नयी दिल्ली। हमारे देश में सोने के रेट पर बहुत अधिक निगाह रखी जाती है। सोने की ही तरह सब्जियों की कीमतों पर भी लोगों की खूब नजर रहती है। हालांकि सोने के रेट कितने भी बढ़ जाएं ये चुनावी मुद्दा नहीं बनते। पर सब्जियों के दाम अगर चुनावी मौसम में चढ़ जाएं तो नेताओं को एक अच्छा टॉपिक मिल जाता है। हाल ही में प्याज के दाम 100 रु के करीब पहुंच गए थे। बिहार में आज ही संपन्न हुए विधानसभा चुनावों में प्याज का मुद्दा खूब गर्म रहा। प्याज 100 रु पर पहुंच जाए तो हाहाकार मच जाता है, पर दूसरी तरफ एक और सब्जी है जिसके रेट सोने के बराबर हैं, मगर खाने वाले उसे फिर भी खरीदते हैं। जी हां हम बात कर रहे हैं भारत की सबसे महंगी सब्जी की। आज हम आपको बताएंगे गुच्छी के बारे में, जिसकी कीमत सोने से टक्कर लेती है।
ऐसे ही नहीं मिलती गुच्छी
गुच्छी मशरूम की एक किस्म है, जो हर जगह नहीं उगती। बल्कि ये केवल भारत के पहाड़ी इलाकों में ही उगतीह है और वहीं मिलती है। आम व्यक्ति इसे खरीदने की क्षमता नहीं रखता। बेहद दुर्लभ होने की वजह से गुच्छी की कीमत बहुत ज्यादा है। इसे ढूंढ पाना भी इतना आसान नहीं है। आइए जानते हैं गुच्छी की कीमत।
सोने से टक्कर लेती है कीमत
गुच्छी की कीमत प्रति किलो 30 हजार रु तक है। इस समय सोने के रेट करीब 52 हजार रु प्रति 10 ग्राम हैं। यानी 1 किलो गुच्छी की कीमत करीब 5.5 ग्राम सोने के बराबर है। आखिर गुच्छी है भी तो भारत की सबसे महंगी सब्जी। बता दें कि गुच्छी की खेती संभव नहीं है, क्योंकि ये बर्फबारी के बाद कुछेक इलाकों में ही उगती है। पहाड़ी इलाकों में इसे ढूंढने के लिए लोग जंगलों की खाक छानते फिरते हैं।
कहां-कहां मिलती है गुच्छी
एक रिपोर्ट के अनुसार मशरूम की ये खास प्रजाती यानी गुच्छी जम्मू और कश्मीर, कांगड़ा घाटी, हिमाचल प्रदेश और मनाली के कुछ जंगल वाले इलाकों में उगती है। इस तरह कुछ ही इलाकों और खास समय पर उगने की वजह से गुच्छी की गिनती दुर्लभ सब्जियों में होती है। हालांकि भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी इस खास और दुर्लभ मशरूम का जायका ले चुके हैं।
विदेशी में मांग बहुत
गुच्छी की कीमत आप जान ही चुके हैं। पर ये भी जान लीजिए कि इतनी महंगी होने के बावजूद न सिर्फ भारत बल्कि गुच्छी की मांग विदेशों में भी बहुत अधिक है। इसकी वजह है गुच्छी के औषधीय लाभ। गुच्छी दिल के मरीजों के लिए काफी लाभदायक होती है। ये सब्जी कई पोषक तत्वों से लैस होती है। इन्हीं खास तत्वों के कारण गुच्छी की कीमत इतनी अधिक है।
कंपनियां भी खरीदती हैं
गुच्छी केवल फरवरी से अप्रैल के दौरान ही उगती है। कई होटलों के अलावा कंपनियां इसे खरीद लेती हैं। इसे ढूंढने के साथ-साथ तोड़ना भी बहुत मुश्किल होता है। जो लोग इसे ढूंढते हैं उन्हें तोड़ने के लिए काफी ऊंची जगह पर पहुंचना होता है। न ही ये इतनी आसानी से मिलती है।
इन देशों में डिमांड सबसे ज्यादा
भारत से बाहर जिन देशों में गुच्छी की मांग सबसे अधिक है उनमें अमेरिका के अलावा फ्रांस और इटली के साथ-साथ यूरोप के कई अन्य देश शामिल हैं। बताया जाता है पहाड़ों में तूफान और बिजली गिरने पर ही गुच्छी उगती है। ये किसी अजूबे से कम नहीं है।
एक ही जगह दोबारा नहीं उगती
एक और खास बात इस मशरूम के बारे में बताई जाती है ये एक ही जगह दो बार नहीं उगते। यानी जहां एक बार ये मशरूम उग गया वहां दोबारा कभी नहीं उगता। इसके अलावा गुच्छी मशरूम काफी नाजुक भी होते हैं। इनकी देखभाल बहुत संभल कर की जाती है।
More From GoodReturns

Silver Price Today: 2 अप्रैल को चांदी की कीमतों में भारी गिरावट! जानिए प्रति किलो चांदी का रेट

Silver Price Today: 31 मार्च को चांदी की कीमतों में आई गिरावट! जानिए प्रति किलो चांदी का रेट क्या है?

Gold Rate Today: 2 अप्रैल को भी सोने की कीमतों में उतार-चढ़ाव जारी! जानिए 24k, 22k,18k गोल्ड रेट क्या है?

Silver Price Today: 30 मार्च को चांदी का भाव सस्ता हुआ या महंगा? जानें प्रति किलो चांदी का रेट

Silver Price Today: 1 अप्रैल को चांदी की कीमतों में उतार-चढ़ाव जारी! जानिए प्रति किलो चांदी का भाव

Gold Rate Today: महीने के आखिरी दिन 31 मार्च को सोने की कीमतों में बड़ा बदलाव! जानिए 24k, 22k गोल्ड रेट

एमपी-यूपी सहयोग सम्मेलन: साझा विरासत के साथ आगे बढ़ रहे मध्यप्रदेश-उत्तर प्रदेश, निवेश और विकास पर बनी सहमति

LPG Cylinder Price Hike: युद्ध के बीच बड़ा झटका! आज से एलपीजी सिलेंडर के दाम ₹218 तक बढ़े

Bank holiday Today: महावीर जयंती पर आज बैंक खुला रहेगा या बंद? जाने से पहले चेक करें RBI हॉलिडे लिस्ट

Gujarat News: सताधार धाम बना आत्मनिर्भरता का प्रतीक, रोजाना 10 हजार श्रद्धालुओं का भोजन बायोगैस पर तैयार

कानूनी प्रक्रिया से ही तय हुआ JAL का भविष्य: Adani की जीत पर मुहर, CoC की ‘कमर्शियल विजडम’ सर्वोपरि



Click it and Unblock the Notifications