नई दिल्ली, अक्टूबर 03। भारत में जिस दर पर नागरिक सोना खरीदते हैं, वह कई चिजों पर निर्भर करती हैं। सोने की दरें अंतरराष्ट्रीय सोने की कीमतों और सोने पर लगने वाले अतिरिक्त करों के मुताबिक ही तय की जाती हैं। हमे कई बार यह सुनने को मिलता है कि दुबई समेत अन्य गल्फ देशो में सोना भारत की तुलमा में काफी सस्ता है। ऐ बात सही भी है। गल्फ कंट्रीज में भारत की एक बहुत बड़ी आबादी रहती है औ ये लोग वहां से सोना खरीद कर भारत लाते भी हैं।
लगता है आयात शुल्क
गल्फ देशों में सोने की दरें भारत की तुलना में काफी सस्ती हैं। नियम के अनुसार भारतीय निवासी जो दुबई या रियाद में 6 महीने से अधिक समय से रह रहे हैं। वे वहा से सोना खरीद कर भारत ला सकते हैं। लेकिन सोने की मात्रा के हिसाब से लोगों को कस्टम ड्यूटी भरनी पड़ती है। चलिए यह समझते हैं की सोने के कितनी मात्रा के आयात पर कस्टम डयूटी लगती है। और इसके क्या नियम हैं।
कितना लगता है आयात शुल्क
सोने की बिस्किट पर 300 रु प्रति 10 ग्राम + 3 प्रतिशत अतिरिक्त टैक्स। अन्य प्रकार के सोने (सिक्के, आभूषण आदि) पर 750 रु. प्रति 10 ग्राम और 3 प्रतिशत अतिरिक्त कर लगता है। हालांकि, एक पुरुष अधिकतम 20 ग्राम सोना ला सकता है और एक महिला दुबई से अधिकतम 40 ग्राम सोना बिना किसी टैक्स के भारत ला सकती है। सोना लाते समय भारतीय लोग सिक्के और बिस्किट पसंद करते हैं। वे भारत में 1 किलो तक सोना ले जा सकते हैं।
सोने के दरों में आई है गिरावट
सोने के गहनों के लिए अतिरिक्त मेकिंग चार्ज लगाया जाएगा, सोने की बिस्किट पर मेकिंग चार्ज नहीं लगता है। पिछले महीने, यूएस फेड द्वारा कई बार ब्याज दरों में बढ़ोतरी के बाद सोने की दरों में काफी गिरावट आई है। लंबे समय में ज्यादा रिटर्न पाने के लिए निवेशक अब कम कीमतों पर सोना खरीद सकते हैं।


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