों के नए नोटों और सिक्कों की पहचान करने में कठिनाई की बात कही गयी है।
आरबीआई ने क्या कहा
भारतीय रिजर्व बैंक (आरीबआई) ने अदालत को बताया था कि रुपये में कई स्पर्श-संबंधी विशेषताओं को शामिल किया गया है, जिससे कि दृष्टिबाधित लोग करेंसी को आसानी से पहचान सकते हैं। अब अदालत ने याचिकाकर्ता के वकील उदय वरुणजीकर से विशेषज्ञों की सलाह लेने का निर्देश दिया है। पीठ के अनुसार कुछ विशेषज्ञों के वे सुझाव लें जिनसे सिक्कों और रुपये को पूरी तरह या आंशिक रूप से दृष्टिबाधित लोगों के अनुकूल बनाया जा सके।
कब होगी अगली सुनवाई
मामले की अगली सुनवाई 4 हफ्ते बाद होगी। इस बीच कुछ समय पहले डिजिटल करेंसी को लेकर एक रिपोर्ट सामने आई। ये रिपोर्ट संयुक्त राष्ट्र (यूएन) की है। रिपोर्ट के अनुसार कोविड-19 के दौरान दुनिया भर में क्रिप्टोकरेंसी का उपयोग बहुत तेजी से बढ़ा है। रिपोर्ट के मुताबिक भारत में सात फीसदी से ज्यादा आबादी के पास डिजिटल करेंसी है।
किसके पास है सबसे अधिक डिजिटल करेंसी
संयुक्त राष्ट्र की रिपोर्ट के मुताबिक 2021 में क्रिप्टोकरेंसी रखने वाली आबादी की हिस्सेदारी के मामले में टॉप 20 अर्थव्यवस्थाओं में से 15 विकसित देश रहे। यानी किसी देश की जितनी अधिक आबादी के पास डिजिटल करेंसी है उसमें से टॉप के 20 देशों में से 15 देश विकसित हैं। इनमें यूक्रेन 12.7 प्रतिशत के साथ पहले पायदान पर रहा। इसके बाद लिस्ट में रूस (11.9 फीसदी), वेनेजुएला (10.3 फीसदी), सिंगापुर (9.4 फीसदी), केन्या (8.5 फीसदी) और अमेरिका (8.3 फीसदी) का नंबर है।
भारत में आएगा डिजिटल रुपया
वित्त मंत्री ने इस साल के बजट के दौरान बताया था कि देश में डिजिटल रुपया जारी किया जाएगा। बता दें कि रिजर्व बैंक ने डिजिटल रुपया लॉन्च करने की तैयारी कर ली है। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा था कि रिजर्व बैंक का 2022-23 तक ब्लॉकचेन तकनीक का उपयोग करके एक 'डिजिटल रुपया' पेश करने का प्रस्ताव है। फिर पीएम मोदी ने कहा था कि डिजिटल मुद्रा आने वाले वर्ष में डिजिटल अर्थव्यवस्था को बढ़ावा देगी। उन्होंने कहा कि आरबीआई के समर्थन वाली सीबीडीसी को केंद्रीय बैंक द्वारा नियंत्रित और मॉनिटर किया जाएगा और यह भारत की फिएट मुद्रा का डिजिटल अवतार होगा।
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