नयी दिल्ली। चीन से भारत में आने वाले निवेश में पिछले तीन सालों में भारी गिरावट आई है। इस बात की जानकारी वित्त राज्य मंत्री अनुराग सिंह ठाकुर ने सोमवार को लोकसभा में दी है। ठाकुर के अनुसार वित्त वर्ष 2019-20 में चीनी एफडीआई गिर कर 16.37 करोड़ डॉलर (163.77 मिलियन डॉलर) रह गया। भारत में चीनी कंपनियों द्वारा किए जाने वाले प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (एफडीआई) की डिटे देते हुए उन्होंने कहा कि 2017-18 में यह 35.02 करोड़ डॉलर था, जो अगले वर्ष में घट कर 22.9 करोड़ डॉलर रह गया। फिर 2019-20 में ये 16.37 करोड़ डॉलर रहा। वहीं भारत की तरफ से किए गए निवेश के बारे में उन्होंने बताया कि 2020 में अब तक ये 2.06 करोड़ डॉलर है, जो पिछले साल इसी अवधि में 2.75 करोड़ डॉलर रहा था।
टॉप 10 से बाहर है चीन
ठाकुर ने जानकारी दी 2017 में भारतीय कंपनियों की तरफ से चीन में 4.91 करोड़ डॉलर का निवेश किया गया था। फिर अगले साल यानी 2018 में ये राशि गिर कर 1.2 करोड़ डॉलर रह गई है। जहां तक भारत में आने वाली एफडीआई का सवाल है तो चीनी कंपनियों का उसमें कुल हिस्सा सिर्फ 0.5 फीसदी ही बचा है। इसके अलावा भारत में निवेश करने वाले टॉप 10 देशों की लिस्ट में भी चीन शामिल नहीं है। आपकी जानकारी के लिए बता दें कि सरकार ने चीन का नाम लिए बिना एफडीआई पॉलिसी में भी बदलाव किया है। कोरोना महामारी के कारण भारतीय कंपनियों में अवसरवादी खरीदारी या अधिग्रहण पर अंकुश लगाने के लिए सरकार ने इस साल की शुरुआत में प्रेस नोट 3 जारी किया था।
कौन कर सकता है निवेश
ठाकुर ने प्रेस नोट 3 का हवाला देते हुए कहा कि कोई विदेशी इकाई भारत में, उन क्षेत्रों / गतिविधियों को छोड़कर जिनकी अनुमति एफडीआई नीति में नहीं है, निवेश कर सकती है। हालांकि उस देश की एक इकाई, जिसका बॉर्डर भारत के साथ लगता है या उस निवेश का लाभकारी मालिक ऐसे ही किसी देश का नागरिक है या ऐसे ही किसी देश (भारत से सीमा लगने वाले) में रहता है तो वे केवल सरकारी रूट के तहत निवेश कर सकता है।
पाकिस्तानियों के लिए क्या है नियम
उन्होंने आगे कहा कि पाकिस्तान का नागरिक या पाकिस्तान में शुरू हुई कोई इकाई केवल सरकारी रूट के तहत ही निवेश कर सकती है। इनमें भी रक्षा, अंतरिक्ष, परमाणु ऊर्जा और उन सेक्टरों में निवेश की अनुमति होगी जिनके लिए एफडीआई पॉलिसी में अनुमति नहीं है। पिछले महीने आई एक रिपोर्ट में खुलासा हुआ था कि साल दर साल साल आधार पर जून 2020 में भारत के चीन को निर्यात में 78 प्रतिशत का इजाफा हुआ है, जबकि अप्रैल में सालाना आधार पर इसमें 60.2 प्रतिशत की गिरावट आई थी।
More From GoodReturns

Silver Price Today: 2 अप्रैल को चांदी की कीमतों में भारी गिरावट! जानिए प्रति किलो चांदी का रेट

Silver Price Today: 31 मार्च को चांदी की कीमतों में आई गिरावट! जानिए प्रति किलो चांदी का रेट क्या है?

Gold Rate Today: 2 अप्रैल को भी सोने की कीमतों में उतार-चढ़ाव जारी! जानिए 24k, 22k,18k गोल्ड रेट क्या है?

Silver Price Today: 30 मार्च को चांदी का भाव सस्ता हुआ या महंगा? जानें प्रति किलो चांदी का रेट

Silver Price Today: 1 अप्रैल को चांदी की कीमतों में उतार-चढ़ाव जारी! जानिए प्रति किलो चांदी का भाव

Gold Rate Today: महीने के आखिरी दिन 31 मार्च को सोने की कीमतों में बड़ा बदलाव! जानिए 24k, 22k गोल्ड रेट

एमपी-यूपी सहयोग सम्मेलन: साझा विरासत के साथ आगे बढ़ रहे मध्यप्रदेश-उत्तर प्रदेश, निवेश और विकास पर बनी सहमति

LPG Cylinder Price Hike: युद्ध के बीच बड़ा झटका! आज से एलपीजी सिलेंडर के दाम ₹218 तक बढ़े

Bank holiday Today: महावीर जयंती पर आज बैंक खुला रहेगा या बंद? जाने से पहले चेक करें RBI हॉलिडे लिस्ट

Gujarat News: सताधार धाम बना आत्मनिर्भरता का प्रतीक, रोजाना 10 हजार श्रद्धालुओं का भोजन बायोगैस पर तैयार

कानूनी प्रक्रिया से ही तय हुआ JAL का भविष्य: Adani की जीत पर मुहर, CoC की ‘कमर्शियल विजडम’ सर्वोपरि



Click it and Unblock the Notifications