नई दिल्ली, फरवरी 8। भारतीय अरबपति कारोबारी गौतम अडानी अब एशिया के सबसे अमीर व्यक्ति बन गए हैं। उन्होंने रिलायंस इंडस्ट्रीज के चेयरमैन मुकेश अंबानी को दौलत के मामले में पीछे छोड़ दिया है। अडानी ने छोटे कमोडिटी ट्रेडिंग बिजनेस को बंदरगाहों, खदानों और ग्रीन एनर्जी तक फैला दिया और कंपनियों का एक समूह खड़ा कर दिया। ब्लूमबर्ग बिलियनेयर्स इंडेक्स के अनुसार 59 वर्षीय अडानी की कुल संपत्ति 88.5 बिलियन डॉलर तक पहुंच गई। ये मुकेश अंबानी की 87.9 बिलियन डॉलर की संपत्ति से अधिक है। बता दें कि अडानी की संपत्ति में इस साल लगभग 12 अरब डॉलर की बढ़ोतरी हुई है। 2022 में अब तक अडानी सबसे अधिक दौलत बढ़ाने वाले व्यक्ति भी हैं।
किन सेक्टरों पर है फोकस
अब अडानी ग्रीन एनर्जी, हवाई अड्डों, डेटा सेंटर्स और डिफेंस कॉन्ट्रैक्टिंग में आगे बढ़ रहे हैं। वे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के राष्ट्र-निर्माण और देश के लंबे समय के आर्थिक लक्ष्यों को पूरा करने के लिए महत्वपूर्ण मानते हैं। कोयला क्षेत्र में भी उनका कारोबार बहुत बढ़ा है। मगर उनकी विवादास्पद ऑस्ट्रेलियाई खदान परियोजना का ग्रेटा थनबर्ग सहित जलवायु एक्टिविस्ट ने विरोध किया था।
शेयरों ने किया कमाल
अडानी समूह की कंपनियां भारतीय एक्सचेंजों पर लिस्ट हैं। इनमें से कुछ कंपनियों के शेयरों ने पिछले दो वर्षों में 600 फीसदी से अधिक की वृद्धि की है। ग्रीन एनर्जी और इंफ्रास्ट्रक्चर में उनके दांव से कंपनियों को फायदा हुआ। पीएम मोदी ने 2.9 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था को फिर से पटरी पर लाने और 2070 तक भारत के नेट-जीरो कार्बन का लक्ष्य रखा है और अडानी इसे पूरा करने के लिए देख रहे हैं।
ऊपर जा सकती है कीमत
अडानी ग्रुप की कंपनियों की कीमत और ऊपर जा सकती है, क्योंकि एमएससीआई इंक ने अपने भारतीय बेंचमार्क इंडेक्स में और अधिक अडानी कंपनियों को शामिल करने का फैसले किया है। साल 2020 अंबानी का साल था। उनके तेल से पेट्रोकेमिकल्स तक फैले ग्रुप ने अरबों डॉलर की संपत्ति बनाई। रिलायंस के पास निवेशकों के रूप में फेसबुक और गूगल तक आए। मगर फिर पेंडुलम अडानी की ओर बढ़ गया है।
ग्रीन एनर्जी पर फोकस
दोनों भारतीय अरबपतियों यानी अंबानी और अडानी अब ग्रीन एनर्जी परियोजनाओं के साथ आगे बढ़ रहे हैं। अंबानी ने इस क्षेत्र में 76 अरब डॉलर खर्च करने की एक बड़ी योजना के तहत अगले तीन वर्षों में 10 अरब डॉलर की प्रतिबद्धता जताई है। अडानी ने अपने समूह को दुनिया का सबसे बड़ा अक्षय-ऊर्जा उत्पादक बनने में मदद करने के लिए 2030 तक कुल 70 बिलियन डॉलर का निवेश करने का वादा किया है।
इन कंपनियों ने किया निवेश
टोटल एसई और वारबर्ग पिंकस एलएलसी जैसी फर्मों ने 2021 में अडानी की कंपनियों में खूब निवेश किया है। इस फ्रांसीसी तेल दिग्गज कंपनी ने जनवरी 2021 में अडानी ग्रीन एनर्जी लिमिटेड का 20 फीसदी और सौर परिसंपत्तियों के पोर्टफोलियो में 50 पीसदी हिस्सेदारी खरीदने के लिए सहमति जताई थी। उस समय अडानी ग्रीन की मार्केट वैल्यू 20 बिलियन डॉलर थी, मगर डील वैल्यू केवल 2.5 बिलियन डॉलर थी। तीन वर्षों में अडानी ने सात हवाई अड्डों और भारत के लगभग एक चौथाई हवाई ट्रेफिक पर नियंत्रण हासिल कर लिया है। उनका समूह अब गैर-राज्य क्षेत्र में देश के सबसे बड़े हवाई अड्डे के संचालक, बिजली जनरेटर और सिटी गैस रिटेलर का मालिक है।
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