नई दिल्ली, जनवरी 15। आपने केंद्र सरकार की लोकप्रिय योजना 'पीएम-कुसुम' के बारे में सुना होगा, लेकिन आप नहीं जानते होंगे कि यह योजना किसानों की आय को 200 गुना बढ़ाने में कैसे मदद कर रही है। आज हम आपको एक ऐसे किसान के बारे में बताएंगे जो अपनी आय बढ़ाने के लिए इस योजना का उपयोग कर रहा है। अमित सिंह राजस्थान के कंवरपुरा गांव के डॉक्टर से सौर-उद्यमी बने हैं। अमित किसान समुदाय को ग्रीन एनर्जी प्रदान करने के साथ-साथ अपनी आय को दो सौ गुना तक बढ़ाने के लिए प्रधानमंत्री किसान ऊर्जा सुरक्षा एवं उत्थान महाभियान का उपयोग कर रहे हैं, जिसे पीएम-कुसुम योजना के नाम से जाना जाता है।
ऐसे आया आइडिया
अमित का गांव एक बड़े जल संकट का सामना कर रहा था, जब उन्होंने अपने खराब होते खेत के लिए एक आधुनिक समाधान की तलाश करने का फैसला किया और यही वह समय था जब वह पीएम-कुसुम के माध्यम से बिजली वितरण कंपनियों को स्वच्छ ऊर्जा बेचकर पैसा कमाने वाले देश के पहले व्यक्ति बने।
सौर ऊर्जा की तरफ आकर्षित
अमित हमेशा सौर ऊर्जा की तरफ आकर्षित रहते थे। उन्होंने गाँव में अपने छोटे से क्लिनिक को ग्रिड सौर ऊर्जा सिस्टम से संचालित किया था। इसलिए जब पीएम कुसुम योजना ने उन्हें अपने सपने को पूरा करने अवसर दिया, तो उन्होंने संकोच नहीं किया। अब वे इसी से हर महीने 4 लाख रु तक कमाते हैं।
पैसों की थी दिक्कत
लेकिन अमित के लिए शुरुआत करना आसान नहीं था क्योंकि उसके सामने वित्तीय समस्या थी। उन्हें पैसे का इंतजाम करने और आवश्यक सहायता प्राप्त करने में समस्याओं का सामना करना पड़ा। लेकिन उन्होंने उम्मीद नहीं खोई। उनका विश्वास था कि क्लीन एनर्जी ही आगे बढ़ने का एकमात्र रास्ता है और सरकारी योजना बंजर भूमि वाले किसानों की आय बढ़ा सकती है और पूरे समुदाय को पहुंचा सकती है।
3.5 करोड़ रु क इक्विपमेंट
बात करें जरूरी इक्विमेंट की तो आपको सोलर पैनल - 2 करोड़ रु, स्ट्रक्चर-जीआई - 50 लाख रुपये, इन्वर्टर - 40 लाख रुपये, वायरिंग - 10 लाख रुपये, ट्रांसमिशन लाइन और सुरक्षा उपकरण - रु 40 लाख और सरकारी फीस- 10 लाख रुपये की जरूरत होगी।
कैसे करें आवेदन
पीएम कुसुम योजना के लिए आवेदन करने के लिए आपको सरकार की आधिकारिक वेबसाइट पर जाना होगा। ऑनलाइन पंजीकरण फॉर्म भरने के बाद, आपको आधार कार्ड, खसरा सहित भूमि दस्तावेज, एक घोषणा पत्र, बैंक खाता डिटेल आदि जैसी आवश्यक जानकारी देनी होगी। आवेदन पत्र और दस्तावेज स्वीकृत होने के बाद, आप पीएम कुसुम योजना के लिए पंजीकृत हो जाएंगे। यह योजना ग्रामीण भूमि मालिकों के लिए उनकी सूखी / अनुपयोगी भूमि के उपयोग से 25 वर्षों की अवधि के लिए आय का एक स्थिर और निरंतर स्रोत देगी। इसके अलावा अगर सौर ऊर्जा परियोजना स्थापित करने के लिए खेती वाले क्षेत्रों को चुना जाता है, तो किसान फसल उगाना जारी रख सकते हैं क्योंकि सौर पैनल न्यूनतम ऊंचाई से ऊपर स्थापित किए जाते हैं। यह योजना सुनिश्चित करेगी कि ग्रामीण लोड केंद्रों और कृषि पंप-सेट लोड के लिए पर्याप्त स्थानीय सौर / अन्य नवीकरणीय ऊर्जा आधारित बिजली उपलब्ध हो, जिसके लिए ज्यादातर दिन के समय बिजली की आवश्यकता होती है।
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