नई दिल्ली, अगस्त 10। पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस राज्य मंत्री रामेश्वर तेली ने सोमवार को कहा कि केंद्र सरकार ने रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड और रिलायंस और बीपी के एक जॉइंट वेंचर सहित सात नई कंपनियों को ऑटो फ्यूल रिटेल बिक्री लाइसेंस दिया है। ये लाइसेंस एक नए उदार नीति के तहत दिए गए हैं, जो किसी भी कम से कम 250 करोड़ रु वाली कंपनी को रिटेल पेट्रोल और डीजल के लिए प्राधिकरण के लिए आवेदन की अनुमति देती है। ये नवंबर 2019 की पॉलिसी है। बता दें कि इस पॉलिसी के तहत दिए नयी कंपनियों को लाइसेंस से आपको भी फायदा हो सकता है। दरअसल आप फ्रेंचाइजी के रूप में इन कंपनियों में से किसी का पेट्रोल पंप खोल कर लाखों-करोड़ों रु कमा सकते हैं।
किन कंपनियों को मिला लाइसेंस
सरकार ने रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड, आईएमसी लिमिटेड, ऑनसाइट एनर्जी प्राइवेट लिमिटेड, असम गैस कंपनी, एम के एग्रोटेक, आरबीएमएल सॉल्यूशंस इंडिया लिमिटेड और मानस एग्रो इंडस्ट्रीज एंड इंफ्रास्ट्रक्चर को लाइसेंस दिए हैं। अब ये कंपनियां पेट्रोल पंप अलॉट करेंगी। आपको पेट्रोल पंप खोलने के लिए इन कंपनियों से संपर्क और आवेदन करना होगा।
रिलायंस के पास पहले से था लाइसेंस
रिलायंस के पास पहले से ही एक रिटेल सेल्स लाइसेंस था, जिसके तहत उसने देश में 1,400 से अधिक पेट्रोल पंप स्थापित किए हैं। लेकिन यह लाइसेंस उसकी सब्सिडियरी रिलायंस बीपी मोबिलिटी (आरबीएमएल) को ट्रांसफर कर दिया गया है। इसलिए अरबपति मुकेश अंबानी की फर्म ने फिर से आवेदन किया और एक नया लाइसेंस प्राप्त किया।
बदल गया नियम
फ्यूल रिटेल लाइसेंस लेने के लिए तेल और गैस क्षेत्र में 2,000 करोड़ रुपये के निवेश की आवश्यकता को खत्म कर दिया गया है। नए पेट्रोल पंप नियमों के तहत लाइसेंसधारियों को कम से कम 100 आउटलेट स्थापित करने की आवश्यकता होगी। इनमें कम से कम 5 प्रतिशत दूरदराज के इलाकों में होने चाहिए। फिलहाल सरकारी तेल मार्केटिंग कंपनियां (इंडियन ऑयल, भारत पेट्रोलियम कॉर्प और हिंदुस्तान पेट्रोलियम कॉर्प) के पास देश में मौजूद 77,709 पेट्रोल पंपों में से अधिकतर हैं।
प्राइवेट कंपनियों में इनके पास हैं पेट्रोल पंप
आरबीएमएल, नायरा एनर्जी (पूर्व में एस्सार ऑयल) और रॉयल डच शेल बाजार में प्राइवेट कंपनियां हैं, लेकिन इनकी उपस्थिति सीमित है। आरबीएमएल के पास 1,422 आउटलेट हैं, नायरा के पास 6,152 आउटलेट हैं जबकि शेल के सिर्फ 270 पंप हैं। बीपी ने कुछ साल पहले 3,500 पंप लगाने का लाइसेंस हासिल किया था लेकिन अभी तक ऐसा करना शुरू नहीं किया है। तब से इसने रिलायंस के साथ कारोबार में उतरने का फैसला किया है।
ये है असम की सरकारी कंपनी
जिन कंपनियों को लाइसेंस मिला है, उनमें चेन्नई स्थित आईएमसी (जिसे पहले इंडियन मोलासेस कंपनी कहा जाता था), जो तेल टर्मिनलों में विशेषज्ञता रखती है, और असम सरकार की फर्म, असम गैस कंपनी शामिल है। असम गैस कंपनी गैस परिवहन के कारोबार में है। ऑनसाइट एनर्जी के बारे में ज्यादा जानकारी नहीं है जिसे मई 2020 में शुरू किया गया था। एम के एग्रोटेक कृषि उत्पादों (जैसे सूरजमुखी तेल), रियल एस्टेट, कच्चे तेल और गैस सेक्टर में काम करती है।
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