नई दिल्ली, जुलाई 13। पेट्रोल की बढ़ती कीमतों और पर्यावरण को पहुंच रहे नुकसान के कारण अब भारत में इलेक्ट्रिक कारों पर काफी ध्यान दिया जा रहा है। केंद्र और राज्य सरकारें इस पर काफी ध्यान रही हैं। कई सरकारों ने इलेक्ट्रिक कारों के लिए प्रोत्साहन पॉलिसी पेश की है। मगर ई-कारों के साथ एक समस्या है कि इनकी कीमत बहुत अधिक है। पर अब ये समस्या भी दूर होने वाली है। असल में एक कंपनी अब सस्ती ई-कार पेश करने जा रही है। भारत स्थित अक्षय ऊर्जा सॉल्यूशन प्रोवाइडर जेनसोल इंजीनियरिंग ने पिछले हफ्ते अमेरिका के ईवी स्टार्टअप में अधिकतम हिस्सेदारी खरीद ली। जेनसोल इंजीनियरिंग का लक्ष्य भारत में घरेलू स्तर पर तैयार ईवी बनाने के लिए ईवी स्टार्टअप्स की आरएंडडी सुविधाओं का उपयोग करना है। कंपनी को वित्तीय वर्ष 2023-24 के लिए अपनी इनकम में 500-600 करोड़ रुपये की बढ़ोतरी की उम्मीद है।
क्या है कंपनी का मुख्य बिजनेस
जेनसोल इंजीनियरिंग भारत और विदेशों में सोलर प्रोजेक्ट्स के लिए कंसेप्ट-टू-कमीशनिंग सोलर एडवाइजरी, एक्जेक्यूशन और ऑपरेशन सर्विसेज प्रोवाइड करती है। कंपनी जेनसोल ग्रुप ऑफ कंपनीज का हिस्सा है और इंजीनियरिंग, खरीद और निर्माण अनुबंध (ईपीसी कॉन्ट्रैक्ट) प्रोवाइड करती है।
सस्ती कार बनाना है मकसद
जेनसोल का लक्ष्य सस्ती ई-कारें बनाना है। मनीकंट्रोल की रिपोर्ट के अनुसार कंपनी के एमडी ने कहा है कि 5-6 लाख रु की ईवी की जरूरत है। उन्होंने कहा कि भारतीय ईवी सेगमेंट एक बदलाव की जरूरत है। उनके अनुसार यह तब ही हो सकता है जब ई-कार 5 लाख रु से कम में बेची जाए।
ईवी स्पेस में क्रांति की तैयारी
जेनसोल के वेंचर का उद्देश्य ईवी स्पेस में तकनीकी प्रगति लाना है और भविष्य में विभिन्न डिजाइनों के साथ यात्री, फ्लीट और कार्गो खरीदारों की जरूरतों को पूरा करना है। 'मेड इन इंडिया' वाहनों के आगे एक बार चार्ज करने पर 2 घंटे के चार्जिंग समय में 200 किमी की दूरी तय करने की उम्मीद है। कंपनी इस मामले में जल्द ही बाकी जानकारी साझा करेगी।
दुनिया की सबसे ई-कार
इस समय पूरी दुनिया की सबसे सस्ती कार चीन में है। यह वुलिंग होनगुआंग मिनी ईवी, जिसकी कीमत भारतीय मुद्रा में 3.15 लाख रु है। जेनसोल इंजीनियरिंग की भारतीय बाजार में एक ईवी पेश करने की योजना है। कंपनी भारत में हैचबैक सेगमेंट पर विचार कर सकती है, जिसमें 46 प्रतिशत बाजार हिस्सेदारी है। जेनसोल के अनुसार इस ईवी हैचबैक सेगमेंट की वैल्यू लगभग 70,983 करोड़ रुपये है और उम्मीद है कि भारत में ईवी बाजार 2030 तक वार्षिक बिक्री की वॉल्यूम में लगभग 2,00,000 यूनिट तक पहुंच जाएगा।
भारत में मौजूद सबसे सस्ती ई-कारें
टाटा टिगोर की कीमत 11.99 लाख रु है। ये भारत में एकमात्र ऐसी कार है जो पेट्रोल, सीएनजी और इलेक्ट्रिक तीनों वेरिएंट में आती है। टाटा नेक्सन ईवी भारत में सबसे ज्यादा बिकने वाली इलेक्ट्रिक कार है। कार की शुरुआती कीमत 14.24 लाख रु है। एमजी जेडएस ईवी भारतीय कार सेगमेंट में एक नयी एंट्री है। एमजी जेडएस ईवी की शुरुआती कीमत 20 लाख रु (एक्स-शोरूम) है। हुंडई कोना ईवी की शुरुआती कीमत 23.79 लाख रु से 23.97 लाख रु (एक्स-शोरूम) के बीच है।
More From GoodReturns

Silver Price Today: 2 अप्रैल को चांदी की कीमतों में भारी गिरावट! जानिए प्रति किलो चांदी का रेट

Silver Price Today: 31 मार्च को चांदी की कीमतों में आई गिरावट! जानिए प्रति किलो चांदी का रेट क्या है?

Gold Rate Today: 2 अप्रैल को भी सोने की कीमतों में उतार-चढ़ाव जारी! जानिए 24k, 22k,18k गोल्ड रेट क्या है?

Silver Price Today: 30 मार्च को चांदी का भाव सस्ता हुआ या महंगा? जानें प्रति किलो चांदी का रेट

Silver Price Today: 1 अप्रैल को चांदी की कीमतों में उतार-चढ़ाव जारी! जानिए प्रति किलो चांदी का भाव

Gold Rate Today: महीने के आखिरी दिन 31 मार्च को सोने की कीमतों में बड़ा बदलाव! जानिए 24k, 22k गोल्ड रेट

एमपी-यूपी सहयोग सम्मेलन: साझा विरासत के साथ आगे बढ़ रहे मध्यप्रदेश-उत्तर प्रदेश, निवेश और विकास पर बनी सहमति

LPG Cylinder Price Hike: युद्ध के बीच बड़ा झटका! आज से एलपीजी सिलेंडर के दाम ₹218 तक बढ़े

Bank holiday Today: महावीर जयंती पर आज बैंक खुला रहेगा या बंद? जाने से पहले चेक करें RBI हॉलिडे लिस्ट

Gujarat News: सताधार धाम बना आत्मनिर्भरता का प्रतीक, रोजाना 10 हजार श्रद्धालुओं का भोजन बायोगैस पर तैयार

कानूनी प्रक्रिया से ही तय हुआ JAL का भविष्य: Adani की जीत पर मुहर, CoC की ‘कमर्शियल विजडम’ सर्वोपरि



Click it and Unblock the Notifications